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Ghaziabad News: जिहादियों के खिलाफ फतवा जारी करने की मांग
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लोनी। लोनी की इंद्रा काॅलोनी में फलों के जूस में मानव मूत्र मिलाकर बेचे जाने के आरोप के मामले में रविवार को टीला शाहबाजपुर गांव में महापंचायत हुई। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे। साधु-संत भी आए। ड्रोन कैमरों की निगरानी और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच तीन घंटे चली महापंचायत में पांच प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें सभी तरह के जिहादियों के खिलाफ फतवा जारी किए जाने की मांग का प्रस्ताव सबसे प्रमुख रहा।
इस प्रस्ताव में कहा गया कि वोट जिहाद, लव जिहाद, रेल जिहाद, थूक जिहाद और मूत्र जिहाद चला रहे लोगों के खिलाफ मुस्लिम समाज सात दिन के भीतर महापंचायत कर मृत्युदंड का फतवा जारी करे। चेतावनी दी गई कि अगर फतवा जारी नहीं किया जाता है तो देश की 36 बिरादरी के लोग ऐसे लोगों की दुकानों से कोई सामान नहीं खरीदेंगे।
पंचायत में पास किए प्रस्तावों के संबंध में संतों ने लोनी के एसीपी भास्कर वर्मा और भाजपा के विधायक नंद किशोर गुर्जर को ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने विधायक से कहा कि मूत्र और थूक जिहाद करने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए विधानसभा में आवाज उठाकर कानून बनवाएं।
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साथ ही सवाल उठाया कि सिर तन से जुदा के नारे लगने पर भी दूसरे धर्म के बुद्धिजीवी क्यों खामोश रहे? इस खामोशी से लगता है कि इसमें उनकी भी सहमति है। विधायक ने ज्ञापन लेकर कहा कि वह साधु-संतों के साथ हैं। सभी मांगों को पूरा करने का भरसक प्रयास किया जाएगा।
पंचायत में डाॅ. आयुषी ने कहा, कुछ लोग कहते हैं कि दुकान पर दुकानदार का नाम लिखने से सांप्रदायिकता भड़कती है। वे अब क्यों चुप हैं? उन्होंने शेर सुनाया, हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वे कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता। अशोक महंत ने कहा, जो लोग मूत्र मिला सामान बेचेंगे, उसे नहीं रहने देंगे हिंदुस्तान में। ऐसे लोग चले जाएं अपने जहान में।
महापंचायत का मांग पत्र
1. जिहाद करने वाले लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों को मृत्युदंड या उम्रकैद की सजा दिए जाने का कानून बनाया जाए।
2. जनसंख्या नियंत्रण के लिए दो बच्चों का कानून बनाया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में यथा शीघ्र इस संबंध में कानून बनाने का काम करें।
3. सभी दुकानों, रेस्तरां और होटल पर संचालक का नाम लिखा जाना अनिवार्य किया जाए। सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध है कि इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
4. रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को देश से खदेड़ने के लिए कठोर कानून बनाया जाए। अगर इसमें देरी हुई तो जनजागरण अभियान चलाकर लोकसभा का घेराव किया जाएगा।
सनातनियों का धर्म भ्रष्ट करने की साजिश
महापंचायत में साध्वी प्राची ने कहा, तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मछली का तेल और पशु चर्बी मिलाई जा रही है। इस तरह सनातनियों का धर्म भ्रष्ट करने की साजिश हो रही है। इस पर सोनिया गांधी चुप हैं और शंकराचार्य भी। बांग्लादेश में हिंदू बच्चियों के साथ बर्बरता हुई, तब भी कोई कुछ नहीं बोला। हमें सचेत रहने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि जब फल और सब्जी बेचने वालों से उनका नाम अवश्य पूछा जाए।
मजबूत नहीं रहे तो मिट जाएगा अस्तित्व
दीपांकर महाराज ने कहा, जूस में मूत्र मिलाने की घटना डराने वाली है। ऐसे लोगों ने न इंसान को छोड़ा और न भगवान को। प्रसाद में भी चर्बी मिला रहे हैं। अगर सनातनी मजबूत नहीं रहेंगे तो अस्तित्व मिट जाएगा। सभी के एकजुट होने का समय आ गया है।
