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बेटे की मौत का गम न सह पाया पिता: हादसे में कैंटर चालक और हेल्पर की मौत; सदमे में बुजुर्ग पिता ने भी तोड़ा दम
Wed, 30 Sep 2026 06:53 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 30 Sep 2026 06:53 PM IST
सार
गाजियाबाद में इस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में कैंटर के चालक और हेल्पर की जान चली गई। यह घटना एनएच नौ हापुड़ रोड फ्लाईओवर के पास हुई। हादसे के सदमे से हेल्पर के पिता का भी अगले ही दिन निधन हो गया।
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रंजीत का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गाजियाबाद में इस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में कैंटर के चालक और हेल्पर की जान चली गई। यह घटना एनएच नौ हापुड़ रोड फ्लाईओवर के पास हुई। हादसे के सदमे से हेल्पर के पिता का भी अगले ही दिन निधन हो गया।
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बुलंदशहर के रसूलपुर तेलिया उर्फ मैथना निवासी रनजीत सिंह (36) कैंटर पर हेल्पर थे। 23 सितंबर की रात चालक श्यामसुन्दर (42) कैंटर को पंजाब से नोएडा ले जा रहे थे। इस्टर्न पेरीफेरल पर हापुड़ रोड फ्लाईओवर से आगे उनका कैंटर एक अज्ञात वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कैंटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक अपने वाहन समेत मौके से फरार हो गया। फर्रुखाबाद निवासी चालक श्यामसुन्दर की मौके पर ही मृत्यु हो गई। गंभीर घायल रनजीत सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। पुत्र की असमय मौत के गम में रनजीत के पिता धीरज सिंह (70) का भी अगले दिन निधन हो गया। वेव सिटी थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
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पुलिस कार्रवाई और जांच
मृतक रनजीत के चचेरे भाई सरजीत सिंह ने वेव सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच पड़ताल के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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पीड़ित परिवार की स्थिति
रनजीत सिंह अपने दो भाइयों में छोटे थे और नोएडा में सुपर प्लम फ्रूट कंपनी में काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी प्रीती और दो बच्चे दीपांशु (11) व बिट्टू (9) हैं, जो नोएडा में पढ़ते और रहते थे। पिता धीरज सिंह गांव में खेती करते थे। रनजीत के बड़े भाई संजय सिंह की भी 10 वर्ष पहले हार्ट अटैक से मृत्यु हो चुकी है। अब परिवार में कोई बड़ा कमाने वाला नहीं बचा है।