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Ghaziabad News: दो दिन में लाइसेंस बनवाओ वरना जूस बेचने दिल्ली जाओ
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लोनी। या तो दो दिन के अंदर खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस बनवाकर शुद्ध तरीके से जूस बेचना शुरू करो या फिर यहां से दुकान बंद करके दिल्ली चले जाओ... यह अल्टीमेटम बृहस्पतिवार को लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने दिया। जूस की दुकानों पर जाकर विधायक ने कहा, जानकारी मिली है कि कई लोग मानव मूत्र मिलाकर जूस बेच रहे हैं। ऐसे सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी।
विधायक ने बताया कि वह डीएलएफ और राम पार्क काॅलोनी में जूस की दुकानों पर गए थे। चार जूस विक्रेताओं से लाइसेंस के बारे में जानकारी की। उनसे कहा कि बिना लाइसेंस के जूस नहीं बेचने दिया जाएगा। जिनके पास लाइसेंस नहीं है, वे दिल्ली के सीलमपुर या मुस्तफाबाद चले जाएं, वहां जाकर जूस बेचें। लोनी में गरीब लोग रहते हैं, कोई जूस नहीं पीता है।
उन्होंने कहा, लोनी की इंद्रापुरी काॅलोनी में 13 सितंबर को एक जूस विक्रेता आमिर पकड़ा गया। वह जूस में मूत्र मिलाकर बेचता था। यह बहुत ही घृणित मामला है। इससे लोनी का नाम बदनाम हुआ है। किसी और को ऐसा घृणित काम नहीं करने दिया जाएगा। इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा नजर आया था। 14 सितंबर को लोगों ने जूस की तीन दुकानें बंद करा दी थीं।
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अभियान चलाकर जांच करें
विधायक ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोनी के सभी जूस विक्रेताओं के लाइसेंस चेक किए जाएं। बगैर लाइसेंस जूस बेचने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। जो लोग दुकान में गंदगी रखते हैं, उन्हें भी नहीं बख्शा जाए। जो दुकानदार जूस में मूत्र मिलाकर बेचते हुए पकड़ा गया, उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दुकानदार को भेजा गया था जेल
यह मामला 13 सितंबर का है। इंद्रापुरी काॅलोनी में खुशी जूस कार्नर पर कुछ लोगों ने हंगामा किया। उनका कहना था कि जूस विक्रेता आमिर जूस में मूत्र मिलाकर बेचता है। पुलिस ने जांच की तो दुकान में दो केन मिलीं। दोनों में मूत्र भरा हुआ था। पूछताछ में आमिर ने कहा कि आसपास शौचालय नहीं होने की वजह से वह केन में ही लघु शंका निवारण करता था, लेकिन कभी जूस में मूत्र नहीं मिलाया। पुलिस ने केस दर्ज कर आमिर को जेल भेज दिया था।
चर्चा में रहते हैं विधायक
लोनी के विधायक अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। अपराध की घटनाओं पर वह कई बार पुलिस अफसरों के खिलाफ बयान दे चुके हैं।
पिछले दिनों उन्होंने पुलिस अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने दो सुरक्षाकर्मियों को भी वापस भेज दिया था। यह मामला सुर्खियों में रहा था।
गाजियाबाद में ट्रैफिक जाम खत्म करने के लिए पुलिस की ओर से तीन सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने पर पाबंदी लगाए जाने पर भी विधायक ने अफसरों के खिलाफ बयान दिए थे।
जूस में मूत्र मिलाए जाने के मामले में वह लगातार बयान दे रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को गाजियाबाद आए सीएम योगी के सामने भी यह मामला रखा था।
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विधायक ने बताया कि वह डीएलएफ और राम पार्क काॅलोनी में जूस की दुकानों पर गए थे। चार जूस विक्रेताओं से लाइसेंस के बारे में जानकारी की। उनसे कहा कि बिना लाइसेंस के जूस नहीं बेचने दिया जाएगा। जिनके पास लाइसेंस नहीं है, वे दिल्ली के सीलमपुर या मुस्तफाबाद चले जाएं, वहां जाकर जूस बेचें। लोनी में गरीब लोग रहते हैं, कोई जूस नहीं पीता है।
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उन्होंने कहा, लोनी की इंद्रापुरी काॅलोनी में 13 सितंबर को एक जूस विक्रेता आमिर पकड़ा गया। वह जूस में मूत्र मिलाकर बेचता था। यह बहुत ही घृणित मामला है। इससे लोनी का नाम बदनाम हुआ है। किसी और को ऐसा घृणित काम नहीं करने दिया जाएगा। इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा नजर आया था। 14 सितंबर को लोगों ने जूस की तीन दुकानें बंद करा दी थीं।
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विधायक ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोनी के सभी जूस विक्रेताओं के लाइसेंस चेक किए जाएं। बगैर लाइसेंस जूस बेचने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। जो लोग दुकान में गंदगी रखते हैं, उन्हें भी नहीं बख्शा जाए। जो दुकानदार जूस में मूत्र मिलाकर बेचते हुए पकड़ा गया, उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दुकानदार को भेजा गया था जेल
यह मामला 13 सितंबर का है। इंद्रापुरी काॅलोनी में खुशी जूस कार्नर पर कुछ लोगों ने हंगामा किया। उनका कहना था कि जूस विक्रेता आमिर जूस में मूत्र मिलाकर बेचता है। पुलिस ने जांच की तो दुकान में दो केन मिलीं। दोनों में मूत्र भरा हुआ था। पूछताछ में आमिर ने कहा कि आसपास शौचालय नहीं होने की वजह से वह केन में ही लघु शंका निवारण करता था, लेकिन कभी जूस में मूत्र नहीं मिलाया। पुलिस ने केस दर्ज कर आमिर को जेल भेज दिया था।
चर्चा में रहते हैं विधायक
लोनी के विधायक अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। अपराध की घटनाओं पर वह कई बार पुलिस अफसरों के खिलाफ बयान दे चुके हैं।
पिछले दिनों उन्होंने पुलिस अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपने दो सुरक्षाकर्मियों को भी वापस भेज दिया था। यह मामला सुर्खियों में रहा था।
गाजियाबाद में ट्रैफिक जाम खत्म करने के लिए पुलिस की ओर से तीन सड़कों पर ई-रिक्शा चलाने पर पाबंदी लगाए जाने पर भी विधायक ने अफसरों के खिलाफ बयान दिए थे।
जूस में मूत्र मिलाए जाने के मामले में वह लगातार बयान दे रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को गाजियाबाद आए सीएम योगी के सामने भी यह मामला रखा था।