{"_id":"5890d8364f1c1bd97ee809fd","slug":"electoral-victory-of-war-of-everyone-in-the-family-busy","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनावी जंग की जीत में जुटे हैं सबके परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनावी जंग की जीत में जुटे हैं सबके परिवार
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 01 Feb 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
इलेक्शन
- फोटो : अमर उजाला
चुनावी प्रचार में प्रत्याशियों के साथ उनका परिवार भी कूद पड़ा है। प्रत्याशियों की पत्नियां, बच्चे, बहुएं और परिवार के अन्य सदस्यों ने काई न कोई जिम्मेदारी संभाल ली है। ऐसे में प्रत्याशियों के परिवार की दिनचर्या भी पूरी तरह से बदल गई है।
विज्ञापन
चुनाव से पहले घरेलू कार्यों में व्यस्त रहने वाली प्रत्याशियों की पत्नियां अब महिला कार्यकत्रियों के साथ डोर-टू-डोर प्रचार में जुटी हैं। शहरी विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे तीन मुख्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों भाजपा के अतुल गर्ग, बसपा के सुरेश बंसल और सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी केके शर्मा के परिजनों से बात की गई
विज्ञापन
तो पता चला कि सुबह से शाम तक इनके परिवार के सभी सदस्यों का कार्यक्रम पहले से ही फिक्स रहता है।
परिवार के हर सदस्य पर है जिम्मेदारी: अतुल गर्ग
भाजपा प्रत्याशी अतुल गर्ग के चुनाव प्रचार में उनकी पत्नी सुधा गर्ग, बेटे गौरव गर्ग, राघव गर्ग, बहुएं सुजाता गर्ग और निकिता गर्ग भी जुटी हुई हैं। बेटी गरिमा गुप्ता भी अपने पिता के प्रचार में पीछे नहीं हैं। अतुल गर्ग की पत्नी सुधा गर्ग परिवार के साथ-साथ घर आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए सुबह से ही नाश्ते और खाने की तैयारी में जुट जाती हैं।
विज्ञापन
दोपहर में वह भाजपा की महिला कार्यकत्रियों के साथ घर-घर जाकर अपने पति के लिए वोट मांगती हैं। सुधा गर्ग कई मोहल्लों में डोर-टू-डोर प्रचार करती हैं। उनके साथ दोनों बहुएं भी रहती हैं।
बेटे गौरव गर्ग की जिम्मेदारी संगठन के कार्यकर्ताओं की परेशानियों का ध्यान रखना है, जबकि छोटे बेटे राघव गर्ग पिता के चुनाव कार्यालय से लेकर बाहर तक की व्यवस्था संभालते हैं।
----
जी जान से लगा है पूरा परिवार : सुरेश बंसल
निवर्तमान विधायक और बसपा प्रत्याशी सुरेश बंसल का परिवार चुनाव में उनकी जीत के लिए जी-जान से जुटा है। सुबह सात बजे से ही घर पर मिलने वालों का आना शुरू हो जाता है, जिनके खानपान की जिम्मेदारी सुरेश बंसल की पत्नी मिथलेश बंसल संभालती हैं।
इसमें उनकी मदद पुत्रवधू अंसुल बंसल, बेटी आरती गोयल और बहन सुषमा गर्ग और उनकी पुत्रवधू ज्योति गर्ग करती हैं। सुबह नौ बजे सुरेश बंसल प्रचार के लिए कार्यकर्ताओं के साथ निकल जाते हैं, जिसके बाद घर पर आने वालों की आवभगत भी इन्हीं के जिम्मे है।
साथ ही घर की महिलाओं ने प्रचार की जिम्मेदारी भी संभाल रखी है। महिला वोटरों से मिलना और उनकी समस्याओं को समझने का काम भी इनके हिस्से में है। सुरेश बंसल ने बताया कि घर के सभी सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी बांट दी गई।
----
जिम्मेदारियां बांटकर पत्नी और बच्चों ने थामी प्रचार की कमान : केके शर्मा
कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रत्याशी केके शर्मा के साथ उनके परिवार की भी पूरी दिनचर्या बदल गई है। पूर्व विधायक केके शर्मा सुबह सात बजे जहां जनसंपर्क के लिए घर से निकल जाते हैं। वहीं, दूसरी ओर जिम्मेदारियां बांटकर उनकी पत्नी और दोनों बेटों ने भी प्रचार की कमान संभाल रखी है।
बड़े बेटे अनंत शर्मा ने निर्वाचन क्षेत्र का जिम्मा संभाला है तो छोटे बेटे मयंक शर्मा कुछ दिनों के लिए आईएएस की तैयारी छोड़कर पिता के प्रचार में जुट गए हैं। मयंक शर्मा सोशल मीडिया पर भी प्रचार की कमान संभाले हुए हैं।
वहीं, उनकी पत्नी मंजू शर्मा घर में खाने के साथ बाकी काम पूरा कर रोजाना सुबह 11 बजे महिलाओं की टोलियां बनाकर जनसंपर्क को निकल जाती हैं।