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Ghaziabad News: फर्जी दस्तावेज पर फाइनेंस करा लिए 20 लाख के मोबाइल
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गाजियाबाद। जीरो फीसदी फाइनेंस पर उपकरण खरीदने की योजना का शातिरों ने गलत इस्तेमाल कर एक दुकानदार के साथ करीब 20 लाख की धोखाधड़ी कर ली। सिहानी गेट क्षेत्र के गांधीनगर में मोबाइल विक्रेरा सौरभ महेंद्रू की दुकान से शातिर ने करीब 20 लाख की कीमत के मोबाइल, स्मार्ट वॉच समेत अन्य उपकरण फर्जी दस्तावेज लगाकर फाइनेंस करा लिए। किस्त जमा नहीं होने पर इसका पता चला। मामले में सौरभ ने मोहम्मद राजा और अन्य के खिलाफ सिहानी गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
सौरभ ने बताया कि मोहम्मद राजा उनकी दुकान पर आया। कई बार आने के बाद उसने दुकान पर काम करने वाले लड़कों से जान पहचान कर ली। उसके बाद वह अपने साथ लोगों को ग्राहक बनाकर लाने लगा। उन्हें दस्तावेजों के आधार पर किस्तों पर मोबाइल व अन्य सामान दिलाने लगा। आरोप है कि दो महीने में उसने करीब 29 बार फाइनेंस पर लोगों को खरीदारी कराई। उन सामानों की जब किस्त जमा नहीं हुई तो फाइनेंस की फाइल में लगाए गए दस्तावेजों में दिए गए पतों की जानकारी निकलवाई तो वे फर्जी निकले। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी होने का अंदेशा है।
कंपनी ने बंद कर दी फाइनेंस सुविधा
सौरभ ने बताया कि मोहम्मद राजा ने जो फाइनेंस कराए उनकी किस्त जमा नहीं की गई। ऐसे में कंपनी ने उनके पास फाइनेंस की सुविधा बंद कर दी। ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही है। वहीं, उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के तीन कर्मचारी रहते हैं। वही दस्तावेजों की जांच कर फाइनेंस करते हैं। इस मामले में वह लोगों की केवाईसी तक करवाते थे। इसके बाद भी यह लोन कैसे पास हुए। इसकी जानकारी पुलिस कर रही है। फाइनेंस कंपनी ने दो कर्मचारियों को हटा दिया है।
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सौरभ ने बताया कि मोहम्मद राजा उनकी दुकान पर आया। कई बार आने के बाद उसने दुकान पर काम करने वाले लड़कों से जान पहचान कर ली। उसके बाद वह अपने साथ लोगों को ग्राहक बनाकर लाने लगा। उन्हें दस्तावेजों के आधार पर किस्तों पर मोबाइल व अन्य सामान दिलाने लगा। आरोप है कि दो महीने में उसने करीब 29 बार फाइनेंस पर लोगों को खरीदारी कराई। उन सामानों की जब किस्त जमा नहीं हुई तो फाइनेंस की फाइल में लगाए गए दस्तावेजों में दिए गए पतों की जानकारी निकलवाई तो वे फर्जी निकले। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी होने का अंदेशा है।
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कंपनी ने बंद कर दी फाइनेंस सुविधा
सौरभ ने बताया कि मोहम्मद राजा ने जो फाइनेंस कराए उनकी किस्त जमा नहीं की गई। ऐसे में कंपनी ने उनके पास फाइनेंस की सुविधा बंद कर दी। ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही है। वहीं, उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के तीन कर्मचारी रहते हैं। वही दस्तावेजों की जांच कर फाइनेंस करते हैं। इस मामले में वह लोगों की केवाईसी तक करवाते थे। इसके बाद भी यह लोन कैसे पास हुए। इसकी जानकारी पुलिस कर रही है। फाइनेंस कंपनी ने दो कर्मचारियों को हटा दिया है।
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