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भुगतान में लापरवाही : पूर्व लेखाधिकारी और अपर नगरायुक्त से जवाब तलब

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 12:54 AM IST
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भुगतान में लापरवाही : पूर्व लेखाधिकारी और अपर नगरायुक्त से जवाब तलब
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गाजियाबाद। नगर निगम के डलावघरों पर 115 सीसीटीवी कैमरे लगाने, आरएफआईडी कार्ड बनाने और बायोमीट्रिक मशीन लगाने का भुगतान न किए जाने पर जांच में फंसे अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती है। नगर विकास विभाग के उप सचिव बृजेंद्र सिंह ने पूर्व अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार व पूर्व लेखाधिकारी अरुण कुमार मिश्रा से जवाब तलब किया है। शासन ने माना है कि दोनों अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह नहीं किया और पत्रावली को एक जगह से दूसरी जगह भेज दिया। जवाब न देने पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है।

वर्ष 2018 में नगर निगम में दिल्ली की एक फर्म आनंद कंप्यूटर्स को सीसीटीवी कैमरे लगवाने, कर्मचारियों की हाजिरी के लिए 50 बायोमीट्रिक मशीनें लगवाने, 4000 हजार कर्मचारियों के परिचय पत्र बनवाने और आरएफआईडी कार्ड बनवाने के लिए कार्यादेश जारी किया था। यह काम 9.84 लाख रुपये में किया जाना था। फर्म प्रोपराइटर जितिन प्रसाद ने अधिकारियों पर भुगतान करने की एवज में सुविधा शुल्क की मांग करने और न देने पर भुगतान रोक देने का आरोप लगाया था। उनकी शिकायत पर इस मामले में विजिलेंस जांच चल रही है। इसमें तत्कालीन कार्यवाहक नगर स्वास्थ्य अधिकारी, स्टोर प्रभारी, वर्तमान नगर स्वास्थ्य अधिकारी समेत कई अधिकारी फंसे हुए हैं। इस मामले में तत्कालीन लेखाधिकारी अरुण कुमार मिश्रा और तत्कालीन वरिष्ठ स्वास्थ्य प्रभारी व अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार की लापरवाही भी सामने आई है। शासन की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि इन दोनों अधिकारियों के पास भुगतान की पत्रावली पहुंची थी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि तत्कालीन प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी वीरेंद्र पाल शर्मा के पास भेज दी। शासन ने माना कि इस प्रकरण में दोनों अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसकी वजह से भुगतान का मामला अटका। शासन ने पत्र में कहा है कि क्यों न आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। अब दोनों अधिकारियों को 15 दिन में शासन को स्पष्टीकरण देना होगा।
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