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टंकी में तैर रहे थे पान मसाले के पाउच, 38 बच्चे सहित 59 बीमार
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टंकी में तैर रहे थे पान मसाले के पाउच, 38 बच्चे सहित 59 बीमार
गाजियाबाद। एनएच-9 से सटी लैंडक्रॉफ्ट की गोल्फ लिंक सोसायटी में दूषित पानी पीने से बुधवार सुबह 38 बच्चों के साथ 59 लोग बीमार हो गए। बच्चों के साथ बड़ों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त के बाद बुखार की शिकायत पर पहले लोगों जिला संयुक्त, यशोदा सहित अन्य अस्पतालों में लेकर दौड़े। फिर सोसायटी रेजिडेंट्स की ओर से मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। सोसायटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमों ने जांच शुरू की। बच्चों और बड़ों की जांच में प्रारंभिक तौर पर पानी से बीमारी के संकेत मिले हैं। लगातार उल्टी, पेट दर्द के चलते आठ बच्चों की हालत गंभीर है।
घटना के बाद सोसायटी के मेंटेनेंस विभाग की लापरवाही सीधे सामने आई। जब अमर उजाला टीम ने टावरों के ऊपर बने पानी की टंकियों की पड़ताल की तो, जांच में गंदगी के साथ गुटखा और नमकीन के पाउच पानी में तैरते हुए नजर आए। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण सेल के अधिकारियों ने भी पानी की टंकियों में गंदगी मिलने की बात कही है। टीम की ओर से पानी के लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर आने की बात कही जा रही है। बीमार होने वालों में 13 महिलाएं, तीन पुरुष और पांच वरिष्ठ नागरिक भी शमिल हैं।
एक सप्ताह से थी दिक्कत, पानी उबालकर पीने की हिदायत
गोल्फ लिंक सोसायटी में सबसे ज्यादा मरीज टावर वन-बी और टू-बी में मिले। रेजिडेंट्स ने बताया कि बीते एक सप्ताह से बच्चों ने पेट में दर्द की शिकायत की। दो दिनों से स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल और व्यक्तिगत डॉक्टर को दिखाया। एक साथ ढाई दर्जन से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने पर एमएमजी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना और जिला संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की तीन टीमों ने जांच शुरू की। डासना सीएचसी प्रभारी डॉ. भारत भूषण और जिला संक्रामक रोग नियंत्रण सेल से डॉ. सीवी अग्रवाल की टीम ने विस्तृत जांच की। मौके पर पहुंचे अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉॅ. डीएम सक्सेना, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीपी मथुरिया ने जायजा लेकर निर्देश दिए। संक्रामक रोग सेल ने पानी के नमूने लेने के बाद लोगों को पानी उबालकर और छानकर पीने की हिदायत दी है।
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महिलाओं ने मेंटेनेंस अधिकारी का किया घेराव
गोल्फ लिंक सोसायटी के फेज-एक में 480 फ्लैट में 288 परिवार और फेज-दो करीब 900 फ्लैट में 550 परिवार रहते हैं। सोसायटी के रेजिडेंट्स ने घटना के बाद पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने, टंकियों में गंदगी जमा होने और शिकायतों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है। बच्चों के बीमार होने से नाराज महिलाओं ने सोसायटी के मेंटेनेंस अधिकारी का बेसमेंट पार्किंग में घेराव किया।
कोट: रेजिडेंट्स
बच्चे और पत्नी बीमार, पेट में दर्द
सादा खाना खाने के बावजूद एक दिन पहले बच्चे और पत्नी दोनों बीमार पड़ गए। लगातार उल्टी और पेट दर्द से दोनों का बुरा हाल है। डॉक्टर ने दवाई के साथ पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। - शिशिर वर्मा
परिवार के पांच सदस्य बीमार
दो दिन पहले छोटे बेटे ने पेट में दर्द की शिकायत की। फिर बड़े बेटे के बाद पत्नी ने भी तबियत खराब होने की बात बताई। सोसायटी की टंकियों के नियमित सफाई नहीं होने से समस्या आई है। पानी की जांच जरूरी है। - अरविंद सिंह
दोनो बेटों को उल्टी और दस्त
