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लाइन में 600 लोग... 85 को ही मिली ऑक्सीजन
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लाइन में 600 लोग... 85 को ही मिली ऑक्सीजन
गाजियाबाद। साहब...घर में भाई और मां आक्सीजन के लिए तड़प रहे हैं, लेकिन कहीं से कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। अब आप ही मेरे भाई और मां की जान बचा सकते हो। इस तरह से लोग साउथ साइड जीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में आक्सीजन प्लांट में कर्मचारियों से गुहार लगाते नजर आए, लेकिन किसी की एक नहीं सुनी गई। स्थिति यही हुई कि घंटों लाइन में लगने के बाद सैकड़ों लोग वापस लौट गए। वहीं व्यवस्था बिगड़ने पर पुलिस ने लाठी फटकारकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। वहां मौजूद लोगों ने रोते हुए कहा कि कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है। भगवान कैसे ही मदद करो। आक्सीजन प्लांट पर 600 से ज्यादा लोग लाइन में खड़े थे, उनमें से 85 लोगों को सिलिंडर मिले।
शनिवार को साउथ साइड जीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट पर सिलिंडर के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग लाइन में लगे रहे और प्लांट कर्मचारियों से ऑक्सीजन के लिए भीख मांगते रहे। वहां मौजूद लोगों की आंखों में अपनों को खोने का डर दिखाई दे रहा था। वह एक ही गुहार लगा रहे थे, बस एक सिलिंडर दे दो, जिससे जान बच जाए। यदि सिलिंडर लेकर समय से नहीं पहुंचे और घर पर परिवार के सदस्य ने दम तोड़ दिया तो हम अपने को जीवन भर माफ नहीं कर पाएंगे। लोगों ने कहा कि इस सिस्टम के लिए किसको जिम्मेदार ठहराएं। सब कुछ समझ से बाहर हो रहा है। प्लांट पर लाइन में लगे लोगों का कहना था कि मरीज को अस्पताल ले जाने पर वहां डॉक्टर कहते हैं कि पहले ऑक्सीजन लेकर आओ तब भर्ती करेंगे। ऐसी स्थिति में कहां जाएं, कैसे व्यवस्था करें।
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बोले लोग...
मेरे जीजा जी अस्पताल में भर्ती हैं। आक्सीजन प्लांट पर रिफरिंलग के लिए पहुंचे तो वहां कह दिया गया कि रविवार को दिया जाएगा। जरूरत आज है और ऑक्सीजन दो दिन बाद मिलेगी तो मरीज वैसे ही मर जाएगा। -अंकुर
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मेरी भाभी एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल प्रशासन ने सिलिंडर की व्यवस्था हमसे करने के लिए कहा है। जानकारी होने पर यहां सुबह 8 बजे से लाइन में लगा हुआ हूं, शाम छह बजे तक भी आक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पाई है। अस्पताल से लगातार फोन आ रहा है। -मोहम्मद सैफ
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मेरे चाचा एडमिट हैं। शुक्रवार रात को आक्सीजन खत्म हो गई। अस्पताल ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया और हाथ खड़े कर किए। उन्होंने कहा कि अगर आक्सीजन ले आए तो एडमिट रखेंगे, नहीं तो वापस भेज देंगे। -राजीव
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गाजियाबाद। साहब...घर में भाई और मां आक्सीजन के लिए तड़प रहे हैं, लेकिन कहीं से कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। अब आप ही मेरे भाई और मां की जान बचा सकते हो। इस तरह से लोग साउथ साइड जीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में आक्सीजन प्लांट में कर्मचारियों से गुहार लगाते नजर आए, लेकिन किसी की एक नहीं सुनी गई। स्थिति यही हुई कि घंटों लाइन में लगने के बाद सैकड़ों लोग वापस लौट गए। वहीं व्यवस्था बिगड़ने पर पुलिस ने लाठी फटकारकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। वहां मौजूद लोगों ने रोते हुए कहा कि कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है। भगवान कैसे ही मदद करो। आक्सीजन प्लांट पर 600 से ज्यादा लोग लाइन में खड़े थे, उनमें से 85 लोगों को सिलिंडर मिले।
शनिवार को साउथ साइड जीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट पर सिलिंडर के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग लाइन में लगे रहे और प्लांट कर्मचारियों से ऑक्सीजन के लिए भीख मांगते रहे। वहां मौजूद लोगों की आंखों में अपनों को खोने का डर दिखाई दे रहा था। वह एक ही गुहार लगा रहे थे, बस एक सिलिंडर दे दो, जिससे जान बच जाए। यदि सिलिंडर लेकर समय से नहीं पहुंचे और घर पर परिवार के सदस्य ने दम तोड़ दिया तो हम अपने को जीवन भर माफ नहीं कर पाएंगे। लोगों ने कहा कि इस सिस्टम के लिए किसको जिम्मेदार ठहराएं। सब कुछ समझ से बाहर हो रहा है। प्लांट पर लाइन में लगे लोगों का कहना था कि मरीज को अस्पताल ले जाने पर वहां डॉक्टर कहते हैं कि पहले ऑक्सीजन लेकर आओ तब भर्ती करेंगे। ऐसी स्थिति में कहां जाएं, कैसे व्यवस्था करें।
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बोले लोग...
मेरे जीजा जी अस्पताल में भर्ती हैं। आक्सीजन प्लांट पर रिफरिंलग के लिए पहुंचे तो वहां कह दिया गया कि रविवार को दिया जाएगा। जरूरत आज है और ऑक्सीजन दो दिन बाद मिलेगी तो मरीज वैसे ही मर जाएगा। -अंकुर
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मेरी भाभी एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल प्रशासन ने सिलिंडर की व्यवस्था हमसे करने के लिए कहा है। जानकारी होने पर यहां सुबह 8 बजे से लाइन में लगा हुआ हूं, शाम छह बजे तक भी आक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पाई है। अस्पताल से लगातार फोन आ रहा है। -मोहम्मद सैफ
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मेरे चाचा एडमिट हैं। शुक्रवार रात को आक्सीजन खत्म हो गई। अस्पताल ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया और हाथ खड़े कर किए। उन्होंने कहा कि अगर आक्सीजन ले आए तो एडमिट रखेंगे, नहीं तो वापस भेज देंगे। -राजीव