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Ghaziabad News: चार बार नोटिस...फिर भी विभागों को वाहनों की सुध नहीं
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गाजियाबाद। शहर की सफाई और व्यवस्था संभालने वाले नगर निगम और अन्य स्थानीय निकायों के सरकारी वाहन ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिले में निगम और निकायों के करीब 174 ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग की ओर से तीन बार नोटिस जारी करके वाहनों के पंजीकरण के लिए कहा जा चुका है। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। न ही परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है।
174 वाहनों के पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग की ओर से लगातार नोटिस जारी करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। परिवहन विभाग के डाटाबेस की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि कूड़ा उठाने वाले टिपर, डंपर, पानी के टैंकर और सफाई कार्य में लगे दर्जनों वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। कई वाहनों का पीयूसी भी लंबे समय से रिन्यू नहीं कराया गया है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत व्यावसायिक व सरकारी उपयोग वाले वाहनों की नियमित फिटनेस जांच अनिवार्य है।
तय सीमा में जांच नहीं कराई तो होंगे सीज
परिवहन विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पत्राचार के बाद भी यदि निकायों ने इन 174 वाहनों की फिटनेस जांच कराकर ग्रीन सिग्नल नहीं लिया, तो प्रवर्तन दल सड़कों पर चेकिंग के दौरान इन वाहनों को जब्त (सीज) करेगा। इसके अलावा चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।
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सरकारी वाहन हों या निजी, सड़क सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान हैं। निगम और निकायों के करीब 174 वाहनों की फिटनेस व पीयूसी की अवधि समाप्त पाई गई है। सभी संबंधित विभागों को पत्र भेजा जा रहा है कि वे तत्काल प्रक्रिया पूरी कर फिटनेस कराएं। ऐसा न होने पर वाहनों के संचालन पर रोक लगाई जाएगी।
-- डॉ. सियाराम वर्मा, आरटीओ प्रवर्तन
174 वाहनों के पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग की ओर से लगातार नोटिस जारी करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। परिवहन विभाग के डाटाबेस की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि कूड़ा उठाने वाले टिपर, डंपर, पानी के टैंकर और सफाई कार्य में लगे दर्जनों वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। कई वाहनों का पीयूसी भी लंबे समय से रिन्यू नहीं कराया गया है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत व्यावसायिक व सरकारी उपयोग वाले वाहनों की नियमित फिटनेस जांच अनिवार्य है।
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तय सीमा में जांच नहीं कराई तो होंगे सीज
परिवहन विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पत्राचार के बाद भी यदि निकायों ने इन 174 वाहनों की फिटनेस जांच कराकर ग्रीन सिग्नल नहीं लिया, तो प्रवर्तन दल सड़कों पर चेकिंग के दौरान इन वाहनों को जब्त (सीज) करेगा। इसके अलावा चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।
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सरकारी वाहन हों या निजी, सड़क सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान हैं। निगम और निकायों के करीब 174 वाहनों की फिटनेस व पीयूसी की अवधि समाप्त पाई गई है। सभी संबंधित विभागों को पत्र भेजा जा रहा है कि वे तत्काल प्रक्रिया पूरी कर फिटनेस कराएं। ऐसा न होने पर वाहनों के संचालन पर रोक लगाई जाएगी।