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जीडीए समेत कई विभागों पर पांच लाख जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 19 May 2016 12:23 AM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
कौशांबी अपार्टमेंट रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (कारवा) की ओर से दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए एनजीटी ने जीडीए, नगर निगम, डीएम, पीसीबी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
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कौशांबी में समस्याओं का निपटारा सही तरीके से नहीं होने से खफा एनजीटी ने तीन सप्ताह में इसके समाधान का निर्देश दिया और सभी विभागों पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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कौशांबी की समस्याओं को लेकर कारवा ने एनजीटी में याचिका दायर कर रखी है। बीते 21 अप्रैल को एनजीटी ने अगली सुनवाई तक समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया था। सभी विभागों के अधिकारियों ने एनजीटी में एफिडेविट दिया था, जिसमें कहा गया था कि सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।
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बुधवार को हुई सुनवाई में कारवा के वकील अजय कोहली ने कहा कि विभागों ने काम नहीं कराए। कौशांबी में सारी समस्याएं जस की तस हैं। कारवा के अध्यक्ष वीके मित्तल ने बताया कि सभी विभाग जुर्माने की रकम केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड में जमा करेंगे।
इसी के साथ डीएम, एसएसपी, जीडीए वीसी, नगर आयुक्त, यूपीएसआरटीसी और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में काम में लापरवाही बरतने की एंट्री करने का भी निर्देश दिया गया है। जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने एफिडेविट जमा करने के बावजूद विभागों के काम नहीं करने पर नाराजगी जताई। इस मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी।
कौशांबी की मुख्य समस्याएं
अतिक्रमण, सीवर, प्रदूषण, सफाई और बरसात के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं। डंपिंग ग्राउंड और भारी वाहनों का कालोनी में प्रवेश।