फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ED officer commits suicide in Ghaziabad

Ghaziabad News: ईडी के अधिकारी ने गाजियाबाद में किया सुसाइड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2024 05:36 AM IST
विज्ञापन
ED officer commits suicide in Ghaziabad
गाजियाबाद। भ्रष्टाचार के कथित आरोपों से घिरे ईडी के अधिकारी आलोक रंजन का शव गाजियाबाद में गौशाला फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। जीआरपी की टीम की जांच मेें सामने आया है कि ईडी के अधिकारी ने रेलवे ट्रैक पर अपना सिर रखकर आत्महत्या की है। शुरुआत में परिजनों ने जीआरपी को अधिकारी का केवल नाम बताया। उनके ईडी में अधिकारी होने की बात उन्होंने जीआरपी को नहीं बताई।
विज्ञापन

जीआरपी गाजियाबाद के सीओ सुदेश गुप्ता ने बताया कि 18 अगस्त को दो बजे रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना आई थी। मौके पर टीम ने पहुंचकर जांच की तो जेब से ड्राइविंग लाइसेंस और एक पर्ची मिली। पर्ची पर आलोक रंजन का नाम और राजनगर की एसजी ग्रांड सोसायटी का पता लिखा हुआ था। इसी आधार पर परिजनों को जानकारी दी गई। परिजन पोस्टमार्टम घर पर पहुंच गए। बाद में पता चला कि आलोक रंजन ईडी में अधिकारी थे।
विज्ञापन

-बेटा गया था गुमशुदगी दर्ज कराने : आलोक रंजन 18 अगस्त की सुबह को घर से बिना बताए लापता हो गए थे। परिजनों का उनसे फोन पर भी संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उनकी चिंता बढ़ गई। आलोक रंजन का बेटा पिता की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए नंदग्राम थाने भी गया था। इसी बीच उनको पिता के शव मिलने की जानकारी मिली। इसके बाद वह रोते हुए वहां से चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

-घूस लेने के मामले में सीबीआई ने दर्ज किया था केस : कुछ दिन पहले ईडी ने मुंबई के आभूषण कारोबारी के यहां छापा मारा था। पूरी कार्रवाई ईडी के सहायक निदेशक संदीप सिंह की अगुआई में की गई थी। आरोप है कि संदीप सिंह ने कारोबारी के बेटे को गिरफ्तार करने की धमकी दी। उसको छोड़ने की एवज में 20 लाख की मांग की। कारोबारी ने इसकी शिकायत सीबीआई में कर दी। सात अगस्त को सीबीआई ने संदीप सिंह को दिल्ली के लाजपतनगर से रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। सीबीआई के सामने संदीप सिंह ने आलोक रंजन का नाम लिया था। बताया जा रहा है कि आलोक रंजन तभी से तनाव में चल रहे थे।

-सोसायटी के लोगों से भी कम करते थे बात : आलोक रंजन राजनगर एक्सटेंशन की मोरटी के निकट स्थित एसजी ग्रांड सोसायटी में पिछले करीब पांच साल से रहते थे। परिवार में उनका एक बेटा व पत्नी है। सोसायटी के लोगों ने बताया कि आलोक रंजन सोसायटी में लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। सामाजिक कार्यक्रमों में भी उनका आना-जाना नहीं था। इस घटना के बाद भी उन्होंने सोसायटी के लोगाें से ज्यादा बात नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed