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Ghaziabad News: दमकल फेल, लोग बने पहली ढाल
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राजू मलिक
गाजियाबाद। गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में लगी आग ने एक बार फिर अग्निशमन विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी। सोसायटी से आग लगते ही दमकल विभाग को सूचना दे दी गई थी, लेकिन हाइड्रोलिक सिस्टम वाली गाड़ी को पहुंचने में करीब डेढ़ घंटा लग गया। यह देरी राहत-बचाव के लिहाज से भारी पड़ी। इसी ने आग को फैलने का मौका दिया और नुकसान कई गुना बढ़ गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह करीब 8:31 बजे कमल पालीवाल के फ्लैट में भड़की आग कुछ ही मिनटों में विकराल हो गई। लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। हैरानी की बात यह रही कि सोसायटी के पीछे अभय खंड पुलिस चौकी है। 800 मीटर दूरी पर ट्रैफिक बूथ बना है। दो किलोमीटर पर एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव का कार्यालय है और इंदिरापुरम थाना है। दमकल विभाग का कार्यालय भी घटनास्थल से मात्र दो किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद शुरुआती अलर्ट सिस्टम पूरी तरह नाकाम रहा।
स्थिति यह रही कि सोसायटी के लोगों को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। पड़ोसी टॉवर से सबमर्सिबल पंप, पाइप और बाल्टियों के सहारे आग बुझाने की कोशिशें शुरू की गईं। अग्निशमन विभाग की टीम 8:57 बजे मौके पर पहुंची, वो भी आधी-अधूरी तैयारी के साथ।
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सोसायटी में रहने वाले रेनू अग्रवाल, श्रेया, नीरज, अनुमान आदि ने बताया कि दमकल की टीम करीब नौ बजे सोसायटी में दाखिल हुई। इसके बाद टीम ने पांच हजार और 10 हजार लीटर वाले पानी के टैंकर पर लगे वॉटर मॉनिटर से करीब 70 मीटर दूर से पानी की बौछार फेंकी। वाटर मॉनिटर लंबाई तक पानी फेंकने में सहायक होता है, ऊंचाई पर नहीं। ऐसे में वह फेल साबित हुआ।
करीब साढ़े नौ बजे हाइड्रोलिक सिस्टम मंगाया गया, जिसकी क्षमता मात्र 42 मीटर तक ही पानी की बौछार करने की है। उसके बाद एक अन्य हाइड्रोलिक सिस्टम गौतमबुद्धनगर से मंगाया गया। इन दोनों ने मिलकर 9वीं से 12वीं मंजिल तक पानी की बौछार की, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
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दमकल के पाइपों में छेद, प्रेशर भी कम
दमकल विभाग की टीम ने अपने पाइपों के साथ-साथ सोसायटी के पाइपों को सीढ़ियों से बिछाकर घटनास्थल तक पहुंचाया। इसमें भी करीब 35 मिनट का समय लगा। दमकल के पाइप बीच में कटे-फटे थे। इससे पानी घटनास्थल पर कम और सीढ़ियों पर अधिक बरसा। इससे लोगों में दमकल विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त रहा। पानी का प्रेशर कम था, इससे भी घटनास्थल तक पानी पहुंचाने में परेशानी आई।
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सीएफओ बोले, 10 लोगों को किया रेस्क्यू
सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि दमकल विभाग को 8:50 बजे घटना की सूचना मिली। सात मिनट में टीम मौके पर पहुंच गई। पहले वाटर मॉनिटरिंग सिस्टम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अतिक्रमण के चलते टीम बेबस थी। इस दौरान टीम ने आग और जहरीले धुएं के बीच फंसे 10 लोगों को निकाला। टीम चार फ्लैट के लोहे और लकड़ी के दरवाजे कटर से काटकर अंदर दाखिल हुई। इसमें टीम का काफी समय बर्बाद हुआ।
इनको निकाला सुरक्षित
अय्यूब (82), सुधांशु शर्मा (88), रुचि शर्मा (57), कुसुम शर्मा (68), अनूप कुमार (55), अनुराग शर्मा (53), वीवा अग्रवाल (44), कमल अरोरा (49), आयुष (19) और कुसुम (45) शामिल हैं।
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अग्निशमन विभाग के पास मौजूदा संसाधन
पांच फायर स्टेशन कोतवाली, साहिबाबाद, वैशाली, मोदीनगर और लोनी में हैं। दो सब स्टेशन स्वदेशी कंपाउंड औद्योगिक क्षेत्र कविनगर व क्रॉसिंग रिपब्लिक में हैं। विभाग के पास एक एफएसओ, चार एफएसएसओ, 11 लीडिंग फायरमैन, 27 फायर सर्विस चालक और 91 फायरमैन हैं। वाहनों में एक 42 मीटर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, वाटर बाउजर तीन, फोम टेंडर दो, मोटर फायर इंजन बडे 10, मोटर फायर इंजन छोटा तीन, वाटर मिस्ट तीन, डिजास्टर वैन एक और चार मोटर साइकिल दस्ते में शामिल हैं।
......
