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Ghaziabad News: जिले के पांच गांवों से हटे सिंभावली शुगर मिल के तौल केंद्र
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गाजियाबाद। जिले के पांच गांवों में संचालित सिंभावली शुगर मिल के तौल केंद्रों को खत्म करके इस बार मोदी शुगर मिल को दे दिया गया है। इन गांवों के किसान अब सिंभावली मिल की बजाय मोदी शुगर मिल को अपना गन्ना देंगे। हालांकि, भनेड़ा समेत कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां पर सिंभावली के साथ मोदी शुगर के तौल केंद्र भी चल रहे थे। किसानों को इसमें यह फायदा हो रहा था कि वह किसी एक मिल की समय पर पर्ची न मिलने की स्थिति में अपना गन्ना दूसरे पर डाल देते थे। इससे वह समय पर खेत खाली करके दूसरी फसल बो देते थे। लेकिन अब यह विकल्प खत्म हो गया है।
जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मोदी शुगर मिल के पहले 70 केंद्र संचालित थे, अब इसमें पांच केंद्र और बढ़ा दिए गए हैं। इसमें भिक्कनपुर, भनेड़ा, रावली, फजलगढ़, नूरपुर गांव के केंद्र शामिल हैं। यह निर्णय गन्ना आयुक्त के स्तर से लिया गया है। विधिवत सर्वे कराने के बाद विभाग की ओर से संस्तुति भेजी गई थी। इन किसानों को मोदी शुगर मिल की पर्चियां उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। भिक्कनपुर गांव निवासी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि मोदी शुगर मिल का भुगतान अच्छा है, लेकिन यह गन्ना खरीद में देरी करता है, इस कारण किसान खेत खाली न होने की वजह से दूसरी फसल समय पर नहीं बो पाता या फिर बुआई में देरी हो जाती है।
31 को चल जाएगी मोदी शुगर मिल :
मोदी शुगर मिल का पेराई सत्र इस बार 31 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। पिछली बार सत्र की शुरूआत 01 नवंबर को हुई थी। किसानों को पर्चियां उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। मोदी शुगर के जीएम गन्ना राहुल त्यागी ने बताया कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले मिल में मरम्मत आदि का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
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जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मोदी शुगर मिल के पहले 70 केंद्र संचालित थे, अब इसमें पांच केंद्र और बढ़ा दिए गए हैं। इसमें भिक्कनपुर, भनेड़ा, रावली, फजलगढ़, नूरपुर गांव के केंद्र शामिल हैं। यह निर्णय गन्ना आयुक्त के स्तर से लिया गया है। विधिवत सर्वे कराने के बाद विभाग की ओर से संस्तुति भेजी गई थी। इन किसानों को मोदी शुगर मिल की पर्चियां उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। भिक्कनपुर गांव निवासी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि मोदी शुगर मिल का भुगतान अच्छा है, लेकिन यह गन्ना खरीद में देरी करता है, इस कारण किसान खेत खाली न होने की वजह से दूसरी फसल समय पर नहीं बो पाता या फिर बुआई में देरी हो जाती है।
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31 को चल जाएगी मोदी शुगर मिल :
मोदी शुगर मिल का पेराई सत्र इस बार 31 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। पिछली बार सत्र की शुरूआत 01 नवंबर को हुई थी। किसानों को पर्चियां उपलब्ध कराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। मोदी शुगर के जीएम गन्ना राहुल त्यागी ने बताया कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले मिल में मरम्मत आदि का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
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