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धोबीघाट : आरओबी भार धारण क्षमता की जांच शुरू, आज आएगी रिपोर्ट
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धोबीघाट : आरओबी भार धारण क्षमता की जांच शुरू, आज आएगी रिपोर्ट
गाजियाबाद। धोबीघाट आरओबी पर रविवार को रेलवे ट्रैक के ऊपर रखे 76.5 मीटर लंबे दो धनुषाकार गर्डर की भार धारण क्षमता की जांच शुरू हो गई है। 36 घंटे में जांच पूरी होने के साथ ही आज (सोमवार) रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। हालांकि अभी आरओबी के दोनों तरफ पांच फीसदी काम बच रहा है, जिसके दो से तीन दिन में पूरा होने की संभावना है। आरओबी शुरू होने से लाइन पार क्षेत्र की लगभग छह लाख आबादी को आवागमन में आसानी हो जाएगी। दीपावली तक उद्घाटन भी किया जा सकता है।
जीडीए के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि बिना पुलिस चौकी हटाए कार्य पूरा होगा, बाद में पीडब्ल्यूडी और रेलवे की सहमति से पुलिस चौकी स्थानांतरित की जाएगी। अभी आरओबी शुरू होने पर चौधरी मोड़ से विजय नगर जाने वाले वाहन चौकी के बाई तरफ से होकर जाएंगे, जबकि विजय नगर से आने वाले वाहन पुलिस चौकी के पीछे रेलवे स्टेशन की तरफ होकर निकलेंगे।
40 साल पहले शुरू हुई थी आरओबी की मांग
विजय नगर से शहर को जोड़ने के लिए 40 साल पहले 1982 में इस आरओबी की मांग शुरू हुई थी। 2014 में सांसद वीके सिंह ने योजना पर काम शुरू कराया और 26 जून 2016 को आरओबी बनाने का शिलान्यास किया। दो साल में इसे तैयार करना था लेकिन कोरोना संक्रमण में लॉक डाउन, विजय नगर में जमीन विवाद को लेकर ढाई साल तक सेना ने यहां काम नहीं होने दिया था। वीके सिंह के निर्देश पर अप्रैल 2022 में पैमाइश हुई, इसके बाद स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य रेलवे की जमीन पर चल रहा है। इसके बावजूद सेना के अधिकारियों ने पैमाइश रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किया। एक महीने पहले मौके पर पहुंचकर सेना के अधिकारियों ने सड़क बनाने का काम बंद करा दिया था। केंद्र के हस्तक्षेप के बाद सेना ने जांच रिपोर्ट की जांच कर निर्माण की अनुमति दी। इसके अलावा चौधरी मोड़ की तरफ छह पेड़ काटने की अनुमति को लेकर भी काम अधर में लटक गया था।
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2016 से शुरू हुआ था आरओबी का कार्य
शिलान्यास हुआ 24 जून 2016
टेंडर हुआ दिसंबर 2016
पहली डेडलाइन 22 जून 2018
दूसरी डेडलाइन 30 जून 2019
तीसरी डेडलाइन 30 मार्च 2020
चौथी डेडलाइन 30 दिसंबर 2020
पांचवी डेडलाइन 30 मई 2021
छठी डेडलाइन 30 दिसंबर 2021
सातवीं डेडलाइन 30 मार्च 2022
आठवीं डेडलाइन 30 जून 2022
नौवीं डेडलाइन 30 सितंबर 2022
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गाजियाबाद। धोबीघाट आरओबी पर रविवार को रेलवे ट्रैक के ऊपर रखे 76.5 मीटर लंबे दो धनुषाकार गर्डर की भार धारण क्षमता की जांच शुरू हो गई है। 36 घंटे में जांच पूरी होने के साथ ही आज (सोमवार) रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। हालांकि अभी आरओबी के दोनों तरफ पांच फीसदी काम बच रहा है, जिसके दो से तीन दिन में पूरा होने की संभावना है। आरओबी शुरू होने से लाइन पार क्षेत्र की लगभग छह लाख आबादी को आवागमन में आसानी हो जाएगी। दीपावली तक उद्घाटन भी किया जा सकता है।
जीडीए के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि बिना पुलिस चौकी हटाए कार्य पूरा होगा, बाद में पीडब्ल्यूडी और रेलवे की सहमति से पुलिस चौकी स्थानांतरित की जाएगी। अभी आरओबी शुरू होने पर चौधरी मोड़ से विजय नगर जाने वाले वाहन चौकी के बाई तरफ से होकर जाएंगे, जबकि विजय नगर से आने वाले वाहन पुलिस चौकी के पीछे रेलवे स्टेशन की तरफ होकर निकलेंगे।
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40 साल पहले शुरू हुई थी आरओबी की मांग
विजय नगर से शहर को जोड़ने के लिए 40 साल पहले 1982 में इस आरओबी की मांग शुरू हुई थी। 2014 में सांसद वीके सिंह ने योजना पर काम शुरू कराया और 26 जून 2016 को आरओबी बनाने का शिलान्यास किया। दो साल में इसे तैयार करना था लेकिन कोरोना संक्रमण में लॉक डाउन, विजय नगर में जमीन विवाद को लेकर ढाई साल तक सेना ने यहां काम नहीं होने दिया था। वीके सिंह के निर्देश पर अप्रैल 2022 में पैमाइश हुई, इसके बाद स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य रेलवे की जमीन पर चल रहा है। इसके बावजूद सेना के अधिकारियों ने पैमाइश रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किया। एक महीने पहले मौके पर पहुंचकर सेना के अधिकारियों ने सड़क बनाने का काम बंद करा दिया था। केंद्र के हस्तक्षेप के बाद सेना ने जांच रिपोर्ट की जांच कर निर्माण की अनुमति दी। इसके अलावा चौधरी मोड़ की तरफ छह पेड़ काटने की अनुमति को लेकर भी काम अधर में लटक गया था।
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2016 से शुरू हुआ था आरओबी का कार्य
शिलान्यास हुआ 24 जून 2016
टेंडर हुआ दिसंबर 2016
पहली डेडलाइन 22 जून 2018
दूसरी डेडलाइन 30 जून 2019
तीसरी डेडलाइन 30 मार्च 2020
चौथी डेडलाइन 30 दिसंबर 2020
पांचवी डेडलाइन 30 मई 2021
छठी डेडलाइन 30 दिसंबर 2021
सातवीं डेडलाइन 30 मार्च 2022
आठवीं डेडलाइन 30 जून 2022
नौवीं डेडलाइन 30 सितंबर 2022