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आक्रामक कुत्ता पालें तो जरूर दिलाएं प्रशिक्षण
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आक्रामक कुत्ता पालें तो जरूर दिलाएं प्रशिक्षण
गाजियाबाद। लखनऊ में आक्रामक हुए पिटबुल प्रजाति के कुत्ते के हमले से हुई महिला की मौत के बाद गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। निगम के उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने शहर के लोगों से अपील की है कि पिटबुल, हस्की, डॉबर मैन और रॉट विलर जैसी आक्रामक प्रजाति का कुत्ता पाले तो उन्हें ट्रेनिंग जरूर दिला लें। उन्होंने कहा कि ऐसे कुत्तों को सड़क पर घुमाते हुए उनके मुंह पर जाली भी लगा लें, ताकि हादसा न हो।
उनका कहना है कि प्रदेश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिसमें कुत्तों ने मालिकों पर ही हमला कर घायल कर दिया। उन्होंने कुत्ता पालने वालों से अपील की है कि आक्रामक प्रजाति के कुत्तों को न सिर्फ ट्रेनिंग दिला लें, बल्कि घुमाते वक्त भी उन्हें काबू में रखे। उन्होंने कुत्तों के नियमित टीकाकरण और पंजीकरण कराने की भी अपील की। डॉ. अनुज सिंह का कहना है कि प्रत्येक पालतू कुत्ते का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। निगम की ओर से अब पंजीकरण शुल्क एक हजार से घटाकर महज 200 रुपये कर दिया गया है। उनका कहना है कि पंजीकरण नवीनीकरण के लिए भी अब महज 100 रुपये देने होंगे। उनका कहना है कि अगर कुत्ता पालने वाले उनका पंजीकरण नगर निगम में नहीं कराएंगे तो सूचना मिलने पर न केवल कुत्ते को जब्त कर लिया जाएगा, बल्कि 5 हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। उनका कहना है कि देसी प्रजाति के असहाय और बीमार कुत्तों का पंजीकरण निशुल्क किया जाएगा। एक व्यक्ति अधिकतम ऐसे दो देसी कुत्तों का पंजीकरण निशुल्क करा सकता है। उन्हें निगम आकर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर पंजीकरण कराना होगा।
यह हैं कुत्तों की आक्रामक प्रजाति
पिटबुल - सबसे आक्रामक और 41 देशों में पालने पर रोक लग चुकी है।
रोटविलर - बेहतर गार्ड डॉग है, लेकिन कई देशों में इस नस्ल को पालने पर भी प्रतिबंध लग चुका है।
जर्मन शेफर्ड - इस ब्रीड का इस्तेमाल ज्यादातर पुलिस और बचाव दल में होता है। ट्रेंड कराने के बाद बेहतर।
डॉबर मैन - इस आक्रामक ब्रीड का इस्तेमाल भी पुलिस करती है, लेकिन अब धीरे-धीरे इसे पालना कम हो गया है।
चाउ-चाउ - चीन में पाई जाने वाली इस नस्ल को भारत में भी पाला जाता है। दिखने में शांत लेकिन बेहद खतरनाक होते हैं।
साइबेरियन हस्की - यह दिखने में सुंदर और भेड़िया की तरह के होते हैं, बेहद आक्रामक होते हैं।
बुलमैस्टीफ - यह दिखने में कुछ पिटबुल की तरह होते हैं, आक्रामकता में उससे कम होते हैं।
मालाम्यूट - यह ब्रीड उत्तरी अमेरिका में मिलती है और भेड़ियों की तरह दिखती है। इंटेलीजेंट के साथ-साथ आक्रामक भी होते हैं।
बॉक्सर - इन्हें शिकारी कुत्ता भी कहा जाता है। सिक्योरिटी के लिए अच्छे लेेकिन कई बार पालने वालों पर अटैक कर देते हैं।
ग्रेटडेन - बेहद आक्रामक इस नस्ल को ट्रेनिंग के बाद ही पाला जाता है। बेकाबू होने के बाद संभालना मुश्किल।
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गाजियाबाद। लखनऊ में आक्रामक हुए पिटबुल प्रजाति के कुत्ते के हमले से हुई महिला की मौत के बाद गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी भी सतर्क हो गए हैं। निगम के उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने शहर के लोगों से अपील की है कि पिटबुल, हस्की, डॉबर मैन और रॉट विलर जैसी आक्रामक प्रजाति का कुत्ता पाले तो उन्हें ट्रेनिंग जरूर दिला लें। उन्होंने कहा कि ऐसे कुत्तों को सड़क पर घुमाते हुए उनके मुंह पर जाली भी लगा लें, ताकि हादसा न हो।
उनका कहना है कि प्रदेश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिसमें कुत्तों ने मालिकों पर ही हमला कर घायल कर दिया। उन्होंने कुत्ता पालने वालों से अपील की है कि आक्रामक प्रजाति के कुत्तों को न सिर्फ ट्रेनिंग दिला लें, बल्कि घुमाते वक्त भी उन्हें काबू में रखे। उन्होंने कुत्तों के नियमित टीकाकरण और पंजीकरण कराने की भी अपील की। डॉ. अनुज सिंह का कहना है कि प्रत्येक पालतू कुत्ते का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। निगम की ओर से अब पंजीकरण शुल्क एक हजार से घटाकर महज 200 रुपये कर दिया गया है। उनका कहना है कि पंजीकरण नवीनीकरण के लिए भी अब महज 100 रुपये देने होंगे। उनका कहना है कि अगर कुत्ता पालने वाले उनका पंजीकरण नगर निगम में नहीं कराएंगे तो सूचना मिलने पर न केवल कुत्ते को जब्त कर लिया जाएगा, बल्कि 5 हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। उनका कहना है कि देसी प्रजाति के असहाय और बीमार कुत्तों का पंजीकरण निशुल्क किया जाएगा। एक व्यक्ति अधिकतम ऐसे दो देसी कुत्तों का पंजीकरण निशुल्क करा सकता है। उन्हें निगम आकर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर पंजीकरण कराना होगा।
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यह हैं कुत्तों की आक्रामक प्रजाति
पिटबुल - सबसे आक्रामक और 41 देशों में पालने पर रोक लग चुकी है।
रोटविलर - बेहतर गार्ड डॉग है, लेकिन कई देशों में इस नस्ल को पालने पर भी प्रतिबंध लग चुका है।
जर्मन शेफर्ड - इस ब्रीड का इस्तेमाल ज्यादातर पुलिस और बचाव दल में होता है। ट्रेंड कराने के बाद बेहतर।
डॉबर मैन - इस आक्रामक ब्रीड का इस्तेमाल भी पुलिस करती है, लेकिन अब धीरे-धीरे इसे पालना कम हो गया है।
चाउ-चाउ - चीन में पाई जाने वाली इस नस्ल को भारत में भी पाला जाता है। दिखने में शांत लेकिन बेहद खतरनाक होते हैं।
साइबेरियन हस्की - यह दिखने में सुंदर और भेड़िया की तरह के होते हैं, बेहद आक्रामक होते हैं।
बुलमैस्टीफ - यह दिखने में कुछ पिटबुल की तरह होते हैं, आक्रामकता में उससे कम होते हैं।
मालाम्यूट - यह ब्रीड उत्तरी अमेरिका में मिलती है और भेड़ियों की तरह दिखती है। इंटेलीजेंट के साथ-साथ आक्रामक भी होते हैं।
बॉक्सर - इन्हें शिकारी कुत्ता भी कहा जाता है। सिक्योरिटी के लिए अच्छे लेेकिन कई बार पालने वालों पर अटैक कर देते हैं।
ग्रेटडेन - बेहद आक्रामक इस नस्ल को ट्रेनिंग के बाद ही पाला जाता है। बेकाबू होने के बाद संभालना मुश्किल।