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Ghaziabad News: जिला पंचायत की आय बढ़ाने की कवायद, शराब की दुकानों से लेगी शुल्क
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बुलंदशहर। जिला पंचायत की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली शराब की दुकानों से लाइसेंस शुल्क के साथ ही संपत्ति कर के अनिवार्य रूप से भुगतान किए जाने का आदेश दिया है। शासन के आदेश के बाद जहां जिला पंचायत की आय में वृद्धि होगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी।
अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली व्यापारिक गतिविधियों से जिला पंचायत लाइसेंस व अन्य कर के रूप में वसूली करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली शराब की दुकानों से लाइसेंस शुल्क के साथ ही संपत्ति कर दिए जाने का प्रावधान है।
इस संबंध में प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार ने आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र जारी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली शराब की दुकानों को लाइसेंस शुल्क के साथ ही संपत्ति कर अनिवार्य रूप से जिला पंचायत को दिए जाने के लिए निर्देशित किया है।
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बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 294 शराब की दुकानें संचालित है, इनसे पांच सौ रुपये लाइसेंस शुल्क, छह हजार रुपये तक संपत्ति शुल्क का राजस्व के रूप में वसूली का प्रावधान है। शुल्क जमा नहीं करने वाले दुकानदारों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन के आदेश के बाद जिला पंचायत की आय बढ़ेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी।
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अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली व्यापारिक गतिविधियों से जिला पंचायत लाइसेंस व अन्य कर के रूप में वसूली करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली शराब की दुकानों से लाइसेंस शुल्क के साथ ही संपत्ति कर दिए जाने का प्रावधान है।
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इस संबंध में प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार ने आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र जारी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाली शराब की दुकानों को लाइसेंस शुल्क के साथ ही संपत्ति कर अनिवार्य रूप से जिला पंचायत को दिए जाने के लिए निर्देशित किया है।
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बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में 294 शराब की दुकानें संचालित है, इनसे पांच सौ रुपये लाइसेंस शुल्क, छह हजार रुपये तक संपत्ति शुल्क का राजस्व के रूप में वसूली का प्रावधान है। शुल्क जमा नहीं करने वाले दुकानदारों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन के आदेश के बाद जिला पंचायत की आय बढ़ेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी।