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Ghaziabad News: आईएएस अधिकारी बनकर रंगदारी वसूलने वाली महिला समेत चार ठग गिरफ्तार
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कौशांबी। गृह मंत्रालय में भूमि अधिग्रहण विभाग में आईएएस व एडिशनल डायरेक्टर बताकर लोगों से रंगदारी कर वसूली करने वाली कोमल तनेजा समेत गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने यूपीएससी की पढ़ाई के लिए दिल्ली के नामी सेंटर से कोर्स खरीदा और ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान फर्जी अधिकारी बन गईं। वह लोगों पर रौब जमाने के लिए आर्टिका गाड़ी के ऊपर नीली-लाल बत्ती और बोनट के आगे होम मिनिस्ट्री एडिशनल डायरेक्टर की प्लेट लगाकर जगह-जगह छापा मारती थी। पुलिस का दावा है कि चारों ने कौशांबी में रेस्तरां के कागजात फर्जी बता कर संचालक से दो लाख रुपये मांगे फिर 25 हजार रुपये वसूलकर भाग गए। पुलिस ने कोमल का गृह मंत्रालय लिखा फर्जी आईकार्ड, नियुक्ति पत्र और सभी के छह फोन व 15 हजार की नकदी जब्त की है।
पुलिस ने बताया कि ईडीएम मॉल के पास से कोमल तनेजा (34) पुत्री नरेश तनेजा निवासी विकासपुरी दिल्ली, उसके साथी अमित कुमार (43) पुत्र विजय कुमार निवासी शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2, अमित शर्मा (35) पुत्र रामपाल शर्मा निवासी मेवला भट्टी थाना लोनी और तिजारिफ (24) पुत्र नुरूद्दीन निवासी इदरीशपुर थाना बड़ौत को गिरफ्तार किया है। चारों लोग एक साथ अमित शर्मा की आर्टिका गाड़ी से चलते थे। उस पर आगे की तरफ लाल रंग की प्लेट पर होम मिनिस्ट्री एडिशनल डायरेक्टर लिखवाया हुआ था। इतना ही नहीं, दिल्ली-एनसीआर में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर रौब झाड़ने के लिए पुलिस की नीली और लाल रंग की बत्ती लगवाई हुई थी। पुलिस का कहना है कि कौशांबी ईडीएम मॉल के पास अंगीठी रेस्टोरेंट के संचालक सतीश कुमार पुत्र हेमराज सिंह ने शिकायत दी कि गृह मंत्रालय की आईएएस अधिकारी कोमल तनेजा और उसके साथ तीन अन्य लोगों ने रेस्तरां के कागजात फर्जी बताकर उनसे दो लाख की रंगदारी मांगी। फिर कार्रवाई की धमकी देकर चारों ने करीब 25 हजार रुपये वसूली भी की है। बाकी की रकम बाद में आकर लेने के लिए कहा था। उन्हें चारों के व्यवहार और कार्रवाई पर शक हुआ था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर फर्जी आईएएस अधिकारी और उसके साथियों की पहचान की। चारों को एक साथ ईडीएम मॉल के पास दबोच लिया।
500 रुपये प्रतिदिन पर आता था तिजारिफ :
चालक तिजारिफ ने पूछताछ में बताया कि आईएएस अधिकारी बनने वाली कोमल तनेजा उसे गाड़ी में बैठाकर घुमाने के लिए प्रतिदिन 500 रुपये वेतन देती है। उसके बाद वह उसी जगह छापे की कार्रवाई करने कोमल को ले जाता था। जहां पर अमित कुमार योजना बनाकर समय और स्थान तय करता था। उसका कहना था कि वह कोमल के संपर्क में आने के बाद से गिरोह में शामिल हुआ था। इतना ही एनसीआर में फर्जी आईएएस अधिकारी का रौब जमाने के लिए उसने गाड़ी में सफेद परदे भी शीशे पर लगवाए हुए थे।
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यूपीएससी की पढ़ाई के दौरान बन गई फर्जी आईएएस :
कौशांबी पुलिस का कहना है कि कोमल तनेजा ने इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से बीएड की पढ़ाई की थी। उसके बाद सीटेट और फिर 2022 में दिल्ली के एक नामी कोचिंग से आईएएस बनने के लिए किताब खरीदकर ऑनलाइन वेबसाइट से पढ़ाई की। उसे अधिकारी बनकर रौब झाड़ने में इतनी उत्सुक थी कि वह बिना यूपीएससी की परीक्षा दिए बिना जानकार अमित शर्मा के साथ मिलकर उसकी गाड़ी पर नीली-लाल रंग की बत्ती लगवाकर वसूली शुरू कर दी।
मायापुरी से बनवाया गृह मंत्रालय का फर्जी आईकार्ड :
