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Ghaziabad News: 15 से 40 मिनट तक करना पड़ रहा इंतजार, 50 में से 18 सिटी बसें खराब
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साहिबाबाद। खाड़ी देशों में तनाव के बीच जहां सरकार पेट्रोल-डीजल की बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रही है, वहीं गाजियाबाद में सिटी बस सेवा मौजूदा जरूरतों पर खरी नहीं उतर रही। 50 में से 18 बसें खराब होने के कारण केवल 32 बसें ही सड़कों पर हैं। इससे अलग-अलग रूटों पर बसों का अंतराल बढ़ गया है। कहीं 15 मिनट तो कहीं 30-40 मिनट बाद बस मिल रही है। दोपहर और रात 7 बजे के बाद तो कई रूटों पर सेवा लगभग ठप रहती है।
कौशांबी से लोनी रूट पर 13 सिटी बसें 15 मिनट के अंतराल पर चल रही हैं। लोनी और दादरी रूट पर भी बसें करीब 15 मिनट पर मिल जाती हैं। लेकिन गोविंदपुरी रूट पर यात्रियों को 30-40 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे खराब हालत दिलशाद गार्डन से मसूरी रूट की है, जहां केवल एक बस चल रही है। वह भी सिर्फ कॉलेज और ऑफिस टाइम में।
यात्री यश कुमार का कहना है कि दोपहर में सड़क पर सिटी बसें दिखती ही नहीं। रात 7 बजे के बाद भी बस सेवा बंद जैसी हो जाती है। बसें देर से आती हैं और संख्या कम होने से सीट नहीं मिलती। लंबे इंतजार से तंग आकर लोग मजबूरी में ऑटो या निजी वाहन पकड़ लेते हैं।
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सिटी बस विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बसों का संचालन सुबह 5:30 बजे शुरू हो जाता है और आखिरी बस रात 11 बजे डिपो लौटती है। लेकिन हकीकत में दोपहर के समय ज्यादातर बसें चार्जिंग पर लगी रहती हैं।
क्या बोले अधिकारी
क्षेत्रीय प्रबंधक केसरी नंदन चौधरी ने माना कि बेड़े की 50 में से 18 बसें खराब हैं। उन्होंने कहा, सुबह-शाम के समय बसों का संचालन किया जाता है, मगर जनसंख्या के हिसाब से यह पर्याप्त नहीं है। रूट पर चार्जिंग की व्यवस्था न होने का असर फ्रीक्वेंसी पर पड़ता है। दोपहर के वक्त अधिकतर बसें चार्ज होती हैं।
कहां कितना इंतजार
रूट अंतराल बसें
कौशांबी-लोनी 15 मिनट 13
लोनी-दादरी 15 मिनट
गोविंदपुरी 30-40 मिनट
दिलशाद गार्डन-मसूरी सिर्फ पीक आवर
18 बसें खराब होने से सेवा पर सीधा असर पड़ा है। ऑफिस और कॉलेज जाने वाले यात्री सबसे ज्यादा परेशान हैं।
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कौशांबी से लोनी रूट पर 13 सिटी बसें 15 मिनट के अंतराल पर चल रही हैं। लोनी और दादरी रूट पर भी बसें करीब 15 मिनट पर मिल जाती हैं। लेकिन गोविंदपुरी रूट पर यात्रियों को 30-40 मिनट तक इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे खराब हालत दिलशाद गार्डन से मसूरी रूट की है, जहां केवल एक बस चल रही है। वह भी सिर्फ कॉलेज और ऑफिस टाइम में।
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यात्री यश कुमार का कहना है कि दोपहर में सड़क पर सिटी बसें दिखती ही नहीं। रात 7 बजे के बाद भी बस सेवा बंद जैसी हो जाती है। बसें देर से आती हैं और संख्या कम होने से सीट नहीं मिलती। लंबे इंतजार से तंग आकर लोग मजबूरी में ऑटो या निजी वाहन पकड़ लेते हैं।
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सिटी बस विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बसों का संचालन सुबह 5:30 बजे शुरू हो जाता है और आखिरी बस रात 11 बजे डिपो लौटती है। लेकिन हकीकत में दोपहर के समय ज्यादातर बसें चार्जिंग पर लगी रहती हैं।
क्या बोले अधिकारी
क्षेत्रीय प्रबंधक केसरी नंदन चौधरी ने माना कि बेड़े की 50 में से 18 बसें खराब हैं। उन्होंने कहा, सुबह-शाम के समय बसों का संचालन किया जाता है, मगर जनसंख्या के हिसाब से यह पर्याप्त नहीं है। रूट पर चार्जिंग की व्यवस्था न होने का असर फ्रीक्वेंसी पर पड़ता है। दोपहर के वक्त अधिकतर बसें चार्ज होती हैं।
कहां कितना इंतजार
रूट अंतराल बसें
कौशांबी-लोनी 15 मिनट 13
लोनी-दादरी 15 मिनट
गोविंदपुरी 30-40 मिनट
दिलशाद गार्डन-मसूरी सिर्फ पीक आवर
18 बसें खराब होने से सेवा पर सीधा असर पड़ा है। ऑफिस और कॉलेज जाने वाले यात्री सबसे ज्यादा परेशान हैं।