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Ghaziabad News: महिला समेत चार रोहिंग्या लोनी से गिरफ्तार
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लोनी। पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में आए और अवैध रूप से लोनी के इनाम विहार कॉलोनी में रह रहे महिला समेत चार रोहिंग्यों को एटीएस की टीम ने छापा मारकर गिरफ्तार किया है। लोनी आने से पहले चारों दिल्ली शाहीन बाग स्थित झोपड़ियां बनाकर रहते थे। चारों आरोपी लोनी में एक किराये के मकान में रह रहे थे। कब्जे से मोबाइल, विदेशी आईडी कार्ड और एक डायरी मिली है।
एसीपी रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि एटीएस की टीम सोमवार को लोनी आई थी। उन्हें सूचना मिली थी कि इनाम विहार कॉलोनी में कुछ रोहिंग्या रह रहे हैं। टीम ने अंकुर विहार थाना क्षेत्र के इनाम विहार कॉलोनी से मोहम्मद जहांगीर निवासी क्वारबिल थाना मांगडू जिला अक्याब म्यांमार, अब्दुल शकूर निवासी कुराबाली मंगडू जिला यांग गांव रखाइन म्यांमार, शमशुल आलम निवासी गांव वली बाजार थाना मांगडू जिला एक्याब म्यांमार और नूर फातिमा निवासी क्वारबिल थाना मांगडू जिला अक्याब म्यांमार को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी इनाम विहार कॉलोनी स्थित हाजी अनीस अहमद के मकान में रह रहे थे। एटीसी की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार 3 पुरुष और एक महिला रोहिंग्या काफी समय से यूपी के अलग-अलग क्षेत्र में अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश कर रह रहे थे। सूचना मिलने के बाद एटीएस की एक टीम लोनी पहुंची। यहां उन्होंने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इनाम विहार कॉलोनी में छापा मारा। पुलिस टीम अनीश के घर पहुंची। यहां पुलिस को देखकर घर में मौजूद लोग भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने सभी लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह अवैध रूप से भारत में आकर रह रहे हैं, वह रोहिग्यां हैं। गिरफ्तार आरोपी मों जहांगीर ने बताया कि वह 2003 में वर्मा देश से बांग्लादेश गया था। इसके बाद वह वर्ष 2013 में बर्मा देश में रहने वाले आलम ने उन्हें 4 हजार रुपये लेकर मालदा पश्चिम बंगाल भारत बॉर्डर के रास्ते दिल्ली छोड़कर वापस अपने देश वर्मा चला गया। दिल्ली में वह शाहीन बाग दिल्ली में झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने लगा। इसके बाद वह हाजी अनीस अहमद के मकान इनाम विहार लोनी में रहने लगा। इसके कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल, एक विदेशी भाषा का पहचान पत्र जैसा कार्ड मिला। आरोपियों ने बताया कि बरामद आईडी कार्ड वर्मा का है। गिरफ्तार दूसरे आरोपी अब्दुल शकूर के कब्जे से पुलिस ने एक मोबाइल बरामद किया। अब्दुल के पास से एक डायरी मिली है। जिसमें अंग्रेजी और उर्दू में कुछ फोन नंबर लिखे थे। अब्दुल ने बताया कि वह 2014 में ही मालदा पश्चिम बंगाल भारत बॉर्डर के रास्ते करीब 4 हजार रुपये देकर अलीगढ़ यूपी में आया था। जो व्यक्ति लाया था, वह उसका नाम भूल गया। अलीगढ़ से वह दिल्ली शाहीन बाग के पास झुग्गियों में रहने लगा। इसके बाद वह अनीस के मकान में रहने लगा। तीसरे आरोपी शमशूल आलम के कब्जे से पुलिस ने एक फोन बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2014 में वर्मा से बांग्लादेश गया था। इसके बाद वह 2016 में वह अपने साले मुस्तफा के साथ करीब 5 हजार रुपये (बांग्लादेशी मुद्रा) देकर पश्चिम बंगाल भारत बॉर्डर के रास्ते अलीगढ़ यूपी में आया था। साला मुस्तफा उन्हें छोड़कर वापस वर्मा चला गया था। वह भी अलीगढ़ से शाहीन बाग दिल्ली झोपड़ियों में रहने लगा था। इसके बाद वह लोनी इनाम विहार कॉलोनी में हाजी अनीस के मकान में रहने लगा। चौथी महिला रोहिंग्या नूर फातिमा ने पूछताछ में बताया