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पार्किंग शुल्क का बोझ अब नहीं बढ़ेगा, स्मार्ट पार्किंग का टेंडर निरस्त
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पार्किंग शुल्क का बोझ अब नहीं बढ़ेगा, स्मार्ट पार्किंग का टेंडर निरस्त
गाजियाबाद। शहर के लोगों पर अब पार्किंग शुल्क का बोझ नहीं बढ़ेगा। नगर निगम बोर्ड बैठक में विरोध के बाद पार्किंग प्रभारी ने इंटिग्रेटेड स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के लिए जारी किया गया टेंडर निरस्त कर दिया है। अब पहले की तरह हर पार्किंग स्टैंड के लिए नगर निगम अलग से ठेका छोड़ेगा।
नगर निगम के पार्किंग विभाग के अधिकारियों ने पूरे शहर में पार्किंग का ठेका एक फर्म को देने की प्लानिंग की थी। इसमें कार और दुपहिया वाहन पार्किंग और सड़कों किनारे खड़े होने वाले मालवाहक वाहनों की पार्किंग को एक साथ शामिल कर दिया गया था। यही नहीं फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए नगर निगम ने पार्किंग शुल्क भी पांच गुना तक बढ़ा दिया था और ठेका संचालक को नो पार्किंग जोन में से वाहनों को खींचने का अधिकार भी देने की प्लानिंग की गई थी। नगर निगम बोर्ड बैठक में इस पर पार्षदों ने जबरदस्त विरोध किया था और प्रस्ताव को बहुमत से निरस्त कर दिया गया था। हालांकि निगम अधिकारियों ने पार्किंग स्टैंड से होने वाली आय में बढ़ोतरी होने का दावा कर इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, लेकिन निगम बोर्ड इस पर सहमत नहीं हुआ। ऐसे में अब बैठक की मीनिट्स तैयार होने के बाद पार्किंग प्रभारी संजीव कुमार सिन्हा ने टेंडर को निरस्त कर दिया है। उनका कहना है कि यह टेंडर 14 जून को खोला जाना था और जून महीने में ही इसकी प्रक्रिया पूरी की जानी थी।
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गाजियाबाद। शहर के लोगों पर अब पार्किंग शुल्क का बोझ नहीं बढ़ेगा। नगर निगम बोर्ड बैठक में विरोध के बाद पार्किंग प्रभारी ने इंटिग्रेटेड स्मार्ट पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के लिए जारी किया गया टेंडर निरस्त कर दिया है। अब पहले की तरह हर पार्किंग स्टैंड के लिए नगर निगम अलग से ठेका छोड़ेगा।
नगर निगम के पार्किंग विभाग के अधिकारियों ने पूरे शहर में पार्किंग का ठेका एक फर्म को देने की प्लानिंग की थी। इसमें कार और दुपहिया वाहन पार्किंग और सड़कों किनारे खड़े होने वाले मालवाहक वाहनों की पार्किंग को एक साथ शामिल कर दिया गया था। यही नहीं फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए नगर निगम ने पार्किंग शुल्क भी पांच गुना तक बढ़ा दिया था और ठेका संचालक को नो पार्किंग जोन में से वाहनों को खींचने का अधिकार भी देने की प्लानिंग की गई थी। नगर निगम बोर्ड बैठक में इस पर पार्षदों ने जबरदस्त विरोध किया था और प्रस्ताव को बहुमत से निरस्त कर दिया गया था। हालांकि निगम अधिकारियों ने पार्किंग स्टैंड से होने वाली आय में बढ़ोतरी होने का दावा कर इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, लेकिन निगम बोर्ड इस पर सहमत नहीं हुआ। ऐसे में अब बैठक की मीनिट्स तैयार होने के बाद पार्किंग प्रभारी संजीव कुमार सिन्हा ने टेंडर को निरस्त कर दिया है। उनका कहना है कि यह टेंडर 14 जून को खोला जाना था और जून महीने में ही इसकी प्रक्रिया पूरी की जानी थी।
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