फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Fever was being made in Modinagar Fake medicines for pain and arthritis

Ghaziabad News: मोदीनगर में बनाई जा रहीं थीं बुखार दर्द व गठिया बाय की नकली दवाएं

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2024 02:07 AM IST
विज्ञापन
Fever was being made in Modinagar
Fake medicines for pain and arthritis
गाजियाबाद। मोदीनगर की मानवतापुरी काॅलोनी में दो गोदामों में बुखार, बदन दर्द, सांस रोग और गठिया बाय की नकली दवाएं बनाकर पूरे देश में सप्लाई की जा रहीं थीं। इसका खुलासा मंगलवार की दोपहर दोनों गोदाम पर औषधि नियंत्रण विभाग की टीम का छापा लगने पर हुआ।
विज्ञापन




यहां से 12 लाख कीमत की आठ लाख टैबलेट बरामद की गईं। गोदामों से नकली दवा बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले रसायन, पैकिंग का सामान और पैकिंग मशीनें भी जब्त की गई हैं। केस दर्ज कराकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने के आरोपी मुकेश भाटिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। घरों में बनाए गए दोनों गोदाम उसके भाई मंटू भाटिया के नाम पर हैं।
विज्ञापन




यह कार्रवाई औषधि नियंत्रक विभाग की गाजियाबाद, बागपत, मेरठ और लखनऊ की संयुक्त टीमों ने की। दवाओं के आठ नमूने लिए गए हैं। नकली दवाओं को नामचीन कंपनियों के नाम पर बेचा जा रहा था। दवा बनाकर गोदाम में ही पैकिंग कराई जाती थी। जब्त की गई दवाओं में फेनिलबुटाजोन टैबलेट है जो बुखार,शरीर में सूजन और दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल होती है। दूसरी डेक्सामेटासोन है जो आमतौर पर सूजन दूर करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन




डेढ़ साल पहले भी छोटी



मार्केटमें हुआ था भंडाफोड़


औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मुकेश भाटिया छोटी मार्केट, गोविंदपुरी का निवासी है।उसके पास न दवा बनाने का लाइसेंस है और न ही पैकिंग का। उससे पूछताछ पूरी हो जाने के बाद और भी कई लोग पकड़े जा सकते हैं। यह बड़ा रैकेट है, जो काफी समय से काम कर रहा है। खास बात यह है कि 26 मई 2023 को छोटी मार्केट में ही नकली दवाओं के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ हुआ था। इसके आरोप में रूपचंद सेन और उसके बेटे रवि को गिरफ्तार किया गया था। रूपचंद और रवि मधुमेह, बवासीर, बुखार और दर्द से राहत की नकली दवाएं बनाकर बेचते थे।




गठिया बाय की दवा के



नाम पर बेच रहे थे स्टेराॅयड


औषधि निरीक्षक ने बताया कि मंटू भाटिया के गोदाम से मिली दवाओं में सबसे ज्यादा मात्रा गठिया बाय की टैबलेट की है। मुकेश भाटिया ने पूछताछ में बताया है कि वह डेक्सामेटासोन स्टेराॅयड को पैक करके बाय की दवा के नाम से बेच रहा था। उसे इसकी भी जानकारी है कि स्टेराॅयड से तत्काल राहत तो मिल जाती है लेकिन इसका गैर जरूरी इस्तेमाल लिवर और गुर्दे पर बुरा प्रभाव डालता है। उसने बताया कि यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में गांवों में मेडिकल स्टोर पर बाय की दवा के नाम से यह दवा बेची जाती है। मेडिकल स्टोर संचालकों को बिक्री पर 25 से 40 फीसदी की बचत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed