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ठगी का नया पैंतरा: डॉक्टर बनकर दवा कंपनियों से करते बात, पेमेंट के नाम देते फर्जी चेक; ऐसे हुआ पर्दाफाश

Fri, 30 Jan 2026 04:00 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 30 Jan 2026 04:00 PM IST
सार

गाजियाबाद में स्वाट टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को नामी डॉक्टर बताकर मेडिकल फार्मेसी को लाखों-करोड़ों की दवाइयां सप्लाई करवाते थे और भुगतान के बदले फर्जी चेक देकर फरार हो जाते थे। टीम ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

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Four members of gang of fake doctors arrested who defrauded people of millions of rupees
चार ठग गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वाट टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो खुद को नामचीन डॉक्टर बताकर शहर की मेडिकल फर्मेसी को फोन कर लाखों रुपये की दवाइयां मंगवाते थे। भुगतान के नाम पर वे फर्जी चेक देकर फरार हो जाते थे। इस ठगी के खेल में गिरोह ने करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। पुलिस ने इस मामले में चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके दो अन्य साथी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

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पकड़े गए बदमाशों ने अपनी पहचान मुकेश तनेजा, अमित खुराना, दीप सिंह चुग और मुकेश आखरिया के रूप में बताई है। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे रोहतक, हरियाणा के निवासी हैं और इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह का तरीका काफी शातिर था, जिसमें वे पहले किसी फर्मेसी का नंबर प्राप्त करते और फिर डॉक्टर बनकर फोन करते। वे अलग-अलग बीमारियों का हवाला देकर महंगी दवाओं की आपूर्ति का ऑर्डर देते थे।
 
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फर्जी चेकों से ठगी का तरीका
दवाइयां मिलने के बाद, गिरोह के सदस्य भुगतान के लिए फर्जी चेक देते थे। ये चेक किसी भी बैंक में भुनाए नहीं जा सकते थे, जिससे फर्मेसी मालिक को लाखों रुपये का नुकसान होता था। स्वाट टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए इन चार बदमाशों को धर दबोचा। पुलिस का मानना है कि इनके फरार साथियों की गिरफ्तारी के बाद इस गिरोह द्वारा की गई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
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गिरोह का मकसद और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वे इस पैसे का इस्तेमाल ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए करते थे। पुलिस उनसे बरामदगी और अन्य साथियों के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस गिरोह के पकड़े जाने से शहर के व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि ऐसे गिरोहों की वजह से व्यापार जगत में विश्वास का माहौल प्रभावित होता है। पुलिस इन बदमाशों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है।
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