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सोच बदलिए... गाजियाबाद में घट रहीं बेटियों की संख्या
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:19 AM IST
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बच्ची का जन्म
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तमाम उपाय और जागरूक ता अभियानों के बावजूद गाजियाबाद में लड़कियों की संख्या लड़कों के सापेक्ष कम होती जा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के 2016 के हाउस होल्ड सर्वे की रिपोर्ट चौंकाने वाली है।
एक से 14 साल तक के बच्चों पर किए गए इस सर्वे से पता चलता है कि गाजियाबाद में लड़कों की संख्या के सापेक्ष 34 हजार लड़कियां कम हैं। यही हाल रहा तो नवरात्र में जिमाने के लिए कंजक मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
जिला समन्वयक पवन भाटी ने बताया कि वर्ष 2016 में जो हाउस होल्ड सर्वे किया गया है उसके तहत 14 वर्ष तक के बच्चों की कुल संख्या 481888 है। इनमे से बालकों की संख्या 258275 और बालिकाओं की संख्या 223613 है।
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ऐसे में बालक-बालिका के बीच का अंतर 34662 है। पवन भाटी बताते हैं कि पिछले बार के मुकाबले इस बार अनुपात कम होने की बजाय और बढ़ गया है। वर्ष 2015 के हाउस होल्ड सर्वे में बालक-बालिका के बीच का अंतर 33921 आया था। वर्ष 2015 में 14 वर्ष तक के बच्चों की कुल संख्या 470747 थी। इनमें से लड़कों की संख्या 252334 और बालिकाओं की संख्या 218413 थी।
खूब चला बेटी-बचाओ अभियान फिर भी संतुलन बिगड़ा
वर्ष 2015 में बेटा-बेटी के बीच के बड़े अंतर की वजह से प्रदेश के दस जनपदों में गाजियाबाद को शामिल किया गया था। इसके बाद से ही जनपद में बेटी बचाओ अभियान के तहत नारी चौपाल और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बावजूद इसके बेटियों की संख्या बढ़ने की बजाय घट गई है।
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एक से 14 साल तक के बच्चों पर किए गए इस सर्वे से पता चलता है कि गाजियाबाद में लड़कों की संख्या के सापेक्ष 34 हजार लड़कियां कम हैं। यही हाल रहा तो नवरात्र में जिमाने के लिए कंजक मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
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जिला समन्वयक पवन भाटी ने बताया कि वर्ष 2016 में जो हाउस होल्ड सर्वे किया गया है उसके तहत 14 वर्ष तक के बच्चों की कुल संख्या 481888 है। इनमे से बालकों की संख्या 258275 और बालिकाओं की संख्या 223613 है।
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ऐसे में बालक-बालिका के बीच का अंतर 34662 है। पवन भाटी बताते हैं कि पिछले बार के मुकाबले इस बार अनुपात कम होने की बजाय और बढ़ गया है। वर्ष 2015 के हाउस होल्ड सर्वे में बालक-बालिका के बीच का अंतर 33921 आया था। वर्ष 2015 में 14 वर्ष तक के बच्चों की कुल संख्या 470747 थी। इनमें से लड़कों की संख्या 252334 और बालिकाओं की संख्या 218413 थी।
खूब चला बेटी-बचाओ अभियान फिर भी संतुलन बिगड़ा
वर्ष 2015 में बेटा-बेटी के बीच के बड़े अंतर की वजह से प्रदेश के दस जनपदों में गाजियाबाद को शामिल किया गया था। इसके बाद से ही जनपद में बेटी बचाओ अभियान के तहत नारी चौपाल और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बावजूद इसके बेटियों की संख्या बढ़ने की बजाय घट गई है।