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Ghaziabad News: बीमा रिफंड के नाम पर 24 लाख रुपये की ठगी, दो शातिर गिरफ्तार
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गाजियाबाद। बीमा पॉलिसी का रिफंड दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। इनके पकड़े जाने से तीन राज्यों में 24 लाख रुपये की ठगी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि आरोपी बीमा कंपनी के कर्मचारी और एजेंट बनकर लोगों को कॉल करते थे। वे पॉलिसी का रिफंड कराने के लिए कर, प्रसंस्करण शुल्क और अन्य शुल्क जमा कराने का झांसा देते थे। शातिर नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक बीमा पॉलिसी ब्रोकिंग कंपनी में कॉलिंग का काम करते थे। उन्हें कंपनी से ग्राहकों का बीमा पॉलिसी से संबंधित डेटा मिलता था। इसी डेटा का इस्तेमाल कर वे ग्राहकों को ठगते थे। पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए वे इंटरनेट से बीमा कंपनी के कर्मचारियों के फर्जी पहचान पत्र डाउनलोड करते थे। इन पहचान पत्रों को व्हॉट्सएप के जरिये पीड़ितों को भेजा जाता था। सुनील कुमार बीमा एजेंट केके पांडेय और आशीष शर्मा पवन कुमार पटेल बनकर बात करते थे। आशीष शर्मा बीमा कंपनी का डेटा और बैंक खातों की व्यवस्था करता था। ठगी की रकम कंपनी के खातों के बजाय अपने खातों में जमा कराते थे।
......
युवक से ठगे थे 11 लाख रुपये
गुलधर निवासी रमेश कुमार शर्मा के साथ 11 लाख रुपये की ठगी हुई थी। इस संबंध में मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी। पुलिस ने ठगी गई रकम में से 1.43 लाख रुपये जब्त भी कराए हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और बैंक खातों की पड़ताल के बाद आरोपियों को नगर कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
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अन्य राज्यों में भी ठगी का खुलासा
गिरफ्तार शातिर अलीगढ़ के सुनील कुमार और फरीदाबाद के आशीष शर्मा हैं। सुनील वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर के छपरौला में रहता है। अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपियों ने गाजियाबाद के अलावा महाराष्ट्र और तेलंगाना के लोगों से भी ठगी की है। महाराष्ट्र के डोंबीवली निवासी सतीश विनायक नाके से 9.87 लाख रुपये और तेलंगाना के हैदराबाद निवासी बृजेश कुमार मौर्य से 2.50 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि आरोपी बीमा कंपनी के कर्मचारी और एजेंट बनकर लोगों को कॉल करते थे। वे पॉलिसी का रिफंड कराने के लिए कर, प्रसंस्करण शुल्क और अन्य शुल्क जमा कराने का झांसा देते थे। शातिर नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक बीमा पॉलिसी ब्रोकिंग कंपनी में कॉलिंग का काम करते थे। उन्हें कंपनी से ग्राहकों का बीमा पॉलिसी से संबंधित डेटा मिलता था। इसी डेटा का इस्तेमाल कर वे ग्राहकों को ठगते थे। पीड़ितों को विश्वास दिलाने के लिए वे इंटरनेट से बीमा कंपनी के कर्मचारियों के फर्जी पहचान पत्र डाउनलोड करते थे। इन पहचान पत्रों को व्हॉट्सएप के जरिये पीड़ितों को भेजा जाता था। सुनील कुमार बीमा एजेंट केके पांडेय और आशीष शर्मा पवन कुमार पटेल बनकर बात करते थे। आशीष शर्मा बीमा कंपनी का डेटा और बैंक खातों की व्यवस्था करता था। ठगी की रकम कंपनी के खातों के बजाय अपने खातों में जमा कराते थे।
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युवक से ठगे थे 11 लाख रुपये
गुलधर निवासी रमेश कुमार शर्मा के साथ 11 लाख रुपये की ठगी हुई थी। इस संबंध में मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी। पुलिस ने ठगी गई रकम में से 1.43 लाख रुपये जब्त भी कराए हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और बैंक खातों की पड़ताल के बाद आरोपियों को नगर कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
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अन्य राज्यों में भी ठगी का खुलासा
गिरफ्तार शातिर अलीगढ़ के सुनील कुमार और फरीदाबाद के आशीष शर्मा हैं। सुनील वर्तमान में गौतमबुद्ध नगर के छपरौला में रहता है। अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपियों ने गाजियाबाद के अलावा महाराष्ट्र और तेलंगाना के लोगों से भी ठगी की है। महाराष्ट्र के डोंबीवली निवासी सतीश विनायक नाके से 9.87 लाख रुपये और तेलंगाना के हैदराबाद निवासी बृजेश कुमार मौर्य से 2.50 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।