कोमल ने 2022 में ही मायापुरी की एक दुकान से 1,100 रुपये में गृह मंत्रालय का फर्जी आईकार्ड, कश्मीरी गेट से साढ़े पांच हजार रुपये में नीली-लाल रंग की बत्ती और पांच हजार रुपये में हूटर व दस हजार रुपये में फर्जी नियुक्ति पत्र बनवा लिया था। पुलिस को जब्त फोन में करीब दस होटलों की वीडियो मिली हैं जिनमें गिरोह के लोग छापे की कार्रवाई करते नजर आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए अमित कुमार 12वीं पास, अमित शर्मा बीसीए और चालक तिजारिफ आठवीं पास है। पुलिस गिरोह के फोन की जांच कर रही है।
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पुलिस ने बताया कि ईडीएम मॉल के पास से कोमल तनेजा (34) पुत्री नरेश तनेजा निवासी विकासपुरी दिल्ली, उसके साथी अमित कुमार (43) पुत्र विजय कुमार निवासी शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2, अमित शर्मा (35) पुत्र रामपाल शर्मा निवासी मेवला भट्टी थाना लोनी और तिजारिफ (24) पुत्र नुरूद्दीन निवासी इदरीशपुर थाना बड़ौत को गिरफ्तार किया है। चारों लोग एक साथ अमित शर्मा की आर्टिका गाड़ी से चलते थे। उस पर आगे की तरफ लाल रंग की प्लेट पर होम मिनिस्ट्री एडिशनल डायरेक्टर लिखवाया हुआ था। इतना ही नहीं, दिल्ली-एनसीआर में होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर रौब झाड़ने के लिए पुलिस की नीली और लाल रंग की बत्ती लगवाई हुई थी। पुलिस का कहना है कि कौशांबी ईडीएम मॉल के पास अंगीठी रेस्टोरेंट के संचालक सतीश कुमार पुत्र हेमराज सिंह ने शिकायत दी कि गृह मंत्रालय की आईएएस अधिकारी कोमल तनेजा और उसके साथ तीन अन्य लोगों ने रेस्तरां के कागजात फर्जी बताकर उनसे दो लाख की रंगदारी मांगी। फिर कार्रवाई की धमकी देकर चारों ने करीब 25 हजार रुपये वसूली भी की है। बाकी की रकम बाद में आकर लेने के लिए कहा था। उन्हें चारों के व्यवहार और कार्रवाई पर शक हुआ था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर फर्जी आईएएस अधिकारी और उसके साथियों की पहचान की। चारों को एक साथ ईडीएम मॉल के पास दबोच लिया।
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500 रुपये प्रतिदिन पर आता था तिजारिफ :
चालक तिजारिफ ने पूछताछ में बताया कि आईएएस अधिकारी बनने वाली कोमल तनेजा उसे गाड़ी में बैठाकर घुमाने के लिए प्रतिदिन 500 रुपये वेतन देती है। उसके बाद वह उसी जगह छापे की कार्रवाई करने कोमल को ले जाता था। जहां पर अमित कुमार योजना बनाकर समय और स्थान तय करता था। उसका कहना था कि वह कोमल के संपर्क में आने के बाद से गिरोह में शामिल हुआ था। इतना ही एनसीआर में फर्जी आईएएस अधिकारी का रौब जमाने के लिए उसने गाड़ी में सफेद परदे भी शीशे पर लगवाए हुए थे।
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यूपीएससी की पढ़ाई के दौरान बन गई फर्जी आईएएस :
कौशांबी पुलिस का कहना है कि कोमल तनेजा ने इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से बीएड की पढ़ाई की थी। उसके बाद सीटेट और फिर 2022 में दिल्ली के एक नामी कोचिंग से आईएएस बनने के लिए किताब खरीदकर ऑनलाइन वेबसाइट से पढ़ाई की। उसे अधिकारी बनकर रौब झाड़ने में इतनी उत्सुक थी कि वह बिना यूपीएससी की परीक्षा दिए बिना जानकार अमित शर्मा के साथ मिलकर उसकी गाड़ी पर नीली-लाल रंग की बत्ती लगवाकर वसूली शुरू कर दी।
मायापुरी से बनवाया गृह मंत्रालय का फर्जी आईकार्ड :
कोमल ने 2022 में ही मायापुरी की एक दुकान से 1,100 रुपये में गृह मंत्रालय का फर्जी आईकार्ड, कश्मीरी गेट से साढ़े पांच हजार रुपये में नीली-लाल रंग की बत्ती और पांच हजार रुपये में हूटर व दस हजार रुपये में फर्जी नियुक्ति पत्र बनवा लिया था। पुलिस को जब्त फोन में करीब दस होटलों की वीडियो मिली हैं जिनमें गिरोह के लोग छापे की कार्रवाई करते नजर आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए अमित कुमार 12वीं पास, अमित शर्मा बीसीए और चालक तिजारिफ आठवीं पास है। पुलिस गिरोह के फोन की जांच कर रही है।