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Ghaziabad News: हर महीने 53 करोड़ से अधिक का नुकसान उठा रहा ऊर्जा निगम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 02:47 AM IST
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Energy Corporation is incurring a loss of more than Rs 53 crore every month
गाजियाबाद। टेक्निकल और डिस्ट्रीब्यूशन लाॅस के चलते ऊर्जा निगम को हर माह करोड़ों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। जनपद में प्रतिमाह 680 मिलियन यूनिट बिजली उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल की जा रही है। इसके सापेक्ष वसूली महज 600 मिलियन यूनिट की ही हो पा रही है। ऐसे में प्रतिमाह निगम को 53 करोड़ से ज्यादा के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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लाइन लॉस को कम करने के लिए ऊर्जा निगम की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। राजस्व वसूली और बिजली के चोरी को रोकने को रोकने के लिए भी तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके लाइन लास पर लगाम नहीं लग पा रहा है। इसके कई कारण है। यूपीपीसीएल की ओर से जनपद को प्रतिमाह 680 मिलियन यूनिट बिजली जारी की जाती है। जिसमें से जनपद और लोगों के घरों तक पहुंचने में यह घट कर 40 मिलियन यूनिट प्रतिमाह 640 मिलियन यूनिट ही रह जाती है। जिसमें 10 प्रतिशत यानि 64 मिलियन यूनिट या तो लोगों द्वारा चोरी कर ली जाती है या फिर उनका भुगतान नहीं हो पाता है। जनपद में दस लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनको निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए ऊर्जा निगम की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लाइन लास कम नहीं होने से निगम को घाटा सहना पड़ रहा है।
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ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक बिजली की चोरी
मोदीनगर और लोनी में लाइन लास की समस्या सबसे ज्यादा है। ग्रामीण इलाकों में बिजली की चोरी रोकने के लिए लगातार अभियान भी चलाए जा रहे हैं। बावजूद इसके यहां बिल के बकायेदारों की लंबी सूची है। निगम की ओर से कई लोगों को आरसी जारी करके भी वसूली के लिए तगादा किया जा रहा है। गाजियाबाद जोन एक को अगर देखा जाए तो यहां लाइन लाॅस की समस्या सबसे कम है। कई ऐसे उपभोक्ता है जिनके बिल बकाया है तो वह भी कुछ समय में जमा करा दें रहे हैं। जोन एक में पिछले माह 175 मिलियन यूनिट बिजली खर्च की गई। जिसमें सापेक्ष 143 करोड़ रुपये की वसूली की गई। ऐसे में टेक्निकल और डिस्ट्रीब्यूशन लाॅस को अगर देखा जाए तो यह दो करोड़ रुपये से अधिक का बैठ रहा है।
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बयान
ऊर्जा निगम की ओर से लाइन लाॅस को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली चोरी को रोकने व वसूली के लिए भी विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बिल जमा करने को लेकर लोगों में भी जागरूकता आई है। जल्द ही टेक्निकल और डिस्ट्रीब्यूशन लास को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाया जाएगा। - एके सिंह, अधीक्षण अभियंता जोन एक
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