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Ghaziabad News: जीडीए उपाध्यक्ष पर लगाया 83 हजार का अर्थदंड
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गाजियाबाद। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष प्रवीण कुमार जौन ने जीडीए उपाध्यक्ष पर 83 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। पटेल नगर में 40 साल पहले जीडीए द्वारा आवंटित भूखंड पर कब्जा देने के लिए 4.84 लाख रुपये अतिरिक्त लेकर वैकल्पिक भूखंड देने पर यह कार्रवाई की गई है। 18 साल का ब्याज भी भुगतान करने का आदेश दिया है।
आयोग से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी युगल किशोर ने नवंबर 2009 में शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जीडीए ने 13 मार्च 1984 को पटेल नगर में 354.20 वर्गमीटर का एक आवासीय भूखंड आवंटित किया था। लेकिन युगल किशोर को कब्जा नहीं दिया। बार-बार चक्कर काटने के बाद जीडीए ने युगल से 4.83 लाख रुपये अधिक वसूल कर पटेलनगर के स्थान पर स्वर्णजयंती पुरम में 200 वर्गमीटर का भूखंड आवंटित किया।
पीड़ित ने आयोग में अर्जी लगाते हुए कहा कि आवंटित भूखंड पर कब्जा नहीं मिलने से कई वर्षों तक जीडीए कार्यालय के चक्कर लगाए। मजबूरी में वैकल्पिक भूखंड लेना पड़ा। पीड़ित ने नवंबर 2009 में आयोग में शिकायत की थी। आयोग ने मामले को सेवा में कमी मानते हुए जीडीए उपाध्यक्ष पर अर्थदंड लगाया। आयोग ने आदेश में कहा है कि 12 जनवरी 1990 से नौ सितंबर 2008 तक नौ प्रतिशत ब्याज दिया जाए। इसके अलावा मुकदमा खर्च और मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपये का भुगतान किया जाए।
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आयोग से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी युगल किशोर ने नवंबर 2009 में शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जीडीए ने 13 मार्च 1984 को पटेल नगर में 354.20 वर्गमीटर का एक आवासीय भूखंड आवंटित किया था। लेकिन युगल किशोर को कब्जा नहीं दिया। बार-बार चक्कर काटने के बाद जीडीए ने युगल से 4.83 लाख रुपये अधिक वसूल कर पटेलनगर के स्थान पर स्वर्णजयंती पुरम में 200 वर्गमीटर का भूखंड आवंटित किया।
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पीड़ित ने आयोग में अर्जी लगाते हुए कहा कि आवंटित भूखंड पर कब्जा नहीं मिलने से कई वर्षों तक जीडीए कार्यालय के चक्कर लगाए। मजबूरी में वैकल्पिक भूखंड लेना पड़ा। पीड़ित ने नवंबर 2009 में आयोग में शिकायत की थी। आयोग ने मामले को सेवा में कमी मानते हुए जीडीए उपाध्यक्ष पर अर्थदंड लगाया। आयोग ने आदेश में कहा है कि 12 जनवरी 1990 से नौ सितंबर 2008 तक नौ प्रतिशत ब्याज दिया जाए। इसके अलावा मुकदमा खर्च और मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपये का भुगतान किया जाए।
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