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Ghaziabad News: धुआं कम करने आईं ई-बसें डिपो पर फांक रहीं धूल
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साहिबाबाद। दिन ब दिन बढ़ते प्रदूषण और एक्यूआई को देखते हुए शहर में ग्रेप-4 के नियम लागू कर दिए गए हैं मगर धूल-धुआं कम करने के लिए लाई गईं ई-बसें साहिबाबाद डिपो में महीनों से धूूल फांक रही हैं।
वर्ष 2023 में प्रदूषण का बड़ा कारण मानते हुए दिल्ली एनसीआर में बीएस तीन व चार श्रेणी की बसों का संचालन प्रतिबंधित किया गया था और सीएनजी, बीएस-6 और ई-बसों को बेड़े में शामिल करने के आदेश दिए गए थे। इसको देखते हुए अगस्त 2025 में 38 ई-बसें साहिबाबाद डिपो को मिलीं मगर करीब आठ महीने से 34 ई-बसें डिपो पर ही खड़ी हैं, केवल चार बसों का ही संचालन मथुरा के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा साहिबाबाद डिपो से 40 बीएस चार श्रेणी की बसों का भी संचालन हो रहा है, जिसमें 18 पिंक बसें और 22 जनरथ बसें हैं।
साहिबाबाद डिपो एआरएम राजेश कुमार का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के सभी जरूरी उपाय सरकार और विभाग की ओर से जारी हैं। फिलहाल चार ई-बसों का संचालन किया जा रहा है, नए साल से बाकी बसें भी शुरू हो जाएगी। चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य भी जोरों से चल रहा है।
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चार्जिंग स्टेशन न बन पाने के कारण खड़ी हैं ई-बसें
चार्जिंग स्टेशन न बनने के कारण बसों का संचालन नहीं हो रहा है। वैकल्पिक चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद मथुरा के लिए बसें कौशांबी से संचालित हुईं इससे पहले ये बसें चार्जिंग के लिए नोएडा पर आश्रित थीं। वर्तमान में डिपो पर खड़ीं 37 बसों का संचालन पड़ोसी शहर मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अलीगढ़, मुरादाबाद, कासगंज, एटा, आगरा के लिए होना है मगर चार्जिंग स्टेशन न होने के कारण बसें संचालित नहीं हो पा रही हैं।
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वर्ष 2023 में प्रदूषण का बड़ा कारण मानते हुए दिल्ली एनसीआर में बीएस तीन व चार श्रेणी की बसों का संचालन प्रतिबंधित किया गया था और सीएनजी, बीएस-6 और ई-बसों को बेड़े में शामिल करने के आदेश दिए गए थे। इसको देखते हुए अगस्त 2025 में 38 ई-बसें साहिबाबाद डिपो को मिलीं मगर करीब आठ महीने से 34 ई-बसें डिपो पर ही खड़ी हैं, केवल चार बसों का ही संचालन मथुरा के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा साहिबाबाद डिपो से 40 बीएस चार श्रेणी की बसों का भी संचालन हो रहा है, जिसमें 18 पिंक बसें और 22 जनरथ बसें हैं।
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साहिबाबाद डिपो एआरएम राजेश कुमार का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के सभी जरूरी उपाय सरकार और विभाग की ओर से जारी हैं। फिलहाल चार ई-बसों का संचालन किया जा रहा है, नए साल से बाकी बसें भी शुरू हो जाएगी। चार्जिंग स्टेशन का निर्माण कार्य भी जोरों से चल रहा है।
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चार्जिंग स्टेशन न बन पाने के कारण खड़ी हैं ई-बसें
चार्जिंग स्टेशन न बनने के कारण बसों का संचालन नहीं हो रहा है। वैकल्पिक चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद मथुरा के लिए बसें कौशांबी से संचालित हुईं इससे पहले ये बसें चार्जिंग के लिए नोएडा पर आश्रित थीं। वर्तमान में डिपो पर खड़ीं 37 बसों का संचालन पड़ोसी शहर मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अलीगढ़, मुरादाबाद, कासगंज, एटा, आगरा के लिए होना है मगर चार्जिंग स्टेशन न होने के कारण बसें संचालित नहीं हो पा रही हैं।