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Ghaziabad News: भूखंड व मकान देने के नाम पर 29.41 करोड़ की धोखाधड़ी
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में भूखंड व मकान दिलाने के नाम पर करीब 40 लोगों से 29.41 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इस मामले में राजनगर एक्सटेंशन की राजगार्डन सिटी में रहने वाले पीड़ित ने नंदग्राम थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
राजगार्डन सिटी में रहने वाले संजय गर्ग ने शिकायत देकर बताया है कि उन्होंने एसएसआर सेंट्रल एवेन्यू का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में नूरनगर राजनगर एक्टेंशन में भूखंड और मकान बेचने की जानकारी दी गई। संजय गर्ग के अनुसार उन्होंने और 39 अन्य लोगों ने उक्त योजना में निवेश कर दिया। सभी ने लगभग 29.41 करोड़ का निवेश किया। आरोप है कि कंपनी के संदीप कुमार गुप्ता, पीके गुप्ता डायरेक्टर एएसआर रियलटेक लिमिटेड, मेसर्स राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के डायरेक्टर वरुण मक्कर, दीपक शर्मा उर्फ नितिन शर्मा, रेनू सिंघल, अंकुर सिंघल, शिवानी, सारिका, सुरभि शर्मा और मानसी केयर ऑफ दीपक शर्मा उर्फ नितिन शर्मा कर्मचारी मेसर्स एएसआर रियलटेक ने उक्त रकम का गबन कर लिया और उन्हें न तो प्लॉट मिला और न ही मकान। अब पीड़ितों ने नंदग्राम थाने में उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
बिल्डर के खिलाफ मिले अहम सुबूत
मामले की जांच कर रहे एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि एएसआर रियलटेक, मेसर्स राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के प्रबंधकों की इस धोखाधड़ी में संलिप्ता पाई गई है। गत दिनों प्रबंधकों ने धोखाधड़ी की जानकारी न होने की बात कही थी। कुछ ऐसे सुबूत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि मुख्य आरोपी दीपक शर्मा उर्फ नितिन इनके यहां नौकरी करता है। कंपनी के दस्तावेजों का प्रयोग किया गया है। जल्द ही प्रबंधकों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
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राजगार्डन सिटी में रहने वाले संजय गर्ग ने शिकायत देकर बताया है कि उन्होंने एसएसआर सेंट्रल एवेन्यू का एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में नूरनगर राजनगर एक्टेंशन में भूखंड और मकान बेचने की जानकारी दी गई। संजय गर्ग के अनुसार उन्होंने और 39 अन्य लोगों ने उक्त योजना में निवेश कर दिया। सभी ने लगभग 29.41 करोड़ का निवेश किया। आरोप है कि कंपनी के संदीप कुमार गुप्ता, पीके गुप्ता डायरेक्टर एएसआर रियलटेक लिमिटेड, मेसर्स राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के डायरेक्टर वरुण मक्कर, दीपक शर्मा उर्फ नितिन शर्मा, रेनू सिंघल, अंकुर सिंघल, शिवानी, सारिका, सुरभि शर्मा और मानसी केयर ऑफ दीपक शर्मा उर्फ नितिन शर्मा कर्मचारी मेसर्स एएसआर रियलटेक ने उक्त रकम का गबन कर लिया और उन्हें न तो प्लॉट मिला और न ही मकान। अब पीड़ितों ने नंदग्राम थाने में उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
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बिल्डर के खिलाफ मिले अहम सुबूत
मामले की जांच कर रहे एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि एएसआर रियलटेक, मेसर्स राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के प्रबंधकों की इस धोखाधड़ी में संलिप्ता पाई गई है। गत दिनों प्रबंधकों ने धोखाधड़ी की जानकारी न होने की बात कही थी। कुछ ऐसे सुबूत मिले हैं, जिससे पता चलता है कि मुख्य आरोपी दीपक शर्मा उर्फ नितिन इनके यहां नौकरी करता है। कंपनी के दस्तावेजों का प्रयोग किया गया है। जल्द ही प्रबंधकों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
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