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कचहरी को छावनी बनाकर किया आतंकी के गुनाहों का हिसाब
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कचहरी को छावनी बनाकर किया आतंकी के गुनाहों का हिसाब
गाजियाबाद। आतंकी वलीउल्लाह को उसके गुनाह की सजा सुनाए जाने से पहले ही कचहरी की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई। दोपहर दो बजे सजा पर बहस शुरू होते ही चार में से तीन रास्ते बंद कर दिए गए। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई। हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जाने लगी। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्कवैड भी बुला लिए गए। खुफिया एजेंसियों ने सुबह से ही डेरा डाल रखा था।
वलीउल्लाह को सजा सुनाए जाने की तारीख पहले से मुकर्रर थी। इसलिए, पुलिस सुबह से अलर्ट हो गई। आतंकी को बेहद कड़ी सुरक्षा में डासना जेल से सुबह दस बजे कचहरी लाया गया। इसी के साथ पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) कचहरी में तैनात कर दी गई। मुख्य द्वार से लेकर जिला जज की कोर्ट तक पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। दोपहर दो बजे यह सख्ती और बढ़ गई। पुलिस के अधिकारी खुद कचहरी आकर सुरक्षा का जायजा लेते रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में वादी और बचाव पक्ष के अलावा किसी भी अधिवक्ता के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया था। दमकल की गाड़ी भी बुला ली गई।
अदालत और हवालात के रास्ते कर दिए गए थे बंद
कचहरी की ओर जाने वाले चार में से तीन रास्तों से आवागमन दोपहर बाद दो बजे से पहले ही पूरी तरह बंद कर दिया गया था। हवालात की तरफ भी सिर्फ पुलिस कर्मियों का आवागमन था। एक रास्ते से चेकिंग के बाद ही लोगों को कचहरी में प्रवेश करने दिया जा रहा था। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि एसपी सिटी प्रोटोकाल सुभाष चंद्र गंगवार, सीओ कविनगर अवनीश कुमार को सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था। एसएचओ कविनगर आनंद प्रकाश मिश्र और एसओ मधुबन बापूधाम मुनेश सिंह के साथ दोनों थानों के जवान समेत 100 से अधिक पुलिसकर्मी न्यायालय परिसर के चप्पे-चप्पे पर तैनात थे।
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सुबह दस बजे - वलीउल्लाह को कोर्ट में पेश किया गया
दोपहर 12 बजे - पुलिस ने कचहरी में चेकिंग अभियान चलाया।
दोपहर दो बजे - आतंकी की सजा पर कोर्ट में बहस शुरू हुई।
शाम चार बजे - आतंकी को कोर्ट ने सजा ए मौत सुनाई।
शाम साढ़े चार बजे - आतंकी को वापस डासना जेल ले जाया गया।
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गाजियाबाद। आतंकी वलीउल्लाह को उसके गुनाह की सजा सुनाए जाने से पहले ही कचहरी की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई। दोपहर दो बजे सजा पर बहस शुरू होते ही चार में से तीन रास्ते बंद कर दिए गए। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई। हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जाने लगी। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्कवैड भी बुला लिए गए। खुफिया एजेंसियों ने सुबह से ही डेरा डाल रखा था।
वलीउल्लाह को सजा सुनाए जाने की तारीख पहले से मुकर्रर थी। इसलिए, पुलिस सुबह से अलर्ट हो गई। आतंकी को बेहद कड़ी सुरक्षा में डासना जेल से सुबह दस बजे कचहरी लाया गया। इसी के साथ पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) कचहरी में तैनात कर दी गई। मुख्य द्वार से लेकर जिला जज की कोर्ट तक पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। दोपहर दो बजे यह सख्ती और बढ़ गई। पुलिस के अधिकारी खुद कचहरी आकर सुरक्षा का जायजा लेते रहे। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में वादी और बचाव पक्ष के अलावा किसी भी अधिवक्ता के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया था। दमकल की गाड़ी भी बुला ली गई।
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अदालत और हवालात के रास्ते कर दिए गए थे बंद
कचहरी की ओर जाने वाले चार में से तीन रास्तों से आवागमन दोपहर बाद दो बजे से पहले ही पूरी तरह बंद कर दिया गया था। हवालात की तरफ भी सिर्फ पुलिस कर्मियों का आवागमन था। एक रास्ते से चेकिंग के बाद ही लोगों को कचहरी में प्रवेश करने दिया जा रहा था। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि एसपी सिटी प्रोटोकाल सुभाष चंद्र गंगवार, सीओ कविनगर अवनीश कुमार को सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था। एसएचओ कविनगर आनंद प्रकाश मिश्र और एसओ मधुबन बापूधाम मुनेश सिंह के साथ दोनों थानों के जवान समेत 100 से अधिक पुलिसकर्मी न्यायालय परिसर के चप्पे-चप्पे पर तैनात थे।
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सुबह दस बजे - वलीउल्लाह को कोर्ट में पेश किया गया
दोपहर 12 बजे - पुलिस ने कचहरी में चेकिंग अभियान चलाया।
दोपहर दो बजे - आतंकी की सजा पर कोर्ट में बहस शुरू हुई।
शाम चार बजे - आतंकी को कोर्ट ने सजा ए मौत सुनाई।
शाम साढ़े चार बजे - आतंकी को वापस डासना जेल ले जाया गया।