पहले 17 साल के बेटे को पेट में दर्द के बाद दस्त शुरू हो गए। फिर 18 साल के बड़े बेटे के पेट में दर्द के बाद उल्टियां शुरू हो गईं। सुबह बच्चे को अस्पताल भी लेकर गए, लेकिन आराम नहीं मिला। बच्चों के बीमार पड़ने से चिंतित हूं। - लवीना बिष्ट
सोसायटी में कराई जांच
दो साल के बच्चे के पेट में रात से तेज दर्द था। असहनीय दर्द के बाद बच्चे को बुधवार सुबह पहले संयुक्त अस्पताल ले जाकर दिखाया। फिर भी आराम नहीं मिलने पर सोसायटी में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिखाया है। - प्रीति
महागुनपुरम सोसायटी में बीते साल 40 बच्चे पड़े थे बीमार
एनएच-9 से सटी महागुनपुरम सोसायटी में बीते साल 20 मार्च को दूषित पानी पीने से सोसायटी के करीब 40 बच्चे बीमार पड़ गए थे। बच्चों के पेट में दर्द, उल्टी और सिर में दर्द की शिकायत सामने आई थीं। तीन टावरों में रहने वाले सबसे ज्यादा बच्चे बीमार हुए थे। मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार शिविर लगाकर निगरानी की थी। बीमार होने वाले बच्चों का सिलसिला आगामी दो से तीन दिन तक जारी रहा था। कई बच्चों को तो हालत गंभीर होने पर दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था। हालत बिगड़ने से नाराज रेजिडेंट्स ने अधिकारियों को बंधक बना लिया था। मामले में लंबी जांच के बाद कोई नतीजा सामने नहीं आया। सोसायटी एओए की कार्रवाई की मांग अब तक लंबित है।
जांच के लिए आज फिर भेजी जाएंगी टीम
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि गोल्फ लिंक सोसायटी में बच्चों के उल्टी दस्त की सूचना मिलने के बाद मौके पर पांच एंबुलेंस, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, डासना सीएचसी प्रभारी और एपिडमोलॉजिस्ट को भेजा गया था। बच्चों में उल्टी दस्त को जो परेशानी पाई गई है, वह पानी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्राथमिक स्तर पर हुई जांच में पानी की कमी से परेशानी होना सामने आया है। सभी बच्चों के सेहत में सुधार है, किसी को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। बृहस्पतिवार को दोबारा टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा।
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गाजियाबाद। एनएच-9 से सटी लैंडक्रॉफ्ट की गोल्फ लिंक सोसायटी में दूषित पानी पीने से बुधवार सुबह 38 बच्चों के साथ 59 लोग बीमार हो गए। बच्चों के साथ बड़ों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त के बाद बुखार की शिकायत पर पहले लोगों जिला संयुक्त, यशोदा सहित अन्य अस्पतालों में लेकर दौड़े। फिर सोसायटी रेजिडेंट्स की ओर से मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। सोसायटी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमों ने जांच शुरू की। बच्चों और बड़ों की जांच में प्रारंभिक तौर पर पानी से बीमारी के संकेत मिले हैं। लगातार उल्टी, पेट दर्द के चलते आठ बच्चों की हालत गंभीर है।
घटना के बाद सोसायटी के मेंटेनेंस विभाग की लापरवाही सीधे सामने आई। जब अमर उजाला टीम ने टावरों के ऊपर बने पानी की टंकियों की पड़ताल की तो, जांच में गंदगी के साथ गुटखा और नमकीन के पाउच पानी में तैरते हुए नजर आए। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण सेल के अधिकारियों ने भी पानी की टंकियों में गंदगी मिलने की बात कही है। टीम की ओर से पानी के लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर आने की बात कही जा रही है। बीमार होने वालों में 13 महिलाएं, तीन पुरुष और पांच वरिष्ठ नागरिक भी शमिल हैं।
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एक सप्ताह से थी दिक्कत, पानी उबालकर पीने की हिदायत
गोल्फ लिंक सोसायटी में सबसे ज्यादा मरीज टावर वन-बी और टू-बी में मिले। रेजिडेंट्स ने बताया कि बीते एक सप्ताह से बच्चों ने पेट में दर्द की शिकायत की। दो दिनों से स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल और व्यक्तिगत डॉक्टर को दिखाया। एक साथ ढाई दर्जन से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने पर एमएमजी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना और जिला संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की तीन टीमों ने जांच शुरू की। डासना सीएचसी प्रभारी डॉ. भारत भूषण और जिला संक्रामक रोग नियंत्रण सेल से डॉ. सीवी अग्रवाल की टीम ने विस्तृत जांच की। मौके पर पहुंचे अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉॅ. डीएम सक्सेना, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीपी मथुरिया ने जायजा लेकर निर्देश दिए। संक्रामक रोग सेल ने पानी के नमूने लेने के बाद लोगों को पानी उबालकर और छानकर पीने की हिदायत दी है।
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महिलाओं ने मेंटेनेंस अधिकारी का किया घेराव
गोल्फ लिंक सोसायटी के फेज-एक में 480 फ्लैट में 288 परिवार और फेज-दो करीब 900 फ्लैट में 550 परिवार रहते हैं। सोसायटी के रेजिडेंट्स ने घटना के बाद पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने, टंकियों में गंदगी जमा होने और शिकायतों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है। बच्चों के बीमार होने से नाराज महिलाओं ने सोसायटी के मेंटेनेंस अधिकारी का बेसमेंट पार्किंग में घेराव किया।
कोट: रेजिडेंट्स
बच्चे और पत्नी बीमार, पेट में दर्द
सादा खाना खाने के बावजूद एक दिन पहले बच्चे और पत्नी दोनों बीमार पड़ गए। लगातार उल्टी और पेट दर्द से दोनों का बुरा हाल है। डॉक्टर ने दवाई के साथ पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। - शिशिर वर्मा
परिवार के पांच सदस्य बीमार
दो दिन पहले छोटे बेटे ने पेट में दर्द की शिकायत की। फिर बड़े बेटे के बाद पत्नी ने भी तबियत खराब होने की बात बताई। सोसायटी की टंकियों के नियमित सफाई नहीं होने से समस्या आई है। पानी की जांच जरूरी है। - अरविंद सिंह
दोनो बेटों को उल्टी और दस्त
पहले 17 साल के बेटे को पेट में दर्द के बाद दस्त शुरू हो गए। फिर 18 साल के बड़े बेटे के पेट में दर्द के बाद उल्टियां शुरू हो गईं। सुबह बच्चे को अस्पताल भी लेकर गए, लेकिन आराम नहीं मिला। बच्चों के बीमार पड़ने से चिंतित हूं। - लवीना बिष्ट
सोसायटी में कराई जांच
दो साल के बच्चे के पेट में रात से तेज दर्द था। असहनीय दर्द के बाद बच्चे को बुधवार सुबह पहले संयुक्त अस्पताल ले जाकर दिखाया। फिर भी आराम नहीं मिलने पर सोसायटी में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिखाया है। - प्रीति
महागुनपुरम सोसायटी में बीते साल 40 बच्चे पड़े थे बीमार
एनएच-9 से सटी महागुनपुरम सोसायटी में बीते साल 20 मार्च को दूषित पानी पीने से सोसायटी के करीब 40 बच्चे बीमार पड़ गए थे। बच्चों के पेट में दर्द, उल्टी और सिर में दर्द की शिकायत सामने आई थीं। तीन टावरों में रहने वाले सबसे ज्यादा बच्चे बीमार हुए थे। मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार शिविर लगाकर निगरानी की थी। बीमार होने वाले बच्चों का सिलसिला आगामी दो से तीन दिन तक जारी रहा था। कई बच्चों को तो हालत गंभीर होने पर दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था। हालत बिगड़ने से नाराज रेजिडेंट्स ने अधिकारियों को बंधक बना लिया था। मामले में लंबी जांच के बाद कोई नतीजा सामने नहीं आया। सोसायटी एओए की कार्रवाई की मांग अब तक लंबित है।
जांच के लिए आज फिर भेजी जाएंगी टीम
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि गोल्फ लिंक सोसायटी में बच्चों के उल्टी दस्त की सूचना मिलने के बाद मौके पर पांच एंबुलेंस, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, डासना सीएचसी प्रभारी और एपिडमोलॉजिस्ट को भेजा गया था। बच्चों में उल्टी दस्त को जो परेशानी पाई गई है, वह पानी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्राथमिक स्तर पर हुई जांच में पानी की कमी से परेशानी होना सामने आया है। सभी बच्चों के सेहत में सुधार है, किसी को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। बृहस्पतिवार को दोबारा टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा।