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ट्यूब सेटलर तकनीक पर यूपी का पहला गंगाजल प्लांट बनेगा
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 13 Jan 2017 10:52 PM IST
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गंगा जल
- फोटो : file photo
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नोएडा और सिद्धार्थ विहार के लोगों की प्यास बुझाने के लिए प्रताप विहार में नया गंगाजल प्लांट अब आधुनिक तकनीक को इस्तेमाल कर बनाया जाएगा। जल निगम नए प्लांट में ट्यूब सेटलर तकनीक का इस्तेमाल करेगा और इस तकनीक पर बनने वाला यह यूपी का पहला गंगाजल प्लांट होगा।
इसमें न केवल 30 फीसदी कम जमीन की जरूरत होगी, बल्कि 14 से 15 करोड़ की लागत भी कम होगी। जल निगम के अधिकारियों ने पुणे में इस तकनीक पर बने प्लांट में जाकर जानकारी भी जुटाई।प्रताप विहार (सिद्धार्थ विहार) में जल्द ही 50 क्यूसेक क्षमता के गंगाजल प्लांट का निर्माण शुरू किया जाना है।
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इस प्लांट से 75 फीसदी पानी नोएडा की कालोनियों को और 25 फीसदी पानी आवास विकास की सिद्धार्थ विहार कालोनी को दिया जाना है। 240 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट में नोएडा और आवास विकास परिषद के अधिकारी फंडिंग में गंगाजल आपूर्ति के अनुपात में ही करेंगे।
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इस पर नोएडा अथॉरिटी और आविप से सहमति मिल चुकी है। जल निगम के अधिकारी अब इस प्लांट में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने की प्लानिंग कर रहे हैं। जल निगम के अधिकारियों की मानें तो ट्यूब सेटलर टेकभनालॉजी में 30 फीसदी कम जमीन की जरूरत और सस्ता होने के साथ-साथ मूविंग पार्ट्स भी कम होते हैं।
यानी बिजली और मेंटेनेंस पर आने वाले खर्च में भी कटौती होगी। अधिकारियों के मुताबिक इस तकनीक से पानी का फिल्ट्रेशन भी ज्यादा तेजी से होता है। कम समय में ज्यादा गंगाजल की आपूर्ति की जा सकेगी।
मौजूदा तकनीक पर प्लांट लगाने पर जहां 75 करोड़ रुपए खर्च होते हैं, वहीं ट्यूब सेटलर तकनीक से 50 क्यूसेक क्षमता के प्लांट पर तकरीबन 60 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बाकी खर्च पाइप लाइन, मोटरें आदि पर होगा।