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14 स्कूल की 18 बसों को किया सीज
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14 स्कूलों की 18 बसों को किया सीज
गाजियाबाद। मोदीनगर में छात्र अनुराग की मौत के बाद हरकत में आए आरटीओ दफ्तर के कर्मचारियों ने शुक्रवार को 14 स्कूल बसों को सीज किया। ये सभी फिटनेस जांच कराए बगैर चल रही थीं। इनके अलावा 22 बसों का चालान काटा गया। इनमें सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं थे । दो दिन में 37 बसें सीज की चुकी हैं और 30 का चालान कट चुका है।
सोनिका चाइल्ड स्कूल, आर्वाचीन पब्लिक स्कूल, जयसिंह पब्लिक स्कूल, एमएस ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूलए खेतान पब्लिक स्कूल, डायमंड पब्लिक स्कूल, सनराइज स्कूल, बाल निकेतन, नेशनल पब्लिक स्कूलए मुरादनगर पब्लिक स्कूल, एंजल इंटरनेशनल स्कूल, चिल्ड्रंस अकादमी की 1-1, खेतान पब्लिक स्कूल की 3, केंद्रीय विद्यालय की 4 बसों को सीज किया गया। इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्कूलों में जाकर भी बसों का निरीक्षण किया। स्कूल संचालकों को बसों की फिटनेस समेत अन्य मानकों को पूरा कराने के निर्देश दिए। यात्री कर अधिकारी राजेश्वर कुशवाहा, प्रणव झा, संदीप जायसवाल और एआरटीओ मनोज मिश्रा व राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
जुर्माना राशि
फिटनेस 5 हजार
बीमा 2 हजार
प्रदूषण 10 हजार
लाइसेंस 5 हजार
तय सीमा से अधिक बच्चे होने पर 200 रुपये प्रति बच्चा चालान किया जाता है।
मशीनों से होता है निरीक्षण
फिटनेस के लिए फीस वाहन के आकार के हिसाब से 400 से 800 के है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद वाहन को फिटनेस सेंटर पर लाया जाता है। यहां पर मशीनों द्वारा बस के शीशा, ब्रेक, गियर, स्पीड गवर्नर, नंबर प्लेट, इंजन, टायर, सीट और वाहन की बॉडी समेत कई अन्य चीजों की जांच की जाती है। बस में कोई भी गड़बड़ी पाए जाने पर फिटनेस सर्टिफिकेट निरस्त कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया हर साल करनी होती है। स्कूलों में अधिकतर बसें पुरानी हैं। ऐसे में फिटनेस के स्तर पर खरा उतरना खासा मुश्किल होता है। नतीजतन स्कूल संचालक फिटनेस प्रमाण पत्र पाने में लापरवाही करते हैं।
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गाजियाबाद। मोदीनगर में छात्र अनुराग की मौत के बाद हरकत में आए आरटीओ दफ्तर के कर्मचारियों ने शुक्रवार को 14 स्कूल बसों को सीज किया। ये सभी फिटनेस जांच कराए बगैर चल रही थीं। इनके अलावा 22 बसों का चालान काटा गया। इनमें सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं थे । दो दिन में 37 बसें सीज की चुकी हैं और 30 का चालान कट चुका है।
सोनिका चाइल्ड स्कूल, आर्वाचीन पब्लिक स्कूल, जयसिंह पब्लिक स्कूल, एमएस ब्राइटलैंड पब्लिक स्कूलए खेतान पब्लिक स्कूल, डायमंड पब्लिक स्कूल, सनराइज स्कूल, बाल निकेतन, नेशनल पब्लिक स्कूलए मुरादनगर पब्लिक स्कूल, एंजल इंटरनेशनल स्कूल, चिल्ड्रंस अकादमी की 1-1, खेतान पब्लिक स्कूल की 3, केंद्रीय विद्यालय की 4 बसों को सीज किया गया। इस दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्कूलों में जाकर भी बसों का निरीक्षण किया। स्कूल संचालकों को बसों की फिटनेस समेत अन्य मानकों को पूरा कराने के निर्देश दिए। यात्री कर अधिकारी राजेश्वर कुशवाहा, प्रणव झा, संदीप जायसवाल और एआरटीओ मनोज मिश्रा व राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
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जुर्माना राशि
फिटनेस 5 हजार
बीमा 2 हजार
प्रदूषण 10 हजार
लाइसेंस 5 हजार
तय सीमा से अधिक बच्चे होने पर 200 रुपये प्रति बच्चा चालान किया जाता है।
मशीनों से होता है निरीक्षण
फिटनेस के लिए फीस वाहन के आकार के हिसाब से 400 से 800 के है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद वाहन को फिटनेस सेंटर पर लाया जाता है। यहां पर मशीनों द्वारा बस के शीशा, ब्रेक, गियर, स्पीड गवर्नर, नंबर प्लेट, इंजन, टायर, सीट और वाहन की बॉडी समेत कई अन्य चीजों की जांच की जाती है। बस में कोई भी गड़बड़ी पाए जाने पर फिटनेस सर्टिफिकेट निरस्त कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया हर साल करनी होती है। स्कूलों में अधिकतर बसें पुरानी हैं। ऐसे में फिटनेस के स्तर पर खरा उतरना खासा मुश्किल होता है। नतीजतन स्कूल संचालक फिटनेस प्रमाण पत्र पाने में लापरवाही करते हैं।
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