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Ghaziabad: जस्ट डायल पर ट्रांसपोर्ट बुकिंग के नाम पर ठगी, चार साइबर जालसाज गिरफ्तार, एक मोबाइल-चार बिल बरामद
Wed, 22 Jul 2026 05:52 PM IST
Digvijay Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादनगर
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 22 Jul 2026 05:52 PM IST
सार
गाजियाबाद में ट्रांसपोर्ट बुकिंग के लिए जस्ट डायल पर संपर्क करने वाले ग्राहकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का स्वाट टीम और मुरादनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गाजियाबाद में ट्रांसपोर्ट बुकिंग के लिए जस्ट डायल पर संपर्क करने वाले ग्राहकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का स्वाट टीम और मुरादनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक कीपैड मोबाइल फोन और चार मोबाइल बिल बरामद किए हैं। गिरोह के चार अन्य साथी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि मामले में सौरभ सिंह, राकेश सिंह, अभिषेक अवस्थी और दशमेश को गिरफ्तार किया है। जांच में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में हुई साइबर ठगी की चार घटनाओं का खुलासा हुआ है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने जस्ट डायल पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से फर्जी आईडी बना रखी थी। जस्ट डायल से सामान भेजने के इच्छुक ग्राहकों का संपर्क मिलने पर उन्हें फोन कर वाहन उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। किराया तय होने के बाद ग्राहकों से 10 से 50 प्रतिशत तक एडवांस ऑनलाइन जमा करा लेते थे। इसके बाद वाहन उपलब्ध कराए बिना मोबाइल नंबर बंद कर देते थे।
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फर्जी सिम और खातों का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाता था। खातों में पैसा आते ही एटीएम से तुरंत निकासी कर ली जाती थी। शिकायत होने पर संबंधित सिम, मोबाइल और एटीएम कार्ड नष्ट कर दिए जाते थे ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी सड़क किनारे या अलग-अलग स्थानों पर बैठकर कॉल करते थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। कॉल करने के लिए सस्ते कीपैड मोबाइल का इस्तेमाल किया जाता था और शिकायत मिलते ही उन्हें भी नष्ट कर दिया जाता था।
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चार आरोपी अभी फरार
पुलिस ने बताया कि गिरोह को फर्जी सिम और बैंक खाते उपलब्ध कराने में बदायूं निवासी विकास, अजय, सुरजीत और विजय की भी भूमिका सामने आई है। चारों फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना में प्रयुक्त एक कीपैड मोबाइल फोन
चार मोबाइल खरीद के बिल बरामद किया गया है। बरामद मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबरों पर विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की कई ऑनलाइन शिकायतें दर्ज मिली हैं। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।