कि वह भी वर्मा की नागरिक है। इन लोगों के पास भारत की सीमा में प्रवेश करने का वैध प्रपत्र वीजा, पासपोर्ट नहीं था। पकड़े जाने पर गलती मानते हुए माफी मांगने लगी। एसीपी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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एसीपी रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि एटीएस की टीम सोमवार को लोनी आई थी। उन्हें सूचना मिली थी कि इनाम विहार कॉलोनी में कुछ रोहिंग्या रह रहे हैं। टीम ने अंकुर विहार थाना क्षेत्र के इनाम विहार कॉलोनी से मोहम्मद जहांगीर निवासी क्वारबिल थाना मांगडू जिला अक्याब म्यांमार, अब्दुल शकूर निवासी कुराबाली मंगडू जिला यांग गांव रखाइन म्यांमार, शमशुल आलम निवासी गांव वली बाजार थाना मांगडू जिला एक्याब म्यांमार और नूर फातिमा निवासी क्वारबिल थाना मांगडू जिला अक्याब म्यांमार को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी इनाम विहार कॉलोनी स्थित हाजी अनीस अहमद के मकान में रह रहे थे। एटीसी की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार 3 पुरुष और एक महिला रोहिंग्या काफी समय से यूपी के अलग-अलग क्षेत्र में अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश कर रह रहे थे। सूचना मिलने के बाद एटीएस की एक टीम लोनी पहुंची। यहां उन्होंने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इनाम विहार कॉलोनी में छापा मारा। पुलिस टीम अनीश के घर पहुंची। यहां पुलिस को देखकर घर में मौजूद लोग भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने सभी लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह अवैध रूप से भारत में आकर रह रहे हैं, वह रोहिग्यां हैं। गिरफ्तार आरोपी मों जहांगीर ने बताया कि वह 2003 में वर्मा देश से बांग्लादेश गया था। इसके बाद वह वर्ष 2013 में बर्मा देश में रहने वाले आलम ने उन्हें 4 हजार रुपये लेकर मालदा पश्चिम बंगाल भारत बॉर्डर के रास्ते दिल्ली छोड़कर वापस अपने देश वर्मा चला गया। दिल्ली में वह शाहीन बाग दिल्ली में झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने लगा। इसके बाद वह हाजी अनीस अहमद के मकान इनाम विहार लोनी में रहने लगा। इसके कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल, एक विदेशी भाषा का पहचान पत्र जैसा कार्ड मिला। आरोपियों ने बताया कि बरामद आईडी कार्ड वर्मा का है। गिरफ्तार दूसरे आरोपी अब्दुल शकूर के कब्जे से पुलिस ने एक मोबाइल बरामद किया। अब्दुल के पास से एक डायरी मिली है। जिसमें अंग्रेजी और उर्दू में कुछ फोन नंबर लिखे थे। अब्दुल ने बताया कि वह 2014 में ही मालदा पश्चिम बंगाल भारत बॉर्डर के रास्ते करीब 4 हजार रुपये देकर अलीगढ़ यूपी में आया था। जो व्यक्ति लाया था, वह उसका नाम भूल गया। अलीगढ़ से वह दिल्ली शाहीन बाग के पास झुग्गियों में रहने लगा। इसके बाद वह अनीस के मकान में रहने लगा। तीसरे आरोपी शमशूल आलम के कब्जे से पुलिस ने एक फोन बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2014 में वर्मा से बांग्लादेश गया था। इसके बाद वह 2016 में वह अपने साले मुस्तफा के साथ करीब 5 हजार रुपये (बांग्लादेशी मुद्रा) देकर पश्चिम बंगाल भारत बॉर्डर के रास्ते अलीगढ़ यूपी में आया था। साला मुस्तफा उन्हें छोड़कर वापस वर्मा चला गया था। वह भी अलीगढ़ से शाहीन बाग दिल्ली झोपड़ियों में रहने लगा था। इसके बाद वह लोनी इनाम विहार कॉलोनी में हाजी अनीस के मकान में रहने लगा। चौथी महिला रोहिंग्या नूर फातिमा ने पूछताछ में बताया कि वह भी वर्मा की नागरिक है। इन लोगों के पास भारत की सीमा में प्रवेश करने का वैध प्रपत्र वीजा, पासपोर्ट नहीं था। पकड़े जाने पर गलती मानते हुए माफी मांगने लगी। एसीपी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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