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फर्जी टीटीई : तेजस की पेंट्री में की थी नौकरी, वहां से जाने ट्रेन की चेकिंग के गुर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 03:05 AM IST
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Fake TTE: Worked in Tejas' pantry, learnt the tricks of checking trains from there
फर्जी टीटी
गाजियाबाद। अमृत भारत एक्सप्रेस में यात्रियों से अवैध उगाही करने वाले फर्जी टीटीई भूपेंद्र चौधरी को जीआरपी की टीम ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसको जेल भेज दिया गया। जांच में पता चला कि छह साल पहले उसने तेजस ट्रेन की पेंट्री में संविदा पर नौकरी की थी।
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इसी दौरान वह कभी कभी रिजर्वेशन में घुस जाता था। उसको कई टीटीई भी जान गए थे। यहीं से उसने टीटीई के चेकिंग के तरीके सीखे और फर्जी एक्सेस फेयर टिकट (ईएफटी) बुक छपवाकर यह काम शुरू कर दिया। बीते तीन साल से आरोपी इस काम को कर रहा था। एक बार में 10 हजार रुपये की कमाई होने पर ट्रेन से उतर जाता था।
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जीआरपी सीओ सुदेश गुप्ता ने बताया कि विजिलेंस की टीम को अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन में फर्जी टीटीई के होने की सूचना मिली थी। मंगलवार रात को आरोपी को गाजियाबाद में ट्रेन पहुंचने पर हिरासत में लिया गया। जो बुक उससे बरामद हुई, उन सभी टिकटों पर एक ही सीरियल नंबर लिखा मिला। आरोपी को पहले आरपीएफ के सुपुर्द किया गया। उससे फर्जी आइकार्ड, वर्दी, ईएफटी, करीब छह हजार की नकदी बरामद हुई।
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नकदी उसने जनसंपर्क क्रांति में ही ऐसे यात्रियों से वसूली थी, जो बिना टिकट थे, या फिर सामान्य टिकट लेकर रिजर्वेशन में घुस हुए थे। आरोपी भूपेंद्र मूलरूप से मथुरा के कोसी कलां स्थित तुमौला धाम का रहने वाला है। जीआरपी की टीम आरोपी के आपराधिक इतिहास का पता लगाने में जुटी है। उसके द्वारा अर्जित संपत्ति की भी जांच की जाएगी। बिहार, पूर्वांचल के अलावा जम्मू जाने वाली ट्रेनों में भी आरोपी अवैध वसूली कर चुका था।

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-सीओ बने नवरत्न गौतम, अब दुर्गेश को जिम्मेदारी : जीआरपी गाजियाबाद के निरीक्षक रहे नवरत्न गौतम पदोन्नत होकर सीओ बन गए। वह करीब सवा आठ माह ही जीआरपी के निरीक्षक रहे। इसके बाद उनका तबादला मुरादाबाद कर दिया गया। उनके बाद जीआरपी थाने की जिम्मेदारी दुर्गेश मिश्रा को दी गई है। दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि रेलवे यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए बेहतर प्रयास किया जाएगा।दुर्गेश अब से पहले सहारनपुर जीआरपी में तैनात थे। बता दें कि नवरत्न गौतम के कार्यकाल में बच्चा चोर गिरोह के अलावा बड़ी तादाद में यात्रियों के चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी हुई थी। जीआरपी मुख्यालय से उनको इसके लिए सम्मानित भी किया गया था।
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