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Ghaziabad: अभी तक येलो फंगस के मिले 88 मरीज, 42 का हुआ ऑपरेशन
Wed, 05 Oct 2022 01:33 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2022 01:33 AM IST
सार
नाक-कान गला विशेषज्ञ डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि उनके पास रोजाना आठ से 10 मरीज येलो फंगस के आ रहे हैं। येलो फंगस का संक्रमण नाक और कान में हो रहा है। यह समस्या उनको ही हो रही है जो कोरोना संक्रमण से गुजर चुके हैं और जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है।
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- फोटो : istock
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विस्तार
गाजियाबाद में निजी अस्पतालों में रोजाना येलो फंगस के मामले आ रहे हैं। 22 दिनों में जिले में येलो फंगस के 88 मामले सामने आए हैं जिसमें से 42 का ऑपरेशन कराना पड़ा है। हालांकि, सरकारी अस्पतालों में अभी तक कोई मरीज नहीं मिला है और स्वास्थ्य विभाग येलो फंगस होने से इनकार कर रहा है।
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नाक-कान गला विशेषज्ञ डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि उनके पास रोजाना आठ से 10 मरीज येलो फंगस के आ रहे हैं। येलो फंगस का संक्रमण नाक और कान में हो रहा है। यह समस्या उनको ही हो रही है जो कोरोना संक्रमण से गुजर चुके हैं और जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है।
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उन्होंने बताया इसके लक्षण हैं नाक-कान में भारीपन, नाक कान के आसपास सुन्न होना, कान में तेज दर्द होता है। शुरुआती दौर में दवाओं से ठीक किया जा सकता है लेकिन नजरअंदाज करने पर ऑपरेशन की नौबत आ जाती है।
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