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साधारण मलेरिया घटा, खतरनाक श्रेणी में इजाफा
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 25 Apr 2016 12:46 AM IST
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- फोटो : getty images
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गाजियाबाद के पिछले चार साल के आंकड़ों के लिहाज से साधारण श्रेणी प्लास्मोडियम वाइवेक्स (पीवी) के मलेरिया के मरीजों की संख्या घटी है, लेकिन इसकी खतरनाक श्रेणी प्लाज्मोडियम फेल्सिपेरम (पीएफ) में बढ़ोत्तरी हुई है।
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2014 की तुलना में 2015 में इस श्रेणी के मरीजों की संख्या 27 अधिक रही। इस वर्ष अभी मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप शुरू नहीं हुआ है, लेकिन डॉक्टरों ने लोगों को सावधान रहने की सलाह देनी शुरू कर दी है।
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कोलंबिया एशिया अस्पताल के फिजिशियन डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि मलेरिया के अधिकतर मामलों का इलाज संभव है, लेकिन मलेरिया के कुछ प्रकार दिल, फेफड़े, किडनी या मस्तिष्क को भी गंभीर क्षति पहुंचाते हैं।
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सबसे अधिक खतरनाक पीएफ के वायरस होते हैं, जो मस्तिष्क पर असर करते हैं। सबसे अधिक गंभीर बात मलेरिया का दोबारा होना है। मलेरिया के पैरासाइट्स र्कई महीनों तक लिवर में निष्क्रिय रहते हैं और कुछ समय बाद वह फिर से सक्रिय हो जाते हैं। यह स्थिति मलेरिया के इलाज को अधूरा छोड़ देने की वजह से होती है। इससे बचाव के लिए सबसे पहले कोशिश यह होनी चाहिए कि मच्छरों को पनपने न दिया जाए।