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Ghaziabad News: कूड़े का ढेर ले रहा पहाड़ का आकार, दुर्गंध से 20 हजार लोग बेहाल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:00 AM IST
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Garbage pile taking the shape of a mountain; people in distress due to the stench.
मोदीनगर की गांधीनगर लंकपुरी कॉलोनी में लगा कूड़े का ढेर। संवाद
मोदीनगर। महेंद्रपुरी, सी-लाइन और गांधीनगर लंकापुरी के करीब 20 हजार लोग कूड़े के ढेर की दुर्गंध से परेशान हैं। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि गांधीनगर लंकापुरी के बड़े मैदान में करीब 15 साल से नगर का कूड़ा डाला जा रहा है। धीरे-धीरे यहां कूड़े का ढेर पहाड़ का आकार ले चुका है। बरसात और मौसम खराब होने पर दुर्गंध इतनी बढ़ जाती है कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कूड़े के कारण आसपास का पानी भी दूषित हो रहा है और कई लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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बुधवार को ‘आपका क्षेत्र आपकी आवाज’ अभियान के तहत भूपेंद्रपुरी, सी-लाइन और गांधीनगर लंकापुरी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने अपनी समस्याएं उठाईं। स्थानीय निवासी नेपाल सिंह ने बताया कि गांधीनगर लंकापुरी में बड़े मैदान में नगर का कूड़ा डाला जा रहा है। कूड़े का ढेर लगातार बढ़ रहा है और इसकी दुर्गंध से आसपास की कॉलोनियों के लोग परेशान हैं। बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है।
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संदीप शर्मा और राजीव शर्मा ने बताया कि कूड़े के ढेर से आने वाली दुर्गंध के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज सिंह, संदीप शर्मा और शिवकुमार रूहेला ने बताया कि गर्मी के दिनों में कूड़े के ढेर में आए दिन आग लग जाती है। उनका आरोप है कि कूड़े से निकलने वाली गैसों के कारण सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं होती हैं।
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बरसात में घरों तक पहुंचते हैं सांप
मनोज रूहेला, प्रमोद सैन, राजेश कुमार, मुनेश कुमार और नितेश ने बताया कि करीब 15 साल पहले यहां कूड़ा डाला जाना शुरू हुआ था। इसके विरोध में कई बार आंदोलन भी किए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि बरसात में आसपास की कॉलोनियों में भारी जलभराव हो जाता है। पानी के साथ सांप और अन्य जहरीले जीव घरों तक पहुंच जाते हैं। जलभराव के कारण आसपास बने गहरे गड्ढे भी हादसे का खतरा बने रहते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कूड़ा डालने के लिए यहां करीब 60-60 फीट गहरे गड्ढे खोदे गए थे। गड्ढे भरने के बाद अब कूड़े के ढेर पहाड़ का आकार लेने लगे हैं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने कई बार कूड़े का ढेर हटाने का आश्वासन दिया, लेकिन समस्या जस की तस है। कॉलोनीवासियों ने मामले की शिकायत नगर विकास मंत्री से भी की है।


चेयरमैन बोले, एमआरएफ सेंटर से हो रहा निस्तारण
मोदीनगर के चेयरमैन विनोद वैशाली ने बताया कि नगर में चार एमआरएफ सेंटर काम कर रहे हैं। इनमें से एक लंकापुरी क्षेत्र में ही है। पहले यहां कूड़े का बड़ा ढेर था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। एमआरएफ सेंटर की मदद से कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। संबंधित स्थान पर नाले से निकलने वाली सिल्ट डालकर गड्ढों का भराव कराया जा रहा है।

मोदीनगर की गांधीनगर लंकपुरी कॉलोनी में लगा कूड़े का ढेर। संवाद

मोदीनगर की गांधीनगर लंकपुरी कॉलोनी में लगा कूड़े का ढेर। संवाद

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