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Ghaziabad News: जीएसटी विभाग से करोड़ों की ठगी के चार आरोपी गिरफ्तार
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इंदिरापुरम। जीएसटी विभाग को फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कर और फर्जी बिलों के जरिये 2.19 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने सीए की तैयारी करने वाले मास्टर माइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक दर्जन से अधिक फर्म रजिस्टर्ड कर 10 से 12 करोड़ रुपये का टन ओवर दिखा चुके हैं, जबकि उसमें किसी भी सामान का लेन-देन नहीं होता था। बाद में इन्हीं बिलों के बदले विभाग से जीएसटी में आईटीसी क्लेम करके रकम निकालते थे।
पकड़े गए आरोपियों में मूलरूप से खुड़लिया थाना सिंभावली जनपद हापुड़ निवासी कपिल चौधरी जो अब शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1, सचिन निवासी ग्राम जावली लोनी, सुनील निवासी त्रिवेणी अपार्टमेंट इंदिरापुरम और विनीत शर्मा निवासी मकनपुर को वसुंधरा के अटल चौक के पास से गिरफ्तार किया है। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि गैंग का मास्टर माइंड कपिल है, जो सीए की पढ़ाई करता था। वह सचिन को करीब आठ सालों से जानता है। वहीं, आरोपी सुनील पाल गार्ड की नौकरी करता है, उसे आरोपी विनीत शर्मा ने कपिल चौधरी से मिलवाया था। इसके बाद आरोपी कपिल ने गार्ड के नाम पर एक वैंचर फर्म जीएसटी में रजिस्टर्ड कराई। इसके बदले में आरोपी कपिल ने गार्ड को एक लाख रुपये भी दिए। हालांकि कपिल को इसके बारे में जानकारी नहीं थी कि कपिल उसकी फर्म से चोरी कर रहा है। वहीं, आरोपी विनीत शर्मा पंडिताई का काम करता है, जीएसटी का फर्जी काम करने के लिए कपिल उसे दस से 12 हजार रुपये महीना देता था और उसके आधार और पैन के आधार पर एक दूसरी फर्म रजिस्टर्ड की। आरोपी कपिल चौधरी ने पुलिस को बताया कि वह सभी फर्म को आरोपी संतोष सोनी को सौंप देता था। संतोष सोनी कारोबारी लोगों को फर्जी बिल बनाकर जीएसटी का फर्जीवाड़ा करते थे। कामर्शियल टैक्स ऑफिसर (सीटीओ) ने इंदिरा देवी ने बताया कि उन्होंने आरोपी सुनील की फर्म की जांच की थी, उसमें करीब 2.19 करोड़ का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। इसके बाद से केस दर्ज कराया गया था।
कपिल गार्ड, पंडित और गरीब लोगों को देता था पांच प्रतिशत कमीशन
एसीपी ने बताया कि जांच के बाद पता चला कि आरोपियों ने करीब 12 कंपनियों का फर्जी तरीके से टर्न ओवर बनाया। इसके बदले में आरोपियों को करीब पांच प्रतिशत का कमीशन भी मिलता था। वह इसके लिए ऐसे गरीब लोगों को रुपये का लालच देता था कि उन्हें कुछ नहीं करना पड़ेगा, केवल उनके आधार, पैन कार्ड से रुपये आते रहेंगे। इसके अलावा वह इन लोगों का करंट अकाउंट भी और स्टांप भी बनवाता था। वहीं, गैंग में दो अन्य आरोपी भी हैं, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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यह सामान किया गया बरामद
पुलिस ने आरोपियों से आठ मुहर, 11 एड्रॉयड मोबाइल फोन, दो कीपैड मोबाइल फोन, सात चैक बुक, 17 एटीएम कार्ड, छह सिम कार्ड, दो आधार कार्ड और स्विफ्ट कार आदि समेत अन्य सामान बरामद किया है।
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पकड़े गए आरोपियों में मूलरूप से खुड़लिया थाना सिंभावली जनपद हापुड़ निवासी कपिल चौधरी जो अब शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1, सचिन निवासी ग्राम जावली लोनी, सुनील निवासी त्रिवेणी अपार्टमेंट इंदिरापुरम और विनीत शर्मा निवासी मकनपुर को वसुंधरा के अटल चौक के पास से गिरफ्तार किया है। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि गैंग का मास्टर माइंड कपिल है, जो सीए की पढ़ाई करता था। वह सचिन को करीब आठ सालों से जानता है। वहीं, आरोपी सुनील पाल गार्ड की नौकरी करता है, उसे आरोपी विनीत शर्मा ने कपिल चौधरी से मिलवाया था। इसके बाद आरोपी कपिल ने गार्ड के नाम पर एक वैंचर फर्म जीएसटी में रजिस्टर्ड कराई। इसके बदले में आरोपी कपिल ने गार्ड को एक लाख रुपये भी दिए। हालांकि कपिल को इसके बारे में जानकारी नहीं थी कि कपिल उसकी फर्म से चोरी कर रहा है। वहीं, आरोपी विनीत शर्मा पंडिताई का काम करता है, जीएसटी का फर्जी काम करने के लिए कपिल उसे दस से 12 हजार रुपये महीना देता था और उसके आधार और पैन के आधार पर एक दूसरी फर्म रजिस्टर्ड की। आरोपी कपिल चौधरी ने पुलिस को बताया कि वह सभी फर्म को आरोपी संतोष सोनी को सौंप देता था। संतोष सोनी कारोबारी लोगों को फर्जी बिल बनाकर जीएसटी का फर्जीवाड़ा करते थे। कामर्शियल टैक्स ऑफिसर (सीटीओ) ने इंदिरा देवी ने बताया कि उन्होंने आरोपी सुनील की फर्म की जांच की थी, उसमें करीब 2.19 करोड़ का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। इसके बाद से केस दर्ज कराया गया था।
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कपिल गार्ड, पंडित और गरीब लोगों को देता था पांच प्रतिशत कमीशन
एसीपी ने बताया कि जांच के बाद पता चला कि आरोपियों ने करीब 12 कंपनियों का फर्जी तरीके से टर्न ओवर बनाया। इसके बदले में आरोपियों को करीब पांच प्रतिशत का कमीशन भी मिलता था। वह इसके लिए ऐसे गरीब लोगों को रुपये का लालच देता था कि उन्हें कुछ नहीं करना पड़ेगा, केवल उनके आधार, पैन कार्ड से रुपये आते रहेंगे। इसके अलावा वह इन लोगों का करंट अकाउंट भी और स्टांप भी बनवाता था। वहीं, गैंग में दो अन्य आरोपी भी हैं, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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यह सामान किया गया बरामद
पुलिस ने आरोपियों से आठ मुहर, 11 एड्रॉयड मोबाइल फोन, दो कीपैड मोबाइल फोन, सात चैक बुक, 17 एटीएम कार्ड, छह सिम कार्ड, दो आधार कार्ड और स्विफ्ट कार आदि समेत अन्य सामान बरामद किया है।