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Ghaziabad News: व्यापार में हुआ घाटा तो शुरू किया डेबिट कार्ड बदलकर फ्रॉड का धंधा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 08 Feb 2024 01:23 AM IST
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Due to loss in business, started fraud business by changing debit card
गाजियाबाद। एटीएम बूथ में लोगों की मदद करने के बहाने डेबिट कार्ड बदलकर उनके खाते से रकम निकालने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को क्राइम ब्रांच ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से अलग-अलग बैंक के 92 डेबिट कार्ड, 52 हजार रुपये, स्वाइप मशीन, फर्जी नंबर प्लेट की कार समेत अन्य सामान बरामद किया है।
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एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर दिल्ली के नजफगढ़ निवासी गगन कुमार, दिल्ली के महरौली निवासी सोनू कुमार और गौतमबुद्धनगर के दनकौर निवासी देवेंद्र हैं, जबकि इनका चौथा साथी सूरज फरार है। देवेंद्र गिरोह का सरगना है और उसके खिलाफ पूर्व में मध्य प्रदेश, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में 25 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि सोनू के खिलाफ सात और गगन के खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं। तीनों आरोपी पूर्व में कई बार जेल जा चुके हैं। पूछताछ में पता चला कि तीनों 12वीं फेल हैं। देवेंद्र पूर्व में लूट, मारपीट, मोबाइल छिनैती व वाहन चोरी में जेल जा चुका है। एडीसीपी ने बताया कि इनके खातों के बारे में जानकारी की जा रही है कि इन्होंने कितने लोगों से कितने रुपये की ठगी की है।
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- नहीं चला साइबर कैफे तो यूट्यूब से सीखा फ्रॉड करने का तरीका
पूछताछ में गगन ने बताया कि पहले वह प्रोपर्टी डीलर था। इस काम में उसे कमाई नहीं हुई। इसके बाद उसने फरीदाबाद में साइबर कैफे खोल लिया। यह काम नहीं चला तो उसने यूट्यूब पर डेबिट कार्ड से फ्रॉड करने का तरीका सीखा। सोनू कपड़ों का काम करता था। जिसमें उसे घाटा हो गया। इसके बाद उसने गगन व देवेंद्र के साथ मिलकर फ्रॉड करना शुरू कर दिया।
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ऐसे बदलते थे कार्ड

एडीसीपी ने बताया कि आरोपी एटीएम बूथ में जाकर एक खराब कार्ड की चिप पर फेवीक्विक लगाकर मशीन में डालते हैं। जिससे मशीन में चिप रीडर की क्षमता समाप्त हो जाती है। दो साथी एटीएम के बाहर रहते हैं और एक साथी भीतर रहता है। जब कोई व्यक्ति एटीएम से पैसा निकालने आता है तो कार्ड की चिप को रीडर रीड नहीं कर पाता। इसी दौरान बूथ में खड़ा शातिर पासवर्ड देख लेता है और मदद के बहाने कार्ड बदल लेता है। वहां अपने ही साथी का नंबर लिखकर उसे कस्टमर केयर का बताकर कॉल मिलवाकर झांसे में लेकर वहां से भेज देता है। इसके बाद उसके कार्ड के जरिये स्वाइप मशीन के माध्यम से खाते से रकम निकाल लेते थे।
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