इन संसाधनों की है आवश्यकता
विभाग में तीन एफएसओ, चार एफएसएसओ, सात लीडिंग फायरमैन, 21 फायरमैन की कमी है। वाहनों में एक 72 मीटर का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, दो फोम टेंडर, दो वाटर बाउजर, एक बड़ा व चार छोटे वाटर टेंडर, चार स्नैक आर्म्स टाइप फायर टेंडर, छह वाटर मिस्ट, चार रेस्क्यू टेंडर, चार मोटरसाइकिल विद बैक पैक सिस्टम, चार लाइटिंग टावर मय पावर बैक एंड पेट्रोल ऑपरेटेड, चार आस्का लाइट और दो एंबुलेंस विद लाइफ सपोर्ट सिस्टम, एक पोर्टेबल पावर जनरेटर, चार स्मोक एक्सट्रेक्शन फेन/स्मोक फ्रेश एअर थ्रोअर, एक अर्थ मूवर्स कम एक्सट्रेक्टर और चार मल्टी गैस डिडेक्टर की विभाग को आवश्यकता है।
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गाजियाबाद। गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में लगी आग ने एक बार फिर अग्निशमन विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी। सोसायटी से आग लगते ही दमकल विभाग को सूचना दे दी गई थी, लेकिन हाइड्रोलिक सिस्टम वाली गाड़ी को पहुंचने में करीब डेढ़ घंटा लग गया। यह देरी राहत-बचाव के लिहाज से भारी पड़ी। इसी ने आग को फैलने का मौका दिया और नुकसान कई गुना बढ़ गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह करीब 8:31 बजे कमल पालीवाल के फ्लैट में भड़की आग कुछ ही मिनटों में विकराल हो गई। लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। हैरानी की बात यह रही कि सोसायटी के पीछे अभय खंड पुलिस चौकी है। 800 मीटर दूरी पर ट्रैफिक बूथ बना है। दो किलोमीटर पर एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव का कार्यालय है और इंदिरापुरम थाना है। दमकल विभाग का कार्यालय भी घटनास्थल से मात्र दो किलोमीटर दूर है। इसके बावजूद शुरुआती अलर्ट सिस्टम पूरी तरह नाकाम रहा।
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स्थिति यह रही कि सोसायटी के लोगों को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। पड़ोसी टॉवर से सबमर्सिबल पंप, पाइप और बाल्टियों के सहारे आग बुझाने की कोशिशें शुरू की गईं। अग्निशमन विभाग की टीम 8:57 बजे मौके पर पहुंची, वो भी आधी-अधूरी तैयारी के साथ।
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सोसायटी में रहने वाले रेनू अग्रवाल, श्रेया, नीरज, अनुमान आदि ने बताया कि दमकल की टीम करीब नौ बजे सोसायटी में दाखिल हुई। इसके बाद टीम ने पांच हजार और 10 हजार लीटर वाले पानी के टैंकर पर लगे वॉटर मॉनिटर से करीब 70 मीटर दूर से पानी की बौछार फेंकी। वाटर मॉनिटर लंबाई तक पानी फेंकने में सहायक होता है, ऊंचाई पर नहीं। ऐसे में वह फेल साबित हुआ।
करीब साढ़े नौ बजे हाइड्रोलिक सिस्टम मंगाया गया, जिसकी क्षमता मात्र 42 मीटर तक ही पानी की बौछार करने की है। उसके बाद एक अन्य हाइड्रोलिक सिस्टम गौतमबुद्धनगर से मंगाया गया। इन दोनों ने मिलकर 9वीं से 12वीं मंजिल तक पानी की बौछार की, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।
