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Ghaziabad News: मंडोला समेत छह गांव के किसानों ने नगर पालिका कार्यालय पर लगाया ताला
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लोनी। मंडोला आवास विकास के खिलाफ धरने पर बैठे मंडोला समेत 6 गांव के किसानों ने समस्या का समाधान न होने पर लोनी नगर पालिका में तालाबंदी की। किसान लंबे समय से बढ़े मुआवजे समेत अन्य मांग को लेकर आवास विकास कार्यालय पर धरने पर बैठे हैं। किसानों ने नाराजगी जताई कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
किसान नेता नीरज त्यागी ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मंडोला समेत छह गांव के किसान अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों से वार्ता के बाद भी किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों की समस्या को नजर अंदाज करने पर किसानों ने पूर्व में पैदल मार्च निकाले और लोनी नगर पालिका पर तालाबंदी करने और उसके बाद जिला अधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने की आह्वाहन किया था। इसी के तहत सोमवार को किसानों ने लोनी नगर पालिका पहुंचकर तालाबंदी की। उसके बाद किसान नगर पालिका में धरने पर ही बैठ गए। तालाबंदी के दौरान कुछ अधिकारी अंदर बंद हो गए। किसानों ने बाद में उन्हें बाहर निकाल। धरने पर बैठने पर कुछ अधिकारी किसानों से मिलने आए और समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने और अपनी समस्या का समाधान की मांग करने लगे। नीरज त्यागी ने बताया कि किसान अपनी समस्या को लेकर भूख हड़ताल से लेकर, कई अनशन व धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ऊपर से आदेश मिलने के बाद किसान जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे।
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद तालाबंदी खुलेगी
नीरज त्यागी ने बताया कि अधिकारियों को किसानों ने दो टूक जवाब दिया है। किसानों ने कहा कि नौ साल से सभी अधिकारी हमारी मांगों से अवगत हैं। सक्षम अधिकारी हमारे बीच आकर बात करें जो टेबल किसान प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की तैयार की जाए। उस पर ही समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। उसके बाद ही तालाबंदी को सम्मानपूर्वक खोल दिया जाएगा।
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यह है किसानों की मांग
यूपीसीडा व उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा मंडोला, नानू, अगरौला, नवादा, मीरपुर, पंचायरा, गोठरा, घिटोरा आदि गांव की भूमि का अधिग्रहण का अधिग्रहण किया गया। जिसको लेकर किसान निरंतर विरोध करते आ रहे हैं। किसानों की मांग है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की मधुबन बापूधाम योजना में दिए गए मुआवजे ओर मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसानों को दिए गए मुआवजे में तीन वर्ष के अंतर को महंगाई दर के हिसाब से बढ़ोतरी करके दिया जाए। किसानों को दिए जाने वाले भूखंड भी मधुबन बापूधाम योजना की तर्ज पर 10% बगैर कटौती के सभी किसानों को निशुल्क दिए जाए। आबादी क्षेत्र को अर्जन मुक्त किया जाए ,पंचायती प्लाट जो 1980 व 1981 में ग्राम पंचायत मंडोला द्वारा दिए गए थे जिनको परिषद ने ध्वस्त करके अपने कब्जे में ले लिया, उनको सभी पात्रों को वापिस किया जाए।
धरने पर किसान यूनियन के लोग भी मौजूद रहे
धरना प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन से बिल्लू प्रधान, यूनियन के संगठन मंत्री प्रवीण मालिक, टीनू चौधरी, सुनील बालियान, शमशेर राणा, मनवीर प्रधान, मंडोला धरने के संयोजक महेंद्र सिंह त्यागी, शहजाद, चौधरी आबिद अली, नौशाद सिद्दीकी, मेहबां सिद्दीकी, सलीम मालिक, राजबीर त्यागी, चौधरी दिलबर, बॉबी त्यागी, राकेश त्यागी, लोकेंद्र त्यागी, सुरेश त्यागी समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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किसान नेता नीरज त्यागी ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में मंडोला समेत छह गांव के किसान अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कई बार अधिकारियों से वार्ता के बाद भी किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों की समस्या को नजर अंदाज करने पर किसानों ने पूर्व में पैदल मार्च निकाले और लोनी नगर पालिका पर तालाबंदी करने और उसके बाद जिला अधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने की आह्वाहन किया था। इसी के तहत सोमवार को किसानों ने लोनी नगर पालिका पहुंचकर तालाबंदी की। उसके बाद किसान नगर पालिका में धरने पर ही बैठ गए। तालाबंदी के दौरान कुछ अधिकारी अंदर बंद हो गए। किसानों ने बाद में उन्हें बाहर निकाल। धरने पर बैठने पर कुछ अधिकारी किसानों से मिलने आए और समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने और अपनी समस्या का समाधान की मांग करने लगे। नीरज त्यागी ने बताया कि किसान अपनी समस्या को लेकर भूख हड़ताल से लेकर, कई अनशन व धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ऊपर से आदेश मिलने के बाद किसान जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे।
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समझौते पर हस्ताक्षर के बाद तालाबंदी खुलेगी
नीरज त्यागी ने बताया कि अधिकारियों को किसानों ने दो टूक जवाब दिया है। किसानों ने कहा कि नौ साल से सभी अधिकारी हमारी मांगों से अवगत हैं। सक्षम अधिकारी हमारे बीच आकर बात करें जो टेबल किसान प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की तैयार की जाए। उस पर ही समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। उसके बाद ही तालाबंदी को सम्मानपूर्वक खोल दिया जाएगा।
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यह है किसानों की मांग
यूपीसीडा व उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा मंडोला, नानू, अगरौला, नवादा, मीरपुर, पंचायरा, गोठरा, घिटोरा आदि गांव की भूमि का अधिग्रहण का अधिग्रहण किया गया। जिसको लेकर किसान निरंतर विरोध करते आ रहे हैं। किसानों की मांग है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की मधुबन बापूधाम योजना में दिए गए मुआवजे ओर मंडोला विहार योजना से प्रभावित किसानों को दिए गए मुआवजे में तीन वर्ष के अंतर को महंगाई दर के हिसाब से बढ़ोतरी करके दिया जाए। किसानों को दिए जाने वाले भूखंड भी मधुबन बापूधाम योजना की तर्ज पर 10% बगैर कटौती के सभी किसानों को निशुल्क दिए जाए। आबादी क्षेत्र को अर्जन मुक्त किया जाए ,पंचायती प्लाट जो 1980 व 1981 में ग्राम पंचायत मंडोला द्वारा दिए गए थे जिनको परिषद ने ध्वस्त करके अपने कब्जे में ले लिया, उनको सभी पात्रों को वापिस किया जाए।
धरने पर किसान यूनियन के लोग भी मौजूद रहे
धरना प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन से बिल्लू प्रधान, यूनियन के संगठन मंत्री प्रवीण मालिक, टीनू चौधरी, सुनील बालियान, शमशेर राणा, मनवीर प्रधान, मंडोला धरने के संयोजक महेंद्र सिंह त्यागी, शहजाद, चौधरी आबिद अली, नौशाद सिद्दीकी, मेहबां सिद्दीकी, सलीम मालिक, राजबीर त्यागी, चौधरी दिलबर, बॉबी त्यागी, राकेश त्यागी, लोकेंद्र त्यागी, सुरेश त्यागी समेत अन्य किसान मौजूद रहे।