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शादी का झांसा देकर नाइजीरियन समेत ठग गैंग के 5 सदस्य गिरफ्तार
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धोखाधड़ी करने वाले एक विदेशी नागरिक सहित 5 गिरफ्तार।
- फोटो : GHAZIABAD City
शादी कराने का झांसा देकर ठगने वाले नाइजीरियन समेत पांच गिरफ्तार
गाजियाबाद। नामचीन वैवाहिक वेबसाइट पर भारतीय युवतियों को शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले नाइजीरियन गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में जिले की साइबर सेल और नगर कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गैंग के नाइजीरियन सरगना समेत पांच को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों से विभिन्न बैंकों की 23 चेक बुक, 42 एटीएम कार्ड, 15 पासबुक, वोटर आईडी एवं आधार कार्ड के अलावा फर्जी मोहरें व पासपोर्ट आदि बरामद किए हैं। आरोपी स्वयं को एनआरआई एवं हाई प्रोफाइल व्यक्ति बता वेबसाइट पर अपना बॉयोडाटा डालकर युवतियों को झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने महिला वैज्ञानिक समेत सैकड़ों युवतियों से अब तक करोड़ों रुपये ठगे हैं। आरोपियों से अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर मुरादाबाद निवासी अक्षय तलवार उर्फ सनी, याजिद अबेदोह निवासी नाइजीरिया और मुरादनगर निवासी प्रिंस, अजीत सिंह और मनीष कुमार उर्फ मोनिश को गिरफ्तार किया है। नाइजीरिया निवासी याजिद अबेदोह गैंग का सरगना है। वह पूर्व में भी इस तरह के मामले में जेल जा चुका है। ठगी के धंधे में अक्षय तलवार उसकी खासतौर पर मदद करता था। जबकि अन्य आरोपियों पर लोगों के बैंक अकाउंट एकत्र करने का जिम्मा था। यह लोग ठगी की रकम जिन लोगों के खाते में डलवाते थे, उन्हें हजारों रुपये की रकम एक बार में दे दिया करते थे। उन्होंने बताया कि मूलरूप से बिहार की रहने वाली युवती असम में वैज्ञानिक हैं। उसने असम से ही एसएसपी गाजियाबाद को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी थी। उसमें कहा कि साइबर ठगों ने शादी का झांसा देकर उनसे सात लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगी गई रकम मुरादनगर स्थित बैंक खाते में डलवाई गई थी, जिसकी जानकारी लगने के बाद पीड़िता ने गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी को ईमेल कर गैंग को पकड़ने की गुहार लगाई थी। एसएसपी द्वारा मामले की जांच साइबर सेल को दी गई थी। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने नगर कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर उक्त गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
- मास्क और सैनिटाइजर सप्लाई के दौरान हुई गैंग के सरगना से मुलाकात
सीओ प्रथम एवं साइबर सेल के सुपरवाइजरी अफसर अभय कुमार मिश्र ने बताया कि मुरादाबाद निवासी अक्षय तलवार के पिता मोहननगर में कबीर ट्रेडिंग के नाम से मास्क और सैनिटाइजर बनाने का काम करते हैं। शारदा यूनिवर्सिटी में मास्क और सैनिटाइजर सप्लाई के दौरान अक्षय की मुलाकात गैंग के सरगना से हुई थी। इसके बाद दोनों ने साथ मिलकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। विभिन्न लोगों के बैंक खाते खुलवाने और खाते हायर करने के लिए दोनों ने अन्य आरोपियों को भी अपने साथ जोड़ लिया। सीओ का कहना है कि प्रिंस, अजीत और मनीष आरोपी अक्षय की फर्म में ही काम करते हैं।
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गैंग के सरगना है बीएससी पास
नाइजीरियन याजिद अबेदोह वर्ष 2013 से भारत में रह रहा है। उसने बेंगलूरू के कॉलेज से फॉरेंसिक साइंस में बीएससी की और इसके बाद ठगी का धंधा शुरू कर दिया। याजिद ने यह सब अपने एक नाइजीरियन साथी से ही सीखा था। पुलिस ने बताया कि याजिद वर्ष 2018 में भी इसी तरह के मामले में गुरुग्राम हरियाणा से जेल जा चुका है। करीब 15 माह जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आया है। जेल से आने के बाद वह नोएडा स्थित होटल में रह रहा था। वह खुद को हाईप्रोफाइल इंजीनियर, डॉक्टर और बड़ा कारोबारी बताकर फर्जी फोटो के साथ अपनी प्रोफाइल नामचीन मेट्रीमोनियल साइट पर अपलोड कर युवतियों को शादी का झांसा देता था। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि याजिद को हिंदी भाषा का भी पूरा ज्ञान है।
भरोसे में लेकर करते थे ठगी
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि जालसाज मेट्रीमोनियल साइटों पर विवाह के इच्छुक हाईप्रोफाइल लोगों की तलाश करते थे। फिर उनसे ईमेल के जरिए संपर्क कर बताते थे कि वह अफ्रीकन हैं और उनके पास काफी संपत्ति है। वह केवल भारतीय मूल की युवतियों के साथ ही जीवन बिताना चाहते हैं। अन्य मूल की लड़कियों से शादी करना नहीं चाहते हैं। इस तरह बात शुरू कर देते थे और फिर मिलने के लिए दिल्ली या कहीं और आने की बात करते थे। एयरपोर्ट पर आकर कस्टम संबंधी अड़चनों के चलते फंसने की बात कर उनसे रुपये अकाउंट में ट्रांसफर करा लेते थे। उनसे बोलते थे कि यहां इंडियन करेंसी चाहिए, वह हमारे पास नहीं है। इसके बिना यहां से निकलना मुश्किल होगा। खाते में रुपये डलवाकर वहां से गायब हो जाते थे। इस गैंग में कुल चार नाइजीरियन शामिल हैं। इनमें से तीन पिछले वर्ष 20 दिसंबर को नाइजीरिया वापस लौट गए थे।
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गाजियाबाद। नामचीन वैवाहिक वेबसाइट पर भारतीय युवतियों को शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले नाइजीरियन गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में जिले की साइबर सेल और नगर कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गैंग के नाइजीरियन सरगना समेत पांच को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों से विभिन्न बैंकों की 23 चेक बुक, 42 एटीएम कार्ड, 15 पासबुक, वोटर आईडी एवं आधार कार्ड के अलावा फर्जी मोहरें व पासपोर्ट आदि बरामद किए हैं। आरोपी स्वयं को एनआरआई एवं हाई प्रोफाइल व्यक्ति बता वेबसाइट पर अपना बॉयोडाटा डालकर युवतियों को झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने महिला वैज्ञानिक समेत सैकड़ों युवतियों से अब तक करोड़ों रुपये ठगे हैं। आरोपियों से अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने सूचना के आधार पर मुरादाबाद निवासी अक्षय तलवार उर्फ सनी, याजिद अबेदोह निवासी नाइजीरिया और मुरादनगर निवासी प्रिंस, अजीत सिंह और मनीष कुमार उर्फ मोनिश को गिरफ्तार किया है। नाइजीरिया निवासी याजिद अबेदोह गैंग का सरगना है। वह पूर्व में भी इस तरह के मामले में जेल जा चुका है। ठगी के धंधे में अक्षय तलवार उसकी खासतौर पर मदद करता था। जबकि अन्य आरोपियों पर लोगों के बैंक अकाउंट एकत्र करने का जिम्मा था। यह लोग ठगी की रकम जिन लोगों के खाते में डलवाते थे, उन्हें हजारों रुपये की रकम एक बार में दे दिया करते थे। उन्होंने बताया कि मूलरूप से बिहार की रहने वाली युवती असम में वैज्ञानिक हैं। उसने असम से ही एसएसपी गाजियाबाद को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी थी। उसमें कहा कि साइबर ठगों ने शादी का झांसा देकर उनसे सात लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगी गई रकम मुरादनगर स्थित बैंक खाते में डलवाई गई थी, जिसकी जानकारी लगने के बाद पीड़िता ने गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी को ईमेल कर गैंग को पकड़ने की गुहार लगाई थी। एसएसपी द्वारा मामले की जांच साइबर सेल को दी गई थी। इसके बाद साइबर सेल की टीम ने नगर कोतवाली पुलिस के साथ मिलकर उक्त गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
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- मास्क और सैनिटाइजर सप्लाई के दौरान हुई गैंग के सरगना से मुलाकात
सीओ प्रथम एवं साइबर सेल के सुपरवाइजरी अफसर अभय कुमार मिश्र ने बताया कि मुरादाबाद निवासी अक्षय तलवार के पिता मोहननगर में कबीर ट्रेडिंग के नाम से मास्क और सैनिटाइजर बनाने का काम करते हैं। शारदा यूनिवर्सिटी में मास्क और सैनिटाइजर सप्लाई के दौरान अक्षय की मुलाकात गैंग के सरगना से हुई थी। इसके बाद दोनों ने साथ मिलकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। विभिन्न लोगों के बैंक खाते खुलवाने और खाते हायर करने के लिए दोनों ने अन्य आरोपियों को भी अपने साथ जोड़ लिया। सीओ का कहना है कि प्रिंस, अजीत और मनीष आरोपी अक्षय की फर्म में ही काम करते हैं।
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गैंग के सरगना है बीएससी पास
नाइजीरियन याजिद अबेदोह वर्ष 2013 से भारत में रह रहा है। उसने बेंगलूरू के कॉलेज से फॉरेंसिक साइंस में बीएससी की और इसके बाद ठगी का धंधा शुरू कर दिया। याजिद ने यह सब अपने एक नाइजीरियन साथी से ही सीखा था। पुलिस ने बताया कि याजिद वर्ष 2018 में भी इसी तरह के मामले में गुरुग्राम हरियाणा से जेल जा चुका है। करीब 15 माह जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आया है। जेल से आने के बाद वह नोएडा स्थित होटल में रह रहा था। वह खुद को हाईप्रोफाइल इंजीनियर, डॉक्टर और बड़ा कारोबारी बताकर फर्जी फोटो के साथ अपनी प्रोफाइल नामचीन मेट्रीमोनियल साइट पर अपलोड कर युवतियों को शादी का झांसा देता था। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि याजिद को हिंदी भाषा का भी पूरा ज्ञान है।
भरोसे में लेकर करते थे ठगी
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि जालसाज मेट्रीमोनियल साइटों पर विवाह के इच्छुक हाईप्रोफाइल लोगों की तलाश करते थे। फिर उनसे ईमेल के जरिए संपर्क कर बताते थे कि वह अफ्रीकन हैं और उनके पास काफी संपत्ति है। वह केवल भारतीय मूल की युवतियों के साथ ही जीवन बिताना चाहते हैं। अन्य मूल की लड़कियों से शादी करना नहीं चाहते हैं। इस तरह बात शुरू कर देते थे और फिर मिलने के लिए दिल्ली या कहीं और आने की बात करते थे। एयरपोर्ट पर आकर कस्टम संबंधी अड़चनों के चलते फंसने की बात कर उनसे रुपये अकाउंट में ट्रांसफर करा लेते थे। उनसे बोलते थे कि यहां इंडियन करेंसी चाहिए, वह हमारे पास नहीं है। इसके बिना यहां से निकलना मुश्किल होगा। खाते में रुपये डलवाकर वहां से गायब हो जाते थे। इस गैंग में कुल चार नाइजीरियन शामिल हैं। इनमें से तीन पिछले वर्ष 20 दिसंबर को नाइजीरिया वापस लौट गए थे।