Ghaziabad Election Result: फर्स्ट डिवीजन से चूके BJP प्रत्याशी अतुल गर्ग, वीके सिंह का नहीं टूटा रिकॉर्ड
2019 में गाजियाबाद लोकसभा सीट पर दूसरी बार मैदान में उतरे जनरल वीके सिंह को जनता ने 62 फीसदी वोट देकर चुनावी परीक्षा में फर्स्ट डिवीजन पास किया और संसद पहुंचाया। जनरल वीके सिंह का यह रिकॉर्ड 2024 में टूट नहीं पाया।
विस्तार
1957 से 2024 के बीच हुए 17 चुनावों में केवल चार सांसद ही चुनावी परीक्षा में प्रथम श्रेणी में पास हो सके हैं। अतुल गर्ग भी 60 फीसदी मत पाने से चूक गए। उन्हें 58.9 फीसदी मत मिल सके। पिछले दो चुनावों की बात करें तो इस बार बीजेपी का वोट घटा है और जीत का अंतर भी माइनस में रहा है।
हापुड़-गाजियाबाद सीट पर 1957 में पहली बार हुए दूसरे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कृष्ण चंद शर्मा को 67.4 फीसदी वोट देकर लोगों ने जीत दिलाई थी। यह रिकॉर्ड 67 साल बाद भी टूट नहीं सका है। 1977 के बाद 2014 तक किसी भी दल को 60 फीसदी वोट नहीं मिले। 2019 में गाजियाबाद लोकसभा सीट पर दूसरी बार मैदान में उतरे जनरल वीके सिंह को जनता ने 62 फीसदी वोट देकर चुनावी परीक्षा में फर्स्ट डिवीजन पास किया और संसद पहुंचाया। जनरल वीके सिंह का यह रिकॉर्ड 2024 में टूट नहीं पाया। जनरल को 944,503 वोट मिले थे जबकि अतुल गर्ग को इस बार 854,170 वोट मिले हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा को 3,36,965 वोटों से हराया। पिछले दो चुनावों के मुकाबले इस बार बीजेपी का 3.84 फीसदी कम हो गया है।
60 फीसदी से अधिक वोट पाने वाले सांसद
वर्ष सांसद पार्टी मत प्रतिशत
1957 कृष्ण चंद शर्मा (कांग्रेस) 67.4 फीसदी
1971 बुद्ध प्रिय मौर्य (कांग्रेस) 60.9 प्रतिशत
1971 कुंवर महमूद अली (बीएलडी) 62.0 फीसदी
2019 जनरल वीके सिंह (भाजपा) 62.0 फीसदी
सुरेंद्र प्रकाश गोयल का टूटा रिकॉर्ड
गाजियाबाद सदर सीट पर 2002 में कांग्रेस से विधायक बने सुरेंद्र प्रकाश गोयल को दो साल बाद ही लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया। वह चुनाव लड़े और भाजपा से चार बार के सांसद रहे रमेशचंद तोमर को हरा दिया और सांसद बन गए। वह वैश्य समाज से आते थे। उन्हें स्थानीय होने का लाभ मिला। इस बार यह समीकरण भाजपा ने प्रयोग किया और गाजियाबाद सदर सीट सीट से विधायक अतुल गर्ग को चुनाव लड़ाया। अतुल गर्ग भी वैश्य समाज से आते हैं और स्थानीय हैं। इसका लाभ उन्हें मिला और वह चुनाव जीत गए। नवनिर्वाचित सांसद अतुल गर्ग का कहना है कि वोटिंग प्रतिशत कम होने से असर हुआ है। यही चुनाव यदि फरवरी मार्च में होता तो जीत का अंतर भी बढ़ता वोटिंग भी।
सदर सीट पर होगा उप चुनाव
सदर सीट से विधायक रहे अतुल गर्ग के सांसद बन जाने के बाद अब इस सीट पर विधानसभा का उप चुनाव होना तय है। उप चुनाव में टिकट के लिए दावेदारों ने पार्टी हाइकमान से संपर्क शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि उप चुनाव की घोषणा इस महीने के आखिर तक हो सकती है।