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Ghaziabad News: प्रसव के लिए प्राइवेट अस्पताल रेफर करने पर महिला चिकित्सक और गार्ड हटाए गए
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गाजियाबाद। जिला महिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिला को बिना स्पष्ट चिकित्सीय कारण बताए प्राइवेट अस्पताल रेफर करने के मामले में अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच पूरी होने तक लेबर रूम में कार्यरत महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुषमा शर्मा को हटा दिया गया है। उन्हें सीएमओ कार्यालय से संबद्ध (अटैच) कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड को भी हटाने के लिए संबंधित एजेंसी को पत्र भेजा गया है।
मामला 22 सितंबर का है, जब प्रिंस नामक व्यक्ति अपनी गर्भवती पत्नी शालू को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां ड्यूटी पर मौजूद स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ सुषमा शर्मा और आशा कार्यकर्ता निक्की ने बिना कोई चिकित्सकीय कारण बताए शालू को प्राइवेट अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका प्रसव हुआ। इसमें प्रिंस को मोटी धनराशि खर्च करनी पड़ी। 23 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि गरीब और सामान्य गर्भवती का प्रसव जानबूझकर सरकारी अस्पताल में नहीं कराती हैं। उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में भेजकर कमीशनखोरी करती हैं। इस मामले को लेकर अधिकारियों ने जांच कराने का आश्वासन दिया और सीएमओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।
सीएमएस डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मामला 22 सितंबर का है, जब प्रिंस नामक व्यक्ति अपनी गर्भवती पत्नी शालू को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां ड्यूटी पर मौजूद स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ सुषमा शर्मा और आशा कार्यकर्ता निक्की ने बिना कोई चिकित्सकीय कारण बताए शालू को प्राइवेट अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका प्रसव हुआ। इसमें प्रिंस को मोटी धनराशि खर्च करनी पड़ी। 23 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि गरीब और सामान्य गर्भवती का प्रसव जानबूझकर सरकारी अस्पताल में नहीं कराती हैं। उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में भेजकर कमीशनखोरी करती हैं। इस मामले को लेकर अधिकारियों ने जांच कराने का आश्वासन दिया और सीएमओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।
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सीएमएस डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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