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सही जानकारी न देने पर अटके 8500 के पासपोर्ट
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सही जानकारी न देने पर अटके 8500 के पासपोर्ट
गाजियाबाद। अगर आप पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं तो आवेदन फॉर्म में सभी जानकारी सहीं होनी चाहिए। जरा सी भी गलती मिली नहीं कि पासपोर्ट अटका नहीं। ऐसे 8500 लोगों की फाइल पर ब्रेक लग गया है। किसी ने घर का पता सही नहीं लिखा तो किसी ने वैवाहिक स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी। पासपोर्ट लोक अदालत में ये लोग त्रुटि सुधारने के लिए आ रहे हैं।
2021 और 2022 की कुल 17 हजार फाइलें क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में लंबित हैं। इनमें 50 फीसदी यानी 8500 के आवेदन फॉर्म में कोई कमी या गलती मिली है। 3500 फाइलों में पुलिस ने विपरीत रिपोर्ट दी है। ये ऐसे मामले हैं जिनमें आवेदक बताए गए पते पर नहीं मिला। ये ऐसे लोग हैं जो किराए पर रहते हैं। आवेदन करते समय जिस मकान में थे, सत्यापन के समय वहां नहीं थे। कहीं और जाकर रहने लगे। कुछ केस ऐसे हैं जिनमें मूल पते के लिए जो दस्तावेज लगाए, वे सही नहीं मिले ।
इनके अलावा 2500 मामले ऐसे हैं जिनमें आवेदन करने वालों ने वैवाहिक स्थिति की जानकारी नहीं दी। किसी ने कॉलम खाली छोड़ दिया तो किसी ने उसके आगे क्रॉस का निशान लगा दिया। इसमें स्पष्ट रूप से लिखना था कि विवाहित, अविवाहित, तलाकशुदा में से क्या हैं। पांच सौ से ज्यादा मामलों में आवेदन फॉर्म में लिखा नाम और इसके साथ लगाए गए आधार कार्ड या पेन कॉर्ड में दिया गया नाम का मिलान नहीं हुआ।
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पहले दिन 352 मामले निपटे
पहले दिन पासपोर्ट लोक अदालत में गाजियाबाद सहित हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, बागपत व अन्य जनपदों के 352 पासपोर्ट आवेदकों की पासपोर्ट से जुड़ी विभिन्न दिक्कतों का समाधान किया गया। ऐसे में शनिवार को दूसरे दिन बड़ी संख्या में पासपोर्ट आवेदकों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
तीन सप्ताह तक लगेगी पासपोर्ट लोक अदालत
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सुब्रतो हाजरा ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन के लंबित मामलों को निपटाने के लिए आगामी तीन सप्ताह और लोक अदालत लगाने का निर्णय लिया गया है। आगामी सप्ताह में भी शुक्रवार और शनिवार को लोक अदालत लगाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर तिथि में बदलाव ही दशा में सूचित किया जाएगा। लोक अदालत के बावजूद अगर आवेदक समाधान के लिए नहीं आते हैं तो बीते साल की फाइलों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ेगा।
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गाजियाबाद। अगर आप पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं तो आवेदन फॉर्म में सभी जानकारी सहीं होनी चाहिए। जरा सी भी गलती मिली नहीं कि पासपोर्ट अटका नहीं। ऐसे 8500 लोगों की फाइल पर ब्रेक लग गया है। किसी ने घर का पता सही नहीं लिखा तो किसी ने वैवाहिक स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी। पासपोर्ट लोक अदालत में ये लोग त्रुटि सुधारने के लिए आ रहे हैं।
2021 और 2022 की कुल 17 हजार फाइलें क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में लंबित हैं। इनमें 50 फीसदी यानी 8500 के आवेदन फॉर्म में कोई कमी या गलती मिली है। 3500 फाइलों में पुलिस ने विपरीत रिपोर्ट दी है। ये ऐसे मामले हैं जिनमें आवेदक बताए गए पते पर नहीं मिला। ये ऐसे लोग हैं जो किराए पर रहते हैं। आवेदन करते समय जिस मकान में थे, सत्यापन के समय वहां नहीं थे। कहीं और जाकर रहने लगे। कुछ केस ऐसे हैं जिनमें मूल पते के लिए जो दस्तावेज लगाए, वे सही नहीं मिले ।
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इनके अलावा 2500 मामले ऐसे हैं जिनमें आवेदन करने वालों ने वैवाहिक स्थिति की जानकारी नहीं दी। किसी ने कॉलम खाली छोड़ दिया तो किसी ने उसके आगे क्रॉस का निशान लगा दिया। इसमें स्पष्ट रूप से लिखना था कि विवाहित, अविवाहित, तलाकशुदा में से क्या हैं। पांच सौ से ज्यादा मामलों में आवेदन फॉर्म में लिखा नाम और इसके साथ लगाए गए आधार कार्ड या पेन कॉर्ड में दिया गया नाम का मिलान नहीं हुआ।
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पहले दिन 352 मामले निपटे
पहले दिन पासपोर्ट लोक अदालत में गाजियाबाद सहित हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, बागपत व अन्य जनपदों के 352 पासपोर्ट आवेदकों की पासपोर्ट से जुड़ी विभिन्न दिक्कतों का समाधान किया गया। ऐसे में शनिवार को दूसरे दिन बड़ी संख्या में पासपोर्ट आवेदकों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
तीन सप्ताह तक लगेगी पासपोर्ट लोक अदालत
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सुब्रतो हाजरा ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन के लंबित मामलों को निपटाने के लिए आगामी तीन सप्ताह और लोक अदालत लगाने का निर्णय लिया गया है। आगामी सप्ताह में भी शुक्रवार और शनिवार को लोक अदालत लगाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर तिथि में बदलाव ही दशा में सूचित किया जाएगा। लोक अदालत के बावजूद अगर आवेदक समाधान के लिए नहीं आते हैं तो बीते साल की फाइलों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ेगा।