दमकल के पाइपों में छेद, प्रेशर भी कम
दमकल विभाग की टीम ने अपने पाइपों के साथ-साथ सोसायटी के पाइपों को सीढ़ियों से बिछाकर घटनास्थल तक पहुंचाया। इसमें भी करीब 35 मिनट का समय लगा। दमकल के पाइप बीच में कटे-फटे थे। इससे पानी घटनास्थल पर कम और सीढ़ियों पर अधिक बरसा। इससे लोगों में दमकल विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त रहा। पानी का प्रेशर कम था, इससे भी घटनास्थल तक पानी पहुंचाने में परेशानी आई।
सीएफओ बोले, 10 लोगों को किया रेस्क्यू
सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि दमकल विभाग को 8:50 बजे घटना की सूचना मिली। सात मिनट में टीम मौके पर पहुंच गई। पहले वाटर मॉनिटरिंग सिस्टम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन अतिक्रमण के चलते टीम बेबस थी। इस दौरान टीम ने आग और जहरीले धुएं के बीच फंसे 10 लोगों को निकाला। टीम चार फ्लैट के लोहे और लकड़ी के दरवाजे कटर से काटकर अंदर दाखिल हुई। इसमें टीम का काफी समय बर्बाद हुआ।
इनको निकाला सुरक्षित
अय्यूब (82), सुधांशु शर्मा (88), रुचि शर्मा (57), कुसुम शर्मा (68), अनूप कुमार (55), अनुराग शर्मा (53), वीवा अग्रवाल (44), कमल अरोरा (49), आयुष (19) और कुसुम (45) शामिल हैं।
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अग्निशमन विभाग के पास मौजूदा संसाधन
पांच फायर स्टेशन कोतवाली, साहिबाबाद, वैशाली, मोदीनगर और लोनी में हैं। दो सब स्टेशन स्वदेशी कंपाउंड औद्योगिक क्षेत्र कविनगर व क्रॉसिंग रिपब्लिक में हैं। विभाग के पास एक एफएसओ, चार एफएसएसओ, 11 लीडिंग फायरमैन, 27 फायर सर्विस चालक और 91 फायरमैन हैं। वाहनों में एक 42 मीटर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, वाटर बाउजर तीन, फोम टेंडर दो, मोटर फायर इंजन बडे 10, मोटर फायर इंजन छोटा तीन, वाटर मिस्ट तीन, डिजास्टर वैन एक और चार मोटर साइकिल दस्ते में शामिल हैं।
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इन संसाधनों की है आवश्यकता
विभाग में तीन एफएसओ, चार एफएसएसओ, सात लीडिंग फायरमैन, 21 फायरमैन की कमी है। वाहनों में एक 72 मीटर का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, दो फोम टेंडर, दो वाटर बाउजर, एक बड़ा व चार छोटे वाटर टेंडर, चार स्नैक आर्म्स टाइप फायर टेंडर, छह वाटर मिस्ट, चार रेस्क्यू टेंडर, चार मोटरसाइकिल विद बैक पैक सिस्टम, चार लाइटिंग टावर मय पावर बैक एंड पेट्रोल ऑपरेटेड, चार आस्का लाइट और दो एंबुलेंस विद लाइफ सपोर्ट सिस्टम, एक पोर्टेबल पावर जनरेटर, चार स्मोक एक्सट्रेक्शन फेन/स्मोक फ्रेश एअर थ्रोअर, एक अर्थ मूवर्स कम एक्सट्रेक्टर और चार मल्टी गैस डिडेक्टर की विभाग को आवश्यकता है।