जिसका धर्मगुरु नहीं, उसका बंटाधार
राजेंद्र महाराज ने कहा, लव जिहाद और थूक जिहाद ही नहीं, एक और तरह का जिहाद चल रहा है। यह साधु-संतों को बदनाम करने का है। कुछ लोग साधु-संतों के कपड़े पहनते हैं। इसके बाद वीडियो बनाते हैं और फिर वीडियो को वायरल कर देते हैं। इससे सतर्क रहने की आवश्यकता है। जिस जिसका धर्मगुरु नहीं होता, उसका बंटाधार होता है।
चार और छह बच्चे चाहिए
महंत मंगल पांडेय ने कहा, अब दो नहीं, चार और छह बच्चे होने चाहिए। लोग अपने एक बच्चो को संत बनाएं। भारत का संत हमेशा हिंदू समाज के लिए काम करेगा।
सरकार को मजबूर कर दो
दयाल महाराज ने कहा, सनातन धर्म जाग रहा है। हमें और लोगों को भी जगाना है। उत्तर प्रदेश की सरकार को मजबूर कर दो कि जिहादियों के खिलाफ ऐसा कानून लेकर आए जिससे उनकी रूह कांप जाए।
लैब की रिपोर्ट का इंतजार
जूस में मूत्र मिलाए जाने का मामला 13 सितंबर का है। इंद्रा काॅलोनी में खुशी जूस कार्नर पर कुछ लोगों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि दुकानदार आमिर जूस में मूत्र मिलाकर देता है। पुलिस ने लोगों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आमिर को गिरफ्तार कर लिया। उसकी दुकान से दो केन मिली। उनमें मूत्र भरा था। आमिर का कहना था कि वह केन में ही मूत्र उसने ही भरा लेकिन इसे कभी फलों के जूस में नहीं मिलाया। पुलिस ने केन के जूस को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। इसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ता जा रहा विवाद
13 सितंबर को लोगों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुकानदार आमिर पर केस दर्ज किया।
14 सितंबर को कुछ लोगों ने जूस की दुकानों पर हंगामा किया। तीन दुकानों को बंद कराया।
18 सितंबर को सीएम योगी गाजियाबाद आए तो विधायक नंद किशोर ने उनके सामने यह मामला रखा।
19 सितंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोनी में जूस की दुकानों का सर्वे शुरू किया।
20 सितंबर को विधायक नंद किशोर ने चेतावनी दी कि जो लोग बगैर लाइसेंस के जूस बेच रहे हैं, वे दिल्ली चले जाए।
21 सितंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोनी में जूस की दुकानों पर चेकिंग का अभियान चलाया।
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इस प्रस्ताव में कहा गया कि वोट जिहाद, लव जिहाद, रेल जिहाद, थूक जिहाद और मूत्र जिहाद चला रहे लोगों के खिलाफ मुस्लिम समाज सात दिन के भीतर महापंचायत कर मृत्युदंड का फतवा जारी करे। चेतावनी दी गई कि अगर फतवा जारी नहीं किया जाता है तो देश की 36 बिरादरी के लोग ऐसे लोगों की दुकानों से कोई सामान नहीं खरीदेंगे।
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पंचायत में पास किए प्रस्तावों के संबंध में संतों ने लोनी के एसीपी भास्कर वर्मा और भाजपा के विधायक नंद किशोर गुर्जर को ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने विधायक से कहा कि मूत्र और थूक जिहाद करने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए विधानसभा में आवाज उठाकर कानून बनवाएं।
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साथ ही सवाल उठाया कि सिर तन से जुदा के नारे लगने पर भी दूसरे धर्म के बुद्धिजीवी क्यों खामोश रहे? इस खामोशी से लगता है कि इसमें उनकी भी सहमति है। विधायक ने ज्ञापन लेकर कहा कि वह साधु-संतों के साथ हैं। सभी मांगों को पूरा करने का भरसक प्रयास किया जाएगा।
पंचायत में डाॅ. आयुषी ने कहा, कुछ लोग कहते हैं कि दुकान पर दुकानदार का नाम लिखने से सांप्रदायिकता भड़कती है। वे अब क्यों चुप हैं? उन्होंने शेर सुनाया, हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वे कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता। अशोक महंत ने कहा, जो लोग मूत्र मिला सामान बेचेंगे, उसे नहीं रहने देंगे हिंदुस्तान में। ऐसे लोग चले जाएं अपने जहान में।
महापंचायत का मांग पत्र
1. जिहाद करने वाले लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों को मृत्युदंड या उम्रकैद की सजा दिए जाने का कानून बनाया जाए।
2. जनसंख्या नियंत्रण के लिए दो बच्चों का कानून बनाया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में यथा शीघ्र इस संबंध में कानून बनाने का काम करें।
3. सभी दुकानों, रेस्तरां और होटल पर संचालक का नाम लिखा जाना अनिवार्य किया जाए। सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध है कि इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
4. रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को देश से खदेड़ने के लिए कठोर कानून बनाया जाए। अगर इसमें देरी हुई तो जनजागरण अभियान चलाकर लोकसभा का घेराव किया जाएगा।
सनातनियों का धर्म भ्रष्ट करने की साजिश
महापंचायत में साध्वी प्राची ने कहा, तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मछली का तेल और पशु चर्बी मिलाई जा रही है। इस तरह सनातनियों का धर्म भ्रष्ट करने की साजिश हो रही है। इस पर सोनिया गांधी चुप हैं और शंकराचार्य भी। बांग्लादेश में हिंदू बच्चियों के साथ बर्बरता हुई, तब भी कोई कुछ नहीं बोला। हमें सचेत रहने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि जब फल और सब्जी बेचने वालों से उनका नाम अवश्य पूछा जाए।
मजबूत नहीं रहे तो मिट जाएगा अस्तित्व
दीपांकर महाराज ने कहा, जूस में मूत्र मिलाने की घटना डराने वाली है। ऐसे लोगों ने न इंसान को छोड़ा और न भगवान को। प्रसाद में भी चर्बी मिला रहे हैं। अगर सनातनी मजबूत नहीं रहेंगे तो अस्तित्व मिट जाएगा। सभी के एकजुट होने का समय आ गया है।
जिसका धर्मगुरु नहीं, उसका बंटाधार
राजेंद्र महाराज ने कहा, लव जिहाद और थूक जिहाद ही नहीं, एक और तरह का जिहाद चल रहा है। यह साधु-संतों को बदनाम करने का है। कुछ लोग साधु-संतों के कपड़े पहनते हैं। इसके बाद वीडियो बनाते हैं और फिर वीडियो को वायरल कर देते हैं। इससे सतर्क रहने की आवश्यकता है। जिस जिसका धर्मगुरु नहीं होता, उसका बंटाधार होता है।
चार और छह बच्चे चाहिए
महंत मंगल पांडेय ने कहा, अब दो नहीं, चार और छह बच्चे होने चाहिए। लोग अपने एक बच्चो को संत बनाएं। भारत का संत हमेशा हिंदू समाज के लिए काम करेगा।
सरकार को मजबूर कर दो
दयाल महाराज ने कहा, सनातन धर्म जाग रहा है। हमें और लोगों को भी जगाना है। उत्तर प्रदेश की सरकार को मजबूर कर दो कि जिहादियों के खिलाफ ऐसा कानून लेकर आए जिससे उनकी रूह कांप जाए।
लैब की रिपोर्ट का इंतजार
जूस में मूत्र मिलाए जाने का मामला 13 सितंबर का है। इंद्रा काॅलोनी में खुशी जूस कार्नर पर कुछ लोगों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि दुकानदार आमिर जूस में मूत्र मिलाकर देता है। पुलिस ने लोगों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आमिर को गिरफ्तार कर लिया। उसकी दुकान से दो केन मिली। उनमें मूत्र भरा था। आमिर का कहना था कि वह केन में ही मूत्र उसने ही भरा लेकिन इसे कभी फलों के जूस में नहीं मिलाया। पुलिस ने केन के जूस को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। इसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ता जा रहा विवाद
13 सितंबर को लोगों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुकानदार आमिर पर केस दर्ज किया।
14 सितंबर को कुछ लोगों ने जूस की दुकानों पर हंगामा किया। तीन दुकानों को बंद कराया।
18 सितंबर को सीएम योगी गाजियाबाद आए तो विधायक नंद किशोर ने उनके सामने यह मामला रखा।
19 सितंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोनी में जूस की दुकानों का सर्वे शुरू किया।
20 सितंबर को विधायक नंद किशोर ने चेतावनी दी कि जो लोग बगैर लाइसेंस के जूस बेच रहे हैं, वे दिल्ली चले जाए।
21 सितंबर को खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोनी में जूस की दुकानों पर चेकिंग का अभियान चलाया।