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Ghaziabad News: ट्रेवल एजेंट के आधार कार्ड पर ट्रेडिंग व्यवसाय दिखाकर की 8.18 करोड़ की फर्जी बिलिंग
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इंदिरापुरम। शक्तिखंड में ट्रेवल एजेंट के आधार और पैनकार्ड पर एक शातिर ने ट्रेडिंग का व्यवसाय पंजीकृत कराके 8.18 करोड़ की फर्जी बिलिंग कर दी। उन्हें आयकर रिटर्न भरने के दौरान धोखाधड़ी का पता चला। इंदिरापुरम पुलिस ने लिखित शिकायत पर मुकदमा किया है। पुलिस जीएसटी विभाग से दूसरे पंजीकृत व्यवसाय का पता कर रही है।
शक्तिखंड के जितेंद्र कुमार ट्रेवल एजेंसी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से आयकर रिटर्न भरवा रहे थे। तभी पोर्टल पर उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड का प्रयोग कर नई दिल्ली के ओखला गांव में ट्रेडिंग का व्यवसाय पंजीकृत होने का पता चला। उनका आरोप हैै कि शातिर युवक ने व्यवसाय में 105 फर्जी जीएसटी बिल जारी कर आठ करोड़ अठारह लाख सात हजार पांच सौ तीस रुपये की फर्जी बिलिंग की है। विभाग से उसको जीएसटी नंबर भी जारी किया हुआ है, जबकि उनके ट्रेवल व्यवसाय का वित्तीय वर्ष 2023-24 में जीएसटी टर्नओवर 54 लाख रुपये है। जांच कराने पर पता चला युवक ने उनके कागजात पर 3 मार्च 2023 को जीएसटी नंबर पंजीकृत कराया था। उनका दावा है कि विभाग ने उनका वास्तविक जीएसटी नंबर नवंबर 2023 में किसी वजह से निलंबित कर दिया था। बाद में उन्होंने जवाब दाखिल किया तो मार्च 2024 में जीएसटी नंबर बहाल कर दिया। उन्होंने फर्जी बिलिंग से करोड़ों के लेन-देन करने पर पुलिस को लिखित शिकायत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि जीएसटी विभाग से दूसरे ट्रेडिंग व्यवसाय का पंजीकृत पता लेकर युवक से पूछताछ की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शक्तिखंड के जितेंद्र कुमार ट्रेवल एजेंसी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से आयकर रिटर्न भरवा रहे थे। तभी पोर्टल पर उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड का प्रयोग कर नई दिल्ली के ओखला गांव में ट्रेडिंग का व्यवसाय पंजीकृत होने का पता चला। उनका आरोप हैै कि शातिर युवक ने व्यवसाय में 105 फर्जी जीएसटी बिल जारी कर आठ करोड़ अठारह लाख सात हजार पांच सौ तीस रुपये की फर्जी बिलिंग की है। विभाग से उसको जीएसटी नंबर भी जारी किया हुआ है, जबकि उनके ट्रेवल व्यवसाय का वित्तीय वर्ष 2023-24 में जीएसटी टर्नओवर 54 लाख रुपये है। जांच कराने पर पता चला युवक ने उनके कागजात पर 3 मार्च 2023 को जीएसटी नंबर पंजीकृत कराया था। उनका दावा है कि विभाग ने उनका वास्तविक जीएसटी नंबर नवंबर 2023 में किसी वजह से निलंबित कर दिया था। बाद में उन्होंने जवाब दाखिल किया तो मार्च 2024 में जीएसटी नंबर बहाल कर दिया। उन्होंने फर्जी बिलिंग से करोड़ों के लेन-देन करने पर पुलिस को लिखित शिकायत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि जीएसटी विभाग से दूसरे ट्रेडिंग व्यवसाय का पंजीकृत पता लेकर युवक से पूछताछ की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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