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Ghaziabad News: ट्रकों पर लगे फास्टैग से खुली 81 लाख की धोखाधड़ी
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माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। बिजनौर स्थित आरएम कंपनी धारा मोटर फाइनेंस लिमिटेड से करीब 81 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रक खरीदने वाले योगेश कुमार और विशाल के खिलाफ साहिबाबाद थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है।
दोनों सगे भाई है। दोनों ट्रक लेने के बाद कुछ किस्तें जमा की लेकिन, बाद में फर्जीवाड़ा कर ट्रक का नंबर प्लेट और चेचिस नंबर बदलकर किस्त जमा करना बंद कर दिया। ट्रकों पर लगे फास्टैग को जब फाइनेंस कंपनी ने ट्रेस किया तो दुहाई टोल पर फुटेज मिली तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज शर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पंकज शर्मा ने तहरीर में बताया कि राजनगर रेजिडेंसी निवासी वाईके बिल्डटेक कंपनी के मालिक योगेश कुमार और वीरा इंफ्राटेक के मालिक विशाल ने दो ट्रक फाइनेंस करवाए थे। जून 2021 में योगेश कुमार को 41.20 लाख और विशाल को 40 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया था। ऋण की रकम हड़पने के लिए दोनों ने योजना बनाई। इसके बाद पहले अपनी सिविल खराब बताकर ऋण खातों का नवीनीकरण कराया।
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इसके बाद किस्त जमा करना बंद कर दिया। बाद में ट्रकों के फर्जी दस्तावेज बनवाकर नंबर प्लेट व चेचिस नंबर भी बदल दिया। नकली दस्तावेजों के सहारे दोनों ट्रकों का संचालन कराने लगे। पंकज ने पुलिस को बताया कि फाइनेंस कंपनी के दस्तावेज में ट्रकों के असली नंबर दर्ज थे। उन्हें ट्रेस करते हुए कंपनी ने उन पर जारी हुए फास्टैग को ट्रेस करना शुरू किया। दुहाई टोल प्लाजा पर ट्रकों का टोल कटने की बात पता चली। जब टोल कटने के दिन की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तब कंपनी को ट्रकों के फर्जी नंबर प्लेट व दस्तावेज पर चलने की जानकारी हुई।
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साहिबाबाद। बिजनौर स्थित आरएम कंपनी धारा मोटर फाइनेंस लिमिटेड से करीब 81 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रक खरीदने वाले योगेश कुमार और विशाल के खिलाफ साहिबाबाद थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है।
दोनों सगे भाई है। दोनों ट्रक लेने के बाद कुछ किस्तें जमा की लेकिन, बाद में फर्जीवाड़ा कर ट्रक का नंबर प्लेट और चेचिस नंबर बदलकर किस्त जमा करना बंद कर दिया। ट्रकों पर लगे फास्टैग को जब फाइनेंस कंपनी ने ट्रेस किया तो दुहाई टोल पर फुटेज मिली तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज शर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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पंकज शर्मा ने तहरीर में बताया कि राजनगर रेजिडेंसी निवासी वाईके बिल्डटेक कंपनी के मालिक योगेश कुमार और वीरा इंफ्राटेक के मालिक विशाल ने दो ट्रक फाइनेंस करवाए थे। जून 2021 में योगेश कुमार को 41.20 लाख और विशाल को 40 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया था। ऋण की रकम हड़पने के लिए दोनों ने योजना बनाई। इसके बाद पहले अपनी सिविल खराब बताकर ऋण खातों का नवीनीकरण कराया।
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इसके बाद किस्त जमा करना बंद कर दिया। बाद में ट्रकों के फर्जी दस्तावेज बनवाकर नंबर प्लेट व चेचिस नंबर भी बदल दिया। नकली दस्तावेजों के सहारे दोनों ट्रकों का संचालन कराने लगे। पंकज ने पुलिस को बताया कि फाइनेंस कंपनी के दस्तावेज में ट्रकों के असली नंबर दर्ज थे। उन्हें ट्रेस करते हुए कंपनी ने उन पर जारी हुए फास्टैग को ट्रेस करना शुरू किया। दुहाई टोल प्लाजा पर ट्रकों का टोल कटने की बात पता चली। जब टोल कटने के दिन की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तब कंपनी को ट्रकों के फर्जी नंबर प्लेट व दस्तावेज पर चलने की जानकारी हुई।