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कचहरी में वकीलों ने दरोगा को पीटा, पुलिस चौकी में की तोड़फोड़
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कचहरी में वकीलों ने दरोगा को पीटा, पुलिस चौकी में की तोड़फोड़
गाजियाबाद। केस में गवाही देने के लिए मंगलवार दोपहर करीब एक बजे कचहरी में आए भोजपुर थाने के दरोगा सौरभ राठौर की कुछ वकीलों ने पिटाई कर दी। वकीलों का गुस्सा देख साथी पुलिसकर्मियों ने दरोगा को कचहरी की पुलिस चौकी में बंद कर बचाया। इस पर वकीलों ने चौकी में तोड़फोड़ कर दी। वकीलों का कहना था कि राठौर ने करीब 13 दिन पहले वाहन चेकिंग के दौरान एक वकील को थप्पड़ जड़ा था। एक घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस अफसरों ने दरोगा की तरफ से मांफी मांगी और उस पर कार्रवाई का भरोसा दिया। तब जाकर हंगामा थमा। पुलिस ने इस केस में फिलहाल कोई लिखा पढ़ी नहीं की है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र कौशिक ने बताया कि 27 अप्रैल को मोदीनगर निवासी अधिवक्ता रवि शर्मा अपने कुछ साथियों के साथ हापुड़ के असौड़ा गांव से शादी से लौट रहे थे। भोजपुर में दरोगा सौरभ राठौर चेकिंग कर रहे थे। उन्होंने रवि की कार रोक ली। इस दौरान दरोगा और वकीलों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान दरोगा ने रवि को थप्पड़ जड़ा। अगले दिन रवि ने दरोगा के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए अदालत में अर्जी दी।
मंगलवार दोपहर को पॉक्सो कोर्ट में गवाही देने के बाद दरोगा चौकी की तरफ जा रहा था। रवि शर्मा और उनके साथी वहां से गुजर रहे थे। दरोगा से उनका आमना-सामना हुआ तो उनमें कहासुनी हो गई। यह हाथापाई तक पहुंच गई। इसका पता चलने पर बार सचिव नितिन यादव, पूर्व सचिव विजय गौड़ सहित काफी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हो गए थे। उधर, एडीएम सिटी विपिन कुमार, एसपी सिटी निपुण अग्रवाल, एसपी देहात डॉ. ईरज राजा और एसपी यातायात रामानंद कुशवाहा कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे और मामला शांत कराया।
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एक घंटे बंद रहा दरोगा
वकीलों के गुस्से को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने एक घंटे तक दरोगा सौरभ राठौर को पुलिस चौकी के अंदर बंद रखा। बाहर वकील हंगामा कर रहे थे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें अंदर जाने से रोका। समझौता हो जाने के बाद ही दरोगा को कड़ी सुरक्षा में वहां से निकाला गया।
पूरे मामले की जांच होगी
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि अधिकारियों ने दरोगा की तरफ से गलती मानकर मामला शांत कराया। पूरे प्रकरण में कोई शिकायत नहीं आई है, लेकिन इसकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट से ही कार्रवाई तय होगी।
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गाजियाबाद। केस में गवाही देने के लिए मंगलवार दोपहर करीब एक बजे कचहरी में आए भोजपुर थाने के दरोगा सौरभ राठौर की कुछ वकीलों ने पिटाई कर दी। वकीलों का गुस्सा देख साथी पुलिसकर्मियों ने दरोगा को कचहरी की पुलिस चौकी में बंद कर बचाया। इस पर वकीलों ने चौकी में तोड़फोड़ कर दी। वकीलों का कहना था कि राठौर ने करीब 13 दिन पहले वाहन चेकिंग के दौरान एक वकील को थप्पड़ जड़ा था। एक घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस अफसरों ने दरोगा की तरफ से मांफी मांगी और उस पर कार्रवाई का भरोसा दिया। तब जाकर हंगामा थमा। पुलिस ने इस केस में फिलहाल कोई लिखा पढ़ी नहीं की है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र कौशिक ने बताया कि 27 अप्रैल को मोदीनगर निवासी अधिवक्ता रवि शर्मा अपने कुछ साथियों के साथ हापुड़ के असौड़ा गांव से शादी से लौट रहे थे। भोजपुर में दरोगा सौरभ राठौर चेकिंग कर रहे थे। उन्होंने रवि की कार रोक ली। इस दौरान दरोगा और वकीलों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान दरोगा ने रवि को थप्पड़ जड़ा। अगले दिन रवि ने दरोगा के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए अदालत में अर्जी दी।
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मंगलवार दोपहर को पॉक्सो कोर्ट में गवाही देने के बाद दरोगा चौकी की तरफ जा रहा था। रवि शर्मा और उनके साथी वहां से गुजर रहे थे। दरोगा से उनका आमना-सामना हुआ तो उनमें कहासुनी हो गई। यह हाथापाई तक पहुंच गई। इसका पता चलने पर बार सचिव नितिन यादव, पूर्व सचिव विजय गौड़ सहित काफी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हो गए थे। उधर, एडीएम सिटी विपिन कुमार, एसपी सिटी निपुण अग्रवाल, एसपी देहात डॉ. ईरज राजा और एसपी यातायात रामानंद कुशवाहा कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे और मामला शांत कराया।
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एक घंटे बंद रहा दरोगा
वकीलों के गुस्से को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने एक घंटे तक दरोगा सौरभ राठौर को पुलिस चौकी के अंदर बंद रखा। बाहर वकील हंगामा कर रहे थे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें अंदर जाने से रोका। समझौता हो जाने के बाद ही दरोगा को कड़ी सुरक्षा में वहां से निकाला गया।
पूरे मामले की जांच होगी
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि अधिकारियों ने दरोगा की तरफ से गलती मानकर मामला शांत कराया। पूरे प्रकरण में कोई शिकायत नहीं आई है, लेकिन इसकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट से ही कार्रवाई तय होगी।