{"_id":"62b6117884d82775ea7744d6","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd2405454106","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रांड ट्रंक रोड बनेगी राष्ट्रीय राजमार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रांड ट्रंक रोड बनेगी राष्ट्रीय राजमार्ग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रांड ट्रंक रोड बनेगी राष्ट्रीय राजमार्ग
गाजियाबाद। ज्ञानी बॉर्डर से लालकुआं तक 15 किलोमीटर लंबी ग्रांड ट्रंक (जीटी) रोड जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्ग में बदल जाएगी। इसी के साथ इसका चौड़ीकरण किया जाएगा। अवैध कंट बंद करा दिए जाएंगे। जलनिकासी का इंतजाम भी बेहतर किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग इस मार्ग को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के हवाले कर देगा। दोनों विभागों में सहमति बन चुकी है। प्रस्ताव सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया गया है।
केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह की पहल पर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। वह इसी महकमे के मंत्री है, इसलिए उम्मीद है कि स्वीकृति में देरी नहीं होगी। इसकी आवश्यक्ता इसलिए महसूस हुई क्योंकि जीटी रोड पर वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा है। कभी भी ट्रैफिक जाम हो जाता है। जल निकासी के इंतजाम भी ठीक नहीं है, इसलिए बारिश होते ही पानी भर जाता है।
लालकुआं से ज्ञानी बॉर्डर के बीच में बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र, लोहा मंडी सहित कई औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र आते हैं। जीटी रोड पर पड़ने वाले चौधरी मोड़, रेलवे रोड, घंटाघर, मेरठ रोड तिराहा और मोहननगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है। एनएचएआई को मिल जाने के बाद उसी के मानकों पर सड़क तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
फुटपाथ बनेंगे, ट्रैफिक लाइट लगेंगी
जीटी रोड के दोनों तरफ फुटपाथ नहीं है। न ही ट्रैफिक लाइटें लगी हैं। हाईवे बन जाने पर ये सुविधाएं मिल सकेंगी। जगह-जगह जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएगी। बिजली की लाइनों को भूमिगत किया जा सकता है। सबसे पहला काम मार्ग से अतिक्रमण हटाने का होगा। इसके बाद चौड़ीकरण किया जाएगा।
रिपोर्ट में अतिक्रमण नहीं
पीडब्ल्यूडी की ओर से एनएचएआई को मार्ग हस्तांतरित करने के लिए भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट में जीटी रोड पर कोई अतिक्रमण नहीं होने की बात कही गई है लेकिन हकीकत में स्थिति बिल्कुल उलट है। मेरठ तिराहे से लालकुआं तक कई जगह अतिक्रमण देखा जा सकता है।
कराए जाएगा मार्ग का सर्वे
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के मार्ग पर बिजली की लाइनों, सीवर लाइनों, नाली-नालों सहित अन्य सुविधाओं की पड़ताल के लिए सर्वे किया जाएगा। मार्ग हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय को भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद मार्ग के चौड़ीकरण सहित विकास संबंधी अन्य कार्यों को शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
गाजियाबाद। ज्ञानी बॉर्डर से लालकुआं तक 15 किलोमीटर लंबी ग्रांड ट्रंक (जीटी) रोड जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्ग में बदल जाएगी। इसी के साथ इसका चौड़ीकरण किया जाएगा। अवैध कंट बंद करा दिए जाएंगे। जलनिकासी का इंतजाम भी बेहतर किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग इस मार्ग को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के हवाले कर देगा। दोनों विभागों में सहमति बन चुकी है। प्रस्ताव सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दिया गया है।
केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह की पहल पर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। वह इसी महकमे के मंत्री है, इसलिए उम्मीद है कि स्वीकृति में देरी नहीं होगी। इसकी आवश्यक्ता इसलिए महसूस हुई क्योंकि जीटी रोड पर वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा है। कभी भी ट्रैफिक जाम हो जाता है। जल निकासी के इंतजाम भी ठीक नहीं है, इसलिए बारिश होते ही पानी भर जाता है।
विज्ञापन
लालकुआं से ज्ञानी बॉर्डर के बीच में बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र, लोहा मंडी सहित कई औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र आते हैं। जीटी रोड पर पड़ने वाले चौधरी मोड़, रेलवे रोड, घंटाघर, मेरठ रोड तिराहा और मोहननगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है। एनएचएआई को मिल जाने के बाद उसी के मानकों पर सड़क तैयार की जाएगी।
विज्ञापन
फुटपाथ बनेंगे, ट्रैफिक लाइट लगेंगी
जीटी रोड के दोनों तरफ फुटपाथ नहीं है। न ही ट्रैफिक लाइटें लगी हैं। हाईवे बन जाने पर ये सुविधाएं मिल सकेंगी। जगह-जगह जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएगी। बिजली की लाइनों को भूमिगत किया जा सकता है। सबसे पहला काम मार्ग से अतिक्रमण हटाने का होगा। इसके बाद चौड़ीकरण किया जाएगा।
रिपोर्ट में अतिक्रमण नहीं
पीडब्ल्यूडी की ओर से एनएचएआई को मार्ग हस्तांतरित करने के लिए भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट में जीटी रोड पर कोई अतिक्रमण नहीं होने की बात कही गई है लेकिन हकीकत में स्थिति बिल्कुल उलट है। मेरठ तिराहे से लालकुआं तक कई जगह अतिक्रमण देखा जा सकता है।
कराए जाएगा मार्ग का सर्वे
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार का कहना है कि पीडब्ल्यूडी के मार्ग पर बिजली की लाइनों, सीवर लाइनों, नाली-नालों सहित अन्य सुविधाओं की पड़ताल के लिए सर्वे किया जाएगा। मार्ग हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय को भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद मार्ग के चौड़ीकरण सहित विकास संबंधी अन्य कार्यों को शुरू किया जाएगा।