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अवैध निर्माण में दोषी सुपरवाइजर और तीन वर्कमेट निलंबित
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अवैध निर्माण में सुपरवाइजर दोषी, तीन वर्कमेट निलंबित
गाजियाबाद। अवैध निर्माण में दोषी जीडीए के कर्मचारियों और अधिकारियों पर फिर से गाज गिरनी शुरू हो गई। शिकायत पर जीडीए उपाध्यक्ष ने जोन-आठ के विक्रम एंक्लेव और जोन-चार के नेहरूनगर में अवैध निर्माण मामले की विभागीय जांच कराई थी। जांच में दोषी पाए जाने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने कृष्णा करुणेश ने जोन-आठ के सुपरवाइजर और जोन-चार के तीन वर्कमेट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, दोनों जोन के अवर अभियंताओं के निलंबित की शासन से संस्तुति की है।
जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश के निर्देश पर विभिन्न जोन में 913 अवैध निर्माण को चिन्हित किया गया है। इसी बीच अवैध निर्माण कराने में लिप्त प्राधिकरण कर्मियों और अधिकारियों की शिकायत पर उपाध्यक्ष ने जांच के आदेश दिए थे। साहिबाबाद के शालीमार गार्डन में विक्रम एंक्लेव के एक मकान को बेचने के एग्रीमेंट में अतिरिक्त निर्माण किए जाने की एवज में जीडीए को करीब छह लाख रुपये सुविधा शुल्क देने का मामला सामने आया। मामले में हुए एक एग्रीमेंट की कॉपी सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुई। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने एक जांच कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए। शुरुआती जांच पर जोन-आठ की पूरी प्रवर्तन टीम को हटाकर कार्यालय से अटैच किया गया। फिर पूरी हुई विभागीय जांच जोन-आठ के अवर अभिंयता शिवओम त्यागी और सुपरवाइजर अनिल त्यागी को दोषी पाए गए। जीडीए उपाध्यक्ष ने सुपरवाइजर अनिल त्यागी को निलंबित करने के साथ अवर अभियंता शिवओम त्यागी के निलंबित की शासन से संस्तुति की है।
अवैध निर्माण के मामले में दूसरी शिकायत नेहरूनगर द्वितीय में आई। नेहरूनगर द्वितीय में भूखंड संख्या 2सी/64, 65 व 67 पर बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए भूतल के अलावा तीन मंजिला पर कुल सात इकाइयों का निर्माण किया गया। जीडीए वीसी के निर्देश पर विभागीय कमेटी गठित कर कराई गई जांच में मौके पर अवैध निर्माण पाया गया। जांच में दोषी पाए जाने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने वर्कमेट दीवान सिंह, रंजीत सिंह और अजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, अवर अभियंता अशोक अरोड़ा को निलंबित करने के लिए शासन को संस्तुति की है।
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कोट
अवैध निर्माण के दो मामलों में विभागीय जांच कराई गई। जांच में दोषी पाए जाने पर दो अवर अभिंयता के निलंबित की शासन को संस्तुति की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक सुपरवाइजर और तीन वर्कमेट को निलंबित किया गया है।
-कृष्णा करुणेश, उपाध्यक्ष, जीडीए
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गाजियाबाद। अवैध निर्माण में दोषी जीडीए के कर्मचारियों और अधिकारियों पर फिर से गाज गिरनी शुरू हो गई। शिकायत पर जीडीए उपाध्यक्ष ने जोन-आठ के विक्रम एंक्लेव और जोन-चार के नेहरूनगर में अवैध निर्माण मामले की विभागीय जांच कराई थी। जांच में दोषी पाए जाने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने कृष्णा करुणेश ने जोन-आठ के सुपरवाइजर और जोन-चार के तीन वर्कमेट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं, दोनों जोन के अवर अभियंताओं के निलंबित की शासन से संस्तुति की है।
जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश के निर्देश पर विभिन्न जोन में 913 अवैध निर्माण को चिन्हित किया गया है। इसी बीच अवैध निर्माण कराने में लिप्त प्राधिकरण कर्मियों और अधिकारियों की शिकायत पर उपाध्यक्ष ने जांच के आदेश दिए थे। साहिबाबाद के शालीमार गार्डन में विक्रम एंक्लेव के एक मकान को बेचने के एग्रीमेंट में अतिरिक्त निर्माण किए जाने की एवज में जीडीए को करीब छह लाख रुपये सुविधा शुल्क देने का मामला सामने आया। मामले में हुए एक एग्रीमेंट की कॉपी सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुई। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने एक जांच कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए। शुरुआती जांच पर जोन-आठ की पूरी प्रवर्तन टीम को हटाकर कार्यालय से अटैच किया गया। फिर पूरी हुई विभागीय जांच जोन-आठ के अवर अभिंयता शिवओम त्यागी और सुपरवाइजर अनिल त्यागी को दोषी पाए गए। जीडीए उपाध्यक्ष ने सुपरवाइजर अनिल त्यागी को निलंबित करने के साथ अवर अभियंता शिवओम त्यागी के निलंबित की शासन से संस्तुति की है।
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अवैध निर्माण के मामले में दूसरी शिकायत नेहरूनगर द्वितीय में आई। नेहरूनगर द्वितीय में भूखंड संख्या 2सी/64, 65 व 67 पर बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए भूतल के अलावा तीन मंजिला पर कुल सात इकाइयों का निर्माण किया गया। जीडीए वीसी के निर्देश पर विभागीय कमेटी गठित कर कराई गई जांच में मौके पर अवैध निर्माण पाया गया। जांच में दोषी पाए जाने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने वर्कमेट दीवान सिंह, रंजीत सिंह और अजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, अवर अभियंता अशोक अरोड़ा को निलंबित करने के लिए शासन को संस्तुति की है।
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अवैध निर्माण के दो मामलों में विभागीय जांच कराई गई। जांच में दोषी पाए जाने पर दो अवर अभिंयता के निलंबित की शासन को संस्तुति की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एक सुपरवाइजर और तीन वर्कमेट को निलंबित किया गया है।
-कृष्णा करुणेश, उपाध्यक्ष, जीडीए