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दिवाली पर घर पहुंचे तो लौटना मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:26 AM IST
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दिवाली पर अगर आप किसी तरह घर पहुंच भी गए तो अब लौटना भी मुश्किल होगा। दिवाली के बाद नवंबर के पहले सप्ताह में पटना, इलाहाबाद, कानपुर, देहरादून, मुंबई, लखनऊ की ओर से दिल्ली लौटने वाली ट्रेनों में भी अब वेटिंग शुरू हो गई है। चंद ही ट्रेनें ऐसी हैं, जिनमें 10-12 सीटें बाकी हैं। यह सीटें भी सोमवार तक रिजर्व हो जाएंगी।
चार महीने पहले ही ट्रेनों में रिजर्वेशन शुरू हो जाते हैं। ऐसे में दिवाली पर दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा से अपने गांव जाने वाले लोगों ने एक जुलाई से ही ट्रेनों में रिजर्वेशन कराना शुरू कर दिया था।
दिल्ली से पटना, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, देहरादून की ओर जाने वाली ट्रेनें पहले ही फुल हो चुकी हैं। अब वापसी की ट्रेनों में भी रिजर्वेशन के लिए मारामारी मची है। पटना की ओर से दिल्ली आने वाली ट्रेनों में छठ पूजा के बाद भी सीटें खाली नहीं हैं।
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वापसी की इन ट्रेनों में रिजर्वेशन की मारामारी
पटना से दिल्ली रूट की फरक्का एक्सप्रेस, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस, कोलकाता एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस, कामाख्या एक्सप्रेस, सियालदह-दिल्ली एक्सप्रेस, मालदा टाउन-नई दिल्ली, मालदा टाउन-आनंद विहार एक्सप्रेस में दो नवंबर के बाद 15 नवंबर तक अधिकांश दिनों में वेटिंग लिस्ट बन गई है।
जबकि कुछ ट्रेनों में महज 10 से 20 सीटें बाकी हैं। देहरादून से दिल्ली लौटने वाली ट्रेनों देहरादून-नई दिल्ली जनशताब्दी, देहरादून-कोच्चुवली, उज्जैनी, देहरादून-इंदौर, उत्तरांचल एक्सप्रेस, मसूरी एक्सप्रेस में भी महज 5 से 40 सीटें बाकी बची हैं। यानी सोमवार तक इन ट्रेनों में भी वेटिंग लिस्ट शुरू हो जाएगी।
इसके अलावा लखनऊ से मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली जाने वाली ट्रेन रानीखेत एक्सप्रेस, सद्भावना, श्रमजीवी, काशी विश्वनाथ, महामना एक्सप्रेस में भी यही हाल है। रानीखेत एक्सप्रेस में दो से 7 नवंबर तक सेकेंड स्लीपर में सीटें नहीं बची हैं। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में दो और तीन नवंबर को वेटिंग शुरू हो गई है। महामना एक्सप्रेस में दो नवंबर तक की वेटिंग है।
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चार महीने पहले ही ट्रेनों में रिजर्वेशन शुरू हो जाते हैं। ऐसे में दिवाली पर दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा से अपने गांव जाने वाले लोगों ने एक जुलाई से ही ट्रेनों में रिजर्वेशन कराना शुरू कर दिया था।
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दिल्ली से पटना, लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, देहरादून की ओर जाने वाली ट्रेनें पहले ही फुल हो चुकी हैं। अब वापसी की ट्रेनों में भी रिजर्वेशन के लिए मारामारी मची है। पटना की ओर से दिल्ली आने वाली ट्रेनों में छठ पूजा के बाद भी सीटें खाली नहीं हैं।
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वापसी की इन ट्रेनों में रिजर्वेशन की मारामारी
पटना से दिल्ली रूट की फरक्का एक्सप्रेस, सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस, कोलकाता एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस, कामाख्या एक्सप्रेस, सियालदह-दिल्ली एक्सप्रेस, मालदा टाउन-नई दिल्ली, मालदा टाउन-आनंद विहार एक्सप्रेस में दो नवंबर के बाद 15 नवंबर तक अधिकांश दिनों में वेटिंग लिस्ट बन गई है।
जबकि कुछ ट्रेनों में महज 10 से 20 सीटें बाकी हैं। देहरादून से दिल्ली लौटने वाली ट्रेनों देहरादून-नई दिल्ली जनशताब्दी, देहरादून-कोच्चुवली, उज्जैनी, देहरादून-इंदौर, उत्तरांचल एक्सप्रेस, मसूरी एक्सप्रेस में भी महज 5 से 40 सीटें बाकी बची हैं। यानी सोमवार तक इन ट्रेनों में भी वेटिंग लिस्ट शुरू हो जाएगी।
इसके अलावा लखनऊ से मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली जाने वाली ट्रेन रानीखेत एक्सप्रेस, सद्भावना, श्रमजीवी, काशी विश्वनाथ, महामना एक्सप्रेस में भी यही हाल है। रानीखेत एक्सप्रेस में दो से 7 नवंबर तक सेकेंड स्लीपर में सीटें नहीं बची हैं। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में दो और तीन नवंबर को वेटिंग शुरू हो गई है। महामना एक्सप्रेस में दो नवंबर तक की वेटिंग है।