किसान आंदोलन के छह माह: आंदोलनकारी आज मना रहे काला दिवस, दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर आज दिल्ली की सीमाओं पर बैठे अन्नदाता काला दिवस मना रहे हैं। छह माह पूरे होने के चलते सभी किसानों से अपने घरों व वाहनों पर काला झंडा लगाने का आह्वान किया गया है, वहीं देशभर के सभी धरनास्थलों पर काली पगड़ी व चुनरी पहनी जा रही है और धरना स्थलों के अलावा गांवों में पीएम का पुतला फूंका जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं का कहना है कि किसानों की मांग मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाना जरूरी है। वहीं काला दिवस मनाने के लिए काफी किसान बॉर्डर पर भी पहुंचे हैं। इन सभी आयोजनों के चलते तमाम धरनास्थलों पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
विस्तार
यूपी गेट पर काला दिवस मनाने के दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंच से किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को छह माह पूरे हो गए। यदि छह महीने में भी सरकार किसानों से बात नहीं करती तो इसका मतलब यह है कि आंदोलन लंबा चलेगा।
उन्होंने कहा कि किसान कभी भी सरकार के पुतले फूंकने में विश्वास नहीं रखता था मगर अब सरकार ने मजबूर कर दिया। काला दिवस के दिन यूपी बॉर्डर पर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में काले झंडे लगाकर विरोध हो रहा है।
कोरोना वायरस पर सरकार को घेरते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि बीमारी बड़ी है या कानून बड़े हैं। यदि बीमारी बड़ी है तो सरकार कानूनों को रद्द कर किसानों को उनके घर वापस जाने दे। मगर कोरोना तो एक बहाना है जिससे यह कानून बने रहे। देश में लूट होती रहे। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन लंबा चलाने के लिए भाकियू रणनीति बना रही है।
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने फूंका पुतला
गाजीपुर और गाजियाबाद बॉर्डर पर भी किसानों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका।
Farmers at Ghaziabad border protest and observe 'black day', as their agitation against Farm Laws continues. pic.twitter.com/gsnps8w2uy
— ANI (@ANI) May 26, 2021
यूपी गेट पर भी मनाया गया काला दिवस
यूपी गेट पर कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान काला दिवस मना रहे हैं। आंदोलन के छह माह पूरे होने पर सरकार की तरफ से कोई भी निष्कर्ष ना निकलने पर किसानों में गुस्सा भरा हुआ है। बुधवार को यूपी गेट पर आंदोलनकारी किसान काला दिवस मनाने के साथ-साथ केंद्र सरकार का पुतला जलाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस अधिकारियों ने किसानों से पुतला छीनने का प्रयास किया था, इसी बीच किसान और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी।
दिल्ली में कई जगहों पर पुलिस कर रही वाहनों की चेकिंग
दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा आज मनाए जा रहे काले दिवस को देखते हुए दिल्ली के कई जगहों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ग्रेटर कैलाश के एसएचओ ने बताया, 'हम सभी गाड़ियों की जांच कर रहे हैं, चाहे वो परमिट गाड़ी ही हो क्योंकि कहीं उस गाड़ी में कोई किसान न जा रहा हो।'
दिल्ली: कृषि कानूनों के विरोध में किसान द्वारा आज मनाए जा रहे काले दिवस को देखते हुए दिल्ली के कई जगहों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ग्रेटर कैलाश के SHO ने बताया,"हम सभी गाड़ियों की जांच कर रहे हैं,चाहे वो परमिट गाड़ी भी हो क्योंकि कहीं उस गाड़ी में कोई किसान न जा रहा हो।" pic.twitter.com/ypZIOWyBhG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2021
टीकरी बॉर्डर पर भी लगाए काले झंडे
टीकरी बॉर्डर पर भी प्रदर्शनरत किसानों ने काले झंडे लगाए हैं। किसानोंं ने आंदोलन स्थल पर तिरंगा किसान मोर्चा का झंडा और काला झंडा तीनों लगा रखा है।
कृषि कानूनों के खिलाफ टीकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बॉर्डर पर काले झंडे लगाकर आज काला दिवस मना रहे हैं। #FarmersProtests pic.twitter.com/Kd6Jf9vdpt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 26, 2021
अमृतसर के छब्बा गांव में लोगों ने घरों में लगाए काले झंडे
अमृतसर के छब्बा गांव में लोगों ने अपने घरों पर कृषि कानून के विरोध में काले झंडे लगाए। यह झंडे आंदोलनरत किसानों के आह्वान पर काला दिवस मनाने के लिए लगाए गए हैं।
Punjab: People put up black flags at their houses and on their tractors in Chabba village of Amritsar, as the farmers protesting against the Farm Laws, observe 'Black Day' today. pic.twitter.com/19rtAL3nyb
— ANI (@ANI) May 26, 2021
हम कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही कर रहे विरोध-प्रदर्शन: राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि हम काले झंडे के साथ ही तिरंगा भी लेकर चल रहे हैं। छह महीने हो गए हैं लेकिन सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है। इसलिए किसान काले झंडे रखने को मजबूर हुए हैं। हम सबकुछ शांतिपूर्वक करेंगे। हम कोविड के नियमों का पालन कर रहे हैं। यहां कोई नहीं आ रहा है। लोग जहां हैं वहीं झंडे लगा रहे हैं।
We're also carrying the tricolour. It has been 6 months now, but Govt is not listening to us. So farmers are putting up black flags. It'll be done peacefully. We're following COVID protocols. Nobody is coming here. People are putting up flags wherever they are: Rakesh Tikait, BKU pic.twitter.com/2x3Yb7gJ4a
— ANI (@ANI) May 26, 2021
सिंघु-टीकरी बॉर्डर समेत तमाम सीमाओं पर बढ़ाई सुरक्षा
किसान आंदोलन के छह महीने आज पूरे हो रहे हैं, इसे देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। सिंघु, टीकरी, गाजीपुर बॉर्डर समेत तमाम धरनास्थलों पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
Security deployment at Singhu border (Delhi-Haryana border) in wake of 'Black Day' being observed by protesting farmers today. #FarmLaws pic.twitter.com/CVgwAgQV7K
— ANI (@ANI) May